मेरी मस्त गांड रसीली चूत वाली चाची

मेरी मस्त गांड रसीली चूत वाली चाची

दोस्तों आज मै अपनी चाची की के साथ चुदाई की पूरी घटना अपलोगो को बताता हूँ मेरी चाची ३० साल की है उनका नाम संगीता है | उनके फिगर का साइज़ ३६-३०-३८ का है देखने में इतनी सेक्सी है क्या बताऊ जब चलती है तो पीछे से देखने पर किसी का भी लंड खड़ा हो जाता है लोग अगर रोड पर चलते हुए देख ले तो आहे भरने लगाते है | एक दिन की बात है चाची घर में कपड़े धो रही थी और मै वही पर नहा रहा था और साबुन मेरे मुह पर लगा हुआ था वैसे आप लोगो को तो पता होगा गाव में लोगो के घर में पानी वाला हैंडपंप होता जिसे हाथ से चलाया जाता है कुछ जगहों पर लोग इसे चापाकल भी कहते है चाची चापाकल चलाने लगी और उनका बूब्स अन्दर बहार होने लगा मै अपने सर पर साबुन रगड़ते हुए उनके बूब्स देख रहा था चाची की नजर मेरे ऊपर नही थी इतने में मेरा लंड खड़ा हो के अंडरवियर से बाहर निकल चूका था पर मुझे नही पता था की मेरा <लंड मेरे अंडरवियर से बहार निकल चूका है मेरे देखने से पहले ही चाची ने मेरे लंड को देख लिया और जब वो मेरी तारफ देख रही थी मैंने अपनी मुंडी घुमा के दूसरी तरफ कर नहाने लगा तब तक चाची ने मुझे बोल दिया वो क्या दिख रहा है और इतना सुनते ही मै सकपका गया और जल्दी जल्दी अंदर कर लिया और जल्दी जल्दी नहा कर अपने रूम में जा कर कपड़े बदल कर बाहर चला गया और शाम को घर आकर खाना खाया और अपने रूम में जाकर सो गया रात को करीब १२ बजे चाची मेरे कमरे में आकर मेरे लंड को पकड़ के सहलाने लगी मेरा ६.५ इंच का लंड नीद में ही खड़ा हो गया | मुझे लगा मै कोई सपना देख रहा हूँ | और तब तक मेरी नीद खुल गयी और मेरे मुह से निकला चाची आप चाची ने मेरा मुह दबा दिया और धीरे से बोली शांत रहो बसे मजे लो बोलो मत नही तो कोई सुन लेगा और मै चुपचाप लेटा रहा और चाची ने मेरा लंड अपने मुह में ले लिया और मुह में अन्दर बहार करने लगी तब तक मैंने अपना हाथ उनके पैंटी में डाल चूका था चाची की चूत से लसलसा सा पानी निकल रहा था मैंने चाची को धीरे से बोला अब मुझे अन्दर डालने दो न वो मान गयी और बेड पे लेट के साड़ी को ऊपर उठा ली मैंने पैर फैला कर जैसे ही उनकी चूत में लंड डाला येसा लगा जैसे चाची चिहुक गयी हो और आख एकदम से भर आई भरे भी क्यों न चाची को चुदे हुए १ साल होचुके थे उनकी चूत कस गयी थी फिर मैंने करीब २० मिनट तक धक्के मारा और इतने में चाची ३ बार झड़ चुकी थी | चुदने के बाद चाची अपने कमरे में चली गयी | मैं सुबह उनसे जल्दी उठा और मेरी उस समय हिम्मत नही हो रही थी की में उनसे नज़रे मिलाऊ | ऐसे ही दिन कट गए और चार दिन के बाद जब मुझे पता चला की संगीता चाची ने किसी को कुछ नही बताया तो मेरी हिम्मत और बढ़ गयी | उस रात मैं उनके मम्मे को फिर से मसलना शुरू कर दिया और उनके बालो को सहलाता रह गया और जब उन्होंने कुछ विरोध नही किया तो मेने उनके गाल पे किस कर दिया और