मेरी बीवी की चुदाई 5

अफ़ज़ल ने छिपकली को धीरे से मेरी पत्नी के पेट पर छोड़ दिया, Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta मेरी पत्नी ने इतनी ज़ोर की चीख़ निकाली जैसे की उसकी जान निकल गई हो, और भागने के लिए ताक़त लगाई, मगर दूधवाला और धोबी काम नहीं थे, मजाल है की मेरी पत्नी हील भी पाए अपनी जगह से, बेचारी कसमसा के रह गई। छिपकली धीरे धीरे मेरी पत्नी के पेट पर चल रही थी और वो अफ़ज़ल से ख़ुद को छोड़ देने की भीख माँग रही थी।

अफ़ज़ल ने कामवाली से कहा – तू क्यूँ दूर खड़ी है, ये मैडम के ऊपर तरस आ रहा है क्या ?
कामवाली – नहीं रे, कहे का तरस, इस के साथ तो यही होना चाहिए
अफ़ज़ल – तो फिर आ और छिपकली की मदद कर

कामवाली आइ और उसने मेरी पत्नी के पेट पर चल रही छिपकली को पकड़ और उसका मुँह मेरी पत्नी की नाभि के ऊपर रख दिया। मेरी पत्नी बेबसी से रोने लगी और कामवाली हँसने लगी।

बेचारी छिपकली को समझ नहीं आ रहा होगा की क्या करना है, मगर सामने इतना बड़ा छेद देखकर उसने वही किया जो उसे करना था, छिपकली की लम्बी सी जीभ निकली और मेरी पत्नी की नाभि के अंदर दंश मार दिया । मेरी पत्नी को उसकी गहरी नाभि मैं एकदम से दर्द महसूस हुआ और वो दर्द से दोहरी होकर चिल्लाने लगी – ” मुझे छोड़ दो, जो बोलोगे वो करूँगी” अफ़ज़ल ने कामवाली को बोला -“हटा ले अब छिपकली और पोलिथिन मैं रख, लगता है मैडम लाइन पर आ रही हैं “

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