मैंने उसका इस्तेमाल किया या उसने मेरा 1

मैंने उसका इस्तेमाल किया या उसने मेरा 1

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम गौतम है और में नासिक में रहता हूँ Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories Antarvasna1.com मेरी उम्र 24 साल है। अब जो में कहानी आप लोगों के साथ शेयर करने जा रहा हूँ.. वो मेरा पहला अनुभव था.. जो कि एक सेल्स गर्ल के साथ हुआ था। अब में अपनी कहानी पर आता हूँ। ये बात तब की है.. जब मेरी उम्र लगभग 23 साल की थी।

ये गर्मियो के महीने की बात है.. शायद जून या जुलाई की है। मेरे घर के सभी लोग पापा, मम्मी और छोटा भाई गावं गये हुए थे और घर पर में लगभग 18 दिनों के लिए अकेला था। आप लोगों को एक बात और बताना चाहूँगा कि ये वो टाईम था.. जब मुझे ब्लू फिल्म देखने और सेक्सी कहानी पढ़ने का शौक लगा हुआ था.. तो जैसे ही मेरे घरवाले गावं गये। उसके बाद में 5-6 दिनों से रोजाना ब्लू फिल्म देख रहा था और एक दिन में 3-4 बार मुठ मार लिया करता था।

ऐसा करने से मेरे लंड में थोड़ा दर्द होने लगा था। फिर मैंने सोचा कि अब 3-4 दिन कोई मुठ नहीं मारूँगा और मैंने ब्लू फिल्म देखना छोड़कर टी.वी. देखकर टाईम पास करने लगा।

फिर 1-2 दिन ऐसे ही निकल गये.. तो एक दिन जब में टी.वी. देख रहा था.. तो मुझे घर का गेट लॉक करने की आवाज़ आई.. तो में बाहर देखने के लिए गया.. तो वहां एक लड़की खड़ी थी। उसकी उम्र 23-24 साल के आस पास होगी.. उसका कलर सांवला था और फिगर की तो बात ही छोड़ दो.. क्या फिगर था उसका? उसने एक सफ़ेद कलर का टॉप और जीन्स पहनी हुई थी।

में समझ गया था कि वो एक सेल्सगर्ल है.. वैसे तो रोज ही कोई ना कोई कुछ ना कुछ बेचने के लिए हमारी कॉलोनी में आता ही रहता था और अगर कोई सेल्समेन किसी प्रोडक्ट को बेचने आता था.. तो उसे में गेट से ही भगा देता था.. क्योंकि ये लोग फालतू में आकर टाईम खराब करते थे..

लेकिन जब मैंने उस सेल्सगर्ल को देखा तो सोचा कि इससे बात कर लेना चाहिये। जैसा कि मैंने बताया.. ये जून या जुलाई का महिना था.. तो गर्मी तो अपनी चरम सीमा पर थी और गर्मी का असर उस सेल्सगर्ल पर भी दिख रहा था.. वो पसीने में भीगी हुई थी और उसका चेहरा देखकर समझ में आ रहा था कि गर्मी में घूमकर उसकी हालत खराब हो गई है।

जब में उसके पास गया.. तो उसने बताया कि वो ब्यूटी प्रोडक्ट्स सेल्स करती है। उसने मुझसे पूछा कि आपके घर में कोई लेडीस है। फिर में नहीं बोला.. अभी सब बाहर गये हुए है.. तो उसने बोला ठीक है और कुछ प्रोडक्ट्स दिखाकर पूछा कि आप कुछ लेना चाहेंगे.. तो मैंने बोला कि में इन्हें लेकर क्या करूँगा?