फिर मुठ मार्के सो गया | अगले दिन पता चला की उनके पती को दो हफ्तों के लिए कही पे ड्यूटी से बाहर जाना हे ये सुन के तो मेरे लंड ने सलामी ठोकना शुरू कर दिया | उसदिन संगीता चाची हर रोज के मुकाबले जादा देर चुदी थी | दोपहर को मैं उनको छोड़ने गया और शाम को लौटा मैं और फिर निचे कुछ काम था और खा पी के एक ही बार में मैं उपर गया | उपर जाके देखा तो चाची पहले से सो चुकी थी और उनकी नाइटी उनके घुटनों के उपर थी | उन्हें देख के ऐसा लग रहा था जेसे वो चुदने के लिए ही बनी हो, उन्हें देख के मेरे अंदर फिरसे शैतान जाग उठा और मैं बिस्तर पे कूद पड़ा |मै आज हर दिन से जादा कस कस के दबा रहा था उनके चूचो को और फिर कुछ देर के बाद वो सिसकिय भरने लगी तो मैं उनके उपर लेट गया और उनके होठो को चूसने लगा | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | अचानक उन्होंने अपनी आँखे खोल दी और मुझसे छुटने की कोशिश करने लगी तो मेने उन्हें और कस के पकड़ लिया और उन्हें हिलने का मोका भी नही दिया तो वो थोड़े देर के बड मेरा साथ देने लगी और मेने महसूस किया की उनकी छाती पहले से जादा फुल चुकी थी | जब मेने उनके होठो के उपर से अपने होठ हटा लिए तो मुझपे चिल्लाने लग गयी की रुक जा तेरे चाचा से तेरी शिकायत करूंगी | मेने बोला संगीता चाची मैं आपको बहुत पसंद करता हु और मुझे ये भी पता हें की आप भी मुझे पसंद करती हो | और वेसे भी अगर आपको मुझसे अभी तकलीफ हो रही हें तो उसदिन जब आपने मुझे देख लिया था की मै आपके चूचो को दबा रहा था तो आपने तब शिकायत क्यों नही की ? कहानी जारी है … आगे की कहानी पढने के लिए निचे दिए गये पेज नंबर पर क्लिक करे | गतांग से आगे … इतना सुनने के बाद उनका मुह बन गया और वो उठ के बैठ गयी, मैं भी बैठ गया और उनके चूचो के साथ खेलने लगा और उनके चेहरे को चूम रहा था मै | वो बोली तेरे चाचा का इतना छोटा हें की मेरी प्यास ही नही बुझ पाती ठीक से हमेशा मुझे लगता हें की और करना था पर तेरे चाचा कुछ नही कर पाते |मेने उनकी नाइटी उतार दी और फिर उनके चूचो के साथ खेलने लगा और वो मेरी चड्डी मै हाथ डाल के मेरे लंड को सहला रही थी | सहलाते सहलाते वो बोली अरे तेरा लंड तो अभी से इतना बड़ा हें आगे जाके पूरा खम्बा बन जायेगा ये, इतना तो तेरे चाचा का भी नही हें | मैं अब उनकी बातें नही सुन रहा था बल्कि अपने काम पे ध्यन दे रहा था | मैं उनके चूचो को चूस रहा था और उनकी पैंटी के अंदर हाथ डाल के उनकी चुत मै ऊँगली डाल रहा था | दो मिनट मै उनकी चुत ने पानी छोड़ दिया और अब वो चुदाई के लिए तडपने लगी और बार बार बोल रही थी की जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो मैं बहुत आधी अधूरी प्यासी हु जल्दी से कर दो | इतना बोलते बोलते उन्होंने मेरी चड्डी उतार दी और फिर मेरे लंड को पकड़ के मुठ मार दी और मै झड़ गया | फिर मै उनके उपर लेट गया और उनकी चुत चाटने लगा और मेरा लंड वो चूसने