मेरी बीवी की चुदाई 2

वैसे हाँ आपको मैंने हमारे गार्ड के बारे मैं भी नहीं बताया, बड़ा हरामी क़िस्म का इंस्सान है – उसका नाम है अफ़ज़ल , हट्टा -कट्टा 6.5 फ़ीट का है। मैंने कई बार इसकी नज़रें मेरी पत्नी पर फिसलते हुए देखा है, मेरे सामने तो कुछ कर नहीं पता, बस सलाम बोल कर चुप हो जाता है। वो हमारी बिल्डिंग के ही ग्राउंड फ़्लोर पर एक कमरे मैं रहता है, और बाक़ी काम वालों जैसे धोबी और दूधवाले के साथ बातें करता रहता है।

हाँ तो जैसे ही मेरी पत्नी ने उसे फ़ोन किया और कहा की उसे छिपकली से डर लग रहा है, अफ़ज़ल के अअंदर का शैतान जाग गया। उसने मेरी पत्नी से कहाँ – “मैं अभी आता हूँ मैडम, आप बिलकुल चिंता मत करिए” । अफ़ज़ल दौड़ता हुआ अपने कमरे मैं गया और दूधवाले और धोबी को बोला – ” चलो भाई लोग , आज तुम्हारी दिवाली होने वाली है, ऊपर वाली पटाखा मैडम के किचन मैं छिपकली घुस गई है और वो हमें बुला रही है ” तीनो उठ कर ऊपर जाने लगे, तभी लिफ़्ट मैं उन्हें कामवाली मिली, उसकी आखें ग़ुस्से से लाल थी।

अफ़ज़ल – “क्या हुआ , क्यूँ ग़ुस्सा है ”
कामवाली – ” अरे वो ऊपर वाली मैडम फ़ालतू मैं डाँट रही थी ”
अफ़ज़ल – “अच्छा, चल हमारे साथ, आज तेरा हिसाब भी बराबर कर लेंगे ”
कामवाली – ” मतलब ?”
अफ़ज़ल – ” अरे चल ना , तुझे हम पे भरोसा नहीं है क्या ?”
कामवाली – ” ऐसा कुछ नहीं है, चलो चलती हु ”

जैसे ही ये चारों ऊपर पहचे , अफ़ज़ल ने बाक़ी तीनो को पीछे छुपने का इशारा किया और मेरे घर के दरवाज़े का बेल बजाया और मेरी बीवी ने जल्दी से दरवाज़ा खोला

अफ़ज़ल – मैडम अपने बुलाया था
पत्नी – हाँ देखो किचन मैं छिपकली घुस आइ है (इस बीच अफ़ज़ल मेरी पत्नी को ऊपर से नीचे तक ताड़ रहा था)
अफ़ज़ल – जी मैडम, मैं अभी देखता हु

अफ़ज़ल ने बड़ी चालाकी से घर मैं घुसने के बाद दरवाज़ा बंद नहीं किया, मेरी बीवी को भी लगा की दरवाज़ा खुला रखना बेहतर है , उसे नहीं पता की बाहर कुछ और लोग खड़े हैं जो अंदर आने की फ़िराक़ मैं हैं

किचन मैं पहुँचकर अफ़ज़ल ने जान बूझ कर मेरी पत्नी से पूछा – मैडम छिपकली कहाँ है। मेरी पत्नी ने अपना हाथ उठाकर ऊपर दीवार की तरफ़ इशारा किया – वहाँ। लेकिन अफ़ज़ल वहाँ देख ही नहीं रहा था, उसकी आखों मैं एक विशेष प्रकार की चमक तैरने लगी।

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