फिर वो अपनी वही स्टाईल आज़माने लगी.. जो कि कोई भी सेल्सगर्ल आजमाती है.. लेकिन वो बात बड़े प्यार से कर रही थी और कहने लगी कि आप इसे किसी को भी गिफ्ट कर सकते है या आपके घर में किसी भी लेडीस को दे सकते है। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर मैंने कहा कि मेरे घर में सिर्फ़ मेरी मम्मी ही अकेली लेडीस है और उन्हें ज्यादा मेकअप का कोई शौक भी नहीं है। वो अब भी धूप में ही खड़ी थी और बार-बार अपने हाथों से अपने माथे का पसीना पोंछ रही थी। फिर उसने कहा इट्स ओके और थोड़ा मुँह लटकाकर जाने लगी…लेकिन वो रुक गई और बोली कि एक ग्लास पानी मिलेगा।

फिर मैंने बोला कि अभी लाता हूँ और में पानी लेने अंदर चला गया। जब में फ्रिज में से पानी की बोतल निकालने लगा.. तो मुझे लगा कि उसे अंदर बुला लेता हूँ.. क्योंकि गर्मी इतनी थी कि घर का कूलर चालू होने के बाद भी मुझे भी काफ़ी गर्मी लग रही थी। फिर मैंने सोचा कि उसका क्या हाल हो रहा होगा।

फिर मैंने पानी की बोतल और एक ग्लास लिया और हॉल में गया और वही से उसे आवाज़ लगाई कि आप अंदर आ जाइये.. मुझे लगा कि वो मना करेगी.. लेकिन वो मेरी आवाज़ सुनते ही अंदर आने लगी।

जब वो हॉल में आई.. तो मैंने उसे सोफे पर बैठने को कहा और वो थैंक यू बोलकर बैठ गई। फिर मैंने पानी का ग्लास भरा और उसे दे दिया। में आप लोगों को बता दूँ कि में लड़कियों से बात करने में उतना अच्छा नहीं हूँ.. क्योंकि मेरी शुरू से ही कोई भी लड़की फ्रेंड नहीं थी…शायद इसलिये पानी पीने के बाद उसने ग्लास मुझे दिया और फिर से थैंक यू बोला। मैंने ग्लास लिया और पूछा कि आपका नाम क्या है?

तो उसने उसके गले में जो आई-डी कार्ड लटका हुआ था.. उसे दिखाते हुए बोली.. सपना और फिर उसने मुझसे मेरा नाम पूछा। फिर मैंने बोला गौतम.. तो वो बोली कि मेरे कजिन ब्रदर का नाम भी गौतम है.. तो अब में चलती हूँ। फिर मैंने बोला कि आप चाहो तो थोड़ी देर रुककर आराम कर सकती हो.. लेकिन उसने बोला नहीं थैंक यू और कहने लगी कि आज आपकी पूरी कॉलोनी के सभी घरों में जाना है।

फिर उसने पूछा कि आपकी कॉलोनी में लगभग कितने मकान होंगे? तो मैंने कहा कि यही कुछ 250-300 के आसपास.. तो वो बोली ओह नो.. अभी तो में बस लगभग 100 ही घरों में गई हूँ और 2 भी बज चुके है। फिर मैंने बोला कि आज तो आप पूरे घरो में नहीं जा पाओगी.. तो उसने कहा लगता है कल फिर आना पड़ेगा।

फिर मैंने कहा कि अब तो आप थोड़ी देर रुककर आराम कर सकती है और उसके चेहरे पर स्माईल आ गई और वो हँसते हुए कहने लगी.. हाँ अब तो थोड़ा रुक सकती हूँ और वो रुकने को तैयार हो गई।

में भी उसके सामने वाले सोफे पर बैठ गया और पूछने लगा कि आप कहाँ से हो.. तो उसने बताया कि वो महाराष्ट्र से है और यहाँ नासिक में पिछले 6 महीने से जॉब कर रही है। फिर मैंने पूछा कि आपने कहा तक पढाई की है.. तो उसने बताया कि उसने बी.ए. किया हुआ है।

फिर धीरे-धीरे वो भी मेरे बारे में पूछने लगी और बातों ही बातों में 2:30 बज गये और फिर उसने कहा कि अब में चलती हूँ। फिर मैंने कहा कि ठीक है और वो हँसते हुए बाय कहकर चली गई और में वापस टी.वी. देखने लगा.. शाम के 8 बज गये और में खाने के लिए एक रेस्टोरेंट में गया और वापस 9 बजे तक घर आ गया.. क्योंकि में 2-3 दिनों से रोज टी.वी. देख रहा था और इन दिनों में एक बार भी मुठ नहीं मारी थी.. तो मेरे लंड का दर्द भी चला गया था।

