मेरी बीवी की चुदाई 3

चमक तो आनी ही थी, जैसे ही मेरी पत्नी ने अपना हाथ ऊपर की और किया दो बातें हुई Antarvasna Kamukta
१ – मेरी पत्नी की काँख (underarms) अफ़ज़ल को साफ़ दिखने लगे, मेरी पत्नी ने १ दिन पहले ही उन्हें साफ़ करवाया था
२- हाथ ऊपर करने के कारण मेरी पत्नी की कमर अफ़ज़ल को दिखने लगी, लम्बी होने के कारण मेरी पत्नी की कमर का काफ़ी ज़्यादा हिस्सा साड़ी मैं से दिखाई देता था, उसकी नाभि लगभग ब्लाउस और पेटिकोट के बीच मैं होती थी।

अफ़ज़ल की आखों मैं वासना तैरने लगी, इसी दौरान धोबी, दूधवाला और कामवाली मेरे घर के हाल मैं प्रवेश कर चुके था और ये सब मेरी पत्नी की जानकारी के बग़ैर हुआ था, वो तो बेचारी छिपकली से परेशान थी।

अफ़ज़ल तुरंत एक पोलिथिन लेकर किचन स्टैंड पर चढ़ गया और उसने छिपकली को उस पोलिथिन मैं गिरा लिया, और पोलिथिन का मुँह बंद कर के वो नीचे उतर आया। मेरी पत्नी की जान मैं जान आइ और वो बोली – थैंक यू अफ़ज़ल , आज तो तुमने मेरी जान बचा ली। ये कह के वो और अफ़ज़ल हॉल मैं आए तो मेरी पत्नी वहाँ पर बाक़ी तीनो को देख कर घबरा गई और बोली – तुम लोग यहाँ पर क्या कर रहे हो, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी यहाँ पर आने की?

वो तीनो अफ़ज़ल को देखने लगे, अफ़ज़ल ने हँसते हुए कहा – मैडम मैं इन लोगों को लेकर आया हूँ , अब मेरी पत्नी के माथे पर शिकन पड़ने लगी।

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