लगी | जेसे ही मेरा लंड उनके होठो को छुआ मेरे लंड मै फिरसे नई जान आ गयी और एक दम से तन गया | अब मैं उनकी चुत को चाट चाट के उनकी प्यास बड़ा रहा था और अब वो एक दम प्यासी ओरत बन चुकी थी और वो चुदने के लिए तडप रही थी |मेने अपने आप को एक दम ठीक किया उनकी टांगो को खोल दिया और अपना लंड उनकी चुत पे बराबर सेट किया और धक्का दिया तो मेरा आधा लंड ही अंदर गया था और आधा बाकि था | मेरे आधे लंड मै ही उनकी सिसकिय चालू हो चुकी थी और उनकी सिसकिय रुकने का नाम ही नही ले रही थी, मेने फिरसे एक और झटका दिया और मेरा पूरा लंड उनकी बच्चेदानी को छू दिया | अब मैं हल्के हल्के धक्के देने लगा और वो सिसकिय पे सिसकिय भरने लगी थी | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | उनकी चुत न जादा ढीली थी और न ही जादा कसी हुई इसीलिए मुझे और उन्हें हम दोनों को मज़ा आ रहा था | कुछ देर के बाद वो अपनी गांड उठाना शुरू कर दी और गांड उठा उठा के चुदने लगी | मैंने अपनी गति बड़ा दी और संगीता सिर्फ अब अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ह्म्म्म और चोदो और चोदो मुझे अह्ह्ह्ह किये जा रही थी | पंद्रह २० के जबरदस्त चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था और मेरे झड़ने से पहले ह वो ३ बार झड़ चुकी थी | मेरा अब अंतिम समय आ चूका था तो मेने पूछा की कहा निकालू तो वो बोली अंदर ही रहने दो | मेने फिर अपनी गति और बड़ा दी और दस धक्को के बाद मैं उनकी चुत मै ही झड़ गया और मेरे साथ वो भी झड़ गयी | मेरा लंड उन्ही के चुत मै सिकुड़ गया और छोटा हो गया | संगीता की चुत से अब भी पानी निकल रहा था और बिस्तर बहुत गिला हो चूका था तो हमने उठ के बिस्तर बदल दिया |हम दोनों ऐसे ही नंगे एक दुसरे से लिप्त के सोये हुए थे और ऐसे ही सो गये | सूबा संगीता चाची ने मुझे किस कर के उठाया और नाइटी पहन के निचे चली गयी और फिर मैं भी उठ कर तैयार हो गया और निचे नास्ता किया | अब मैं उन्हें पुरे दिन अकेले मै छेड़ता रहता और रात को हम चुदाई करते, इसी तरह ८ रात और ७ दिन केसे निकल गये कुछ पता ही नही चला और उसके अगले दिन उनके पाती आ गये | उनके आने के बाद वो सीधे मेरे कमरे मै चले गये और सीता चाची भी चली गयी और फिर शाम को वो दोनों निचे उतरे | चाची का चेहरा देख के लग रहा था की कम से कम चार बार गेम तो खेला होगा पर चाची का चेहरा उतरा हुआ था फिर मैं समझ गया की चाची को ख़ुशी नही हुई उनके साथ चुदाई के बाद | अब तो घर मै कमाल हो रहा था दिन मै चाचा पेलते और रात को मै पेलता | हम दोनों को चाची झेल लेटी थी क्युकी दिन मै उनके संतुष्टि नही होती थी इसीलिए | एक महीने के बाद संगीता चाची और चाचा दोनों अपने घर चले गये और मैं फिरसे पहले की तरह हो गया | दोस्तों आप लोग मेरी कहानी पढ़ के प्रतिक्रिया दीजिये जल्द ही मै अपनी अगली कहानी पोस्ट करुगा |

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