फिर मैंने रात को ब्लू फिल्म देखने का प्लान बनाया और ब्लू फिल्म देखने लगा। ब्लू फिल्म देखते-देखते मेरा लंड खड़ा हो गया और मुझे चूत की ज़रूरत सताने लगी.. लेकिन में मुठ मारने के अलावा और कर भी क्या सकता था.. तो में मूठ मारने लगा l

लेकिन मुझे एकदम से ही उस सेल्सगर्ल सपना की याद आ गई और में सोचने लगा कि मैंने उसे जाने कैसे दिया.. उसका नंबर तक नहीं लिया। मुझे अपने आप पर थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

उस रात मैंने 3 बार उसी सपना को सोच-सोचकर मुठ मारी और ये सोचकर सो गया कि अब कुछ नहीं हो सकता। जब में सुबह उठा.. तो मैंने अपने लिये नाश्ता बनाया और नहा धोकर फिर से टी.वी. देखने लगा। दिन धीरे धीरे कट रहा था.. तभी मुझे गेट की आवाज़ सुनाई दी और में देखने गया।

मैंने जैसे ही बाहर देखा.. तो में फूला नहीं समा रहा था.. क्योंकि मेरे सामने फिर से वही सपना खड़ी हुई थी और मुझे देखकर स्माईल कर रही थी और उसने एकदम से पूछा कि में अंदर आ सकती हूँ गौतम जी। मैंने कहा आइये प्लीज़.. आपको रोका किसने है? वो अंदर आने लगी और मैंने सोचा आज तो कुछ ना कुछ बात आगे बड़ा कर ही रहूँगा।

आज उसने पीले कलर का टॉप और शायद जो जीन्स कल पहनी हुई थी.. वही पहनी थी। लेकिन आज वो कल से भी ज्यादा टाईट लग रही थी.. टाईट से मतलब शायद उसका टॉप कल वाले टॉप से ज्यादा टाईट था.. वो अंदर आ गई और बैठ गई। फिर मैंने कहा कि आज फिर से कैसे? तो वो बोली पहले कम से कम पानी तो पिला दो।

उस टाईम ऐसा लगा कि लंड ही पिला देता हूँ। में किचन में गया और पानी लेकर आया और उसे दिया। फिर वो बोली मैंने कहा था ना तुमारी कॉलोनी में कल फिर से आउंगी। फिर मैंने कहा कि हाँ में भूल गया था और में सच में ये बात भूल गया था। मैंने सोचा आज कि इससे बात आगे बड़ा कर ही रहूँगा।

फिर में उस सोफे पर जाकर बैठ गया.. जिस पर वो बैठी थी.. उस सोफे पर तीन लोग आराम से बैठ सकते थे.. क्योंकि में उस टाईम घर में अकेला था। मैंने पजामा और टी-शर्ट पहना हुआ था और उसके साथ सेक्स करने का सोचकर मेरा लंड हल्का सा खड़ा हो गया था.. लेकिन वो पजामे के ऊपर से दिख नहीं रहा था।

फिर मैंने उससे पूछा कि आज कितने घरों पर जा चुकी हो.. तो वो बोली तुम्हारी पूरी कॉलोनी में घूम चुकी हूँ और सभी घरों पर जा चुकी हूँ.. लेकिन तुम्हारी कॉलोनी वाले बहुत कंजूस है.. बिल्कुल तुम्हारी तरह। कुछ ही लोगों ने मुझसे ये प्रोडक्ट खरीदे है। फिर मैंने बोला कि मुझे दूसरो का तो पता नहीं.. लेकिन में तो कंजूस नहीं हूँ।

अगर में आप से ये खरीद भी लेता.. तो में इनका करता क्या? वो झट से बोली कि अपनी गर्लफ्रेंड को गिफ्ट कर देते। में थोड़ा हंसा और बोला कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.. तो वो बोली हो ही नहीं सकता। मैंने कहा सच में नहीं है। वो बोली ठीक है.. में तुम्हारा विश्वास कर लेती हूँ और उस कंजूस वाली बात का बुरा मत मानना.. में तो मजाक कर रही थी। में बोला कि मुझे बुरा नहीं लगा।

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