मेरी पहली सुहागरात का अनुभव 1

मेरी पहली सुहागरात का अनुभव 1

मेरा नाम है प्रतीक. में 27 साल का मेडिकल स्टूडेंट हूँ. Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories Antarvasna1.com छह महीने पहले मेरी शादी मेरे बाजुवाले अंकल (मेरी माताजी के छोटे भाई) की 21 साल की लड़की करीना से हुई है. शादी के वक्त करीना कच्ची कुंवारी थी और बहुत ही शर्मीली थी. उस का शर्मीलापन का सामना कर के कैसे में ने करीना को पहली बार चोदा इस की ये कहानी है, कहानी हमारी सुहाग रात की. बाजुवाले अंकल की लड़की होने से में उसे बचपन से जानता हूँ.

करीना 5.5 लंबी है. रंग गोरा, चेहरा गोल, आँखें भूरी और बड़ी बड़ी. पतली सीधी नासिका और पतले होंठ. बॉल काले हिप्स से नीचे तक के लंबे. हाथ पाँव चिकनी और कोमल. बारे संतरे की साइज के दो स्तन सीने पे ऊपर की ओर लगे हुए हैं. गोल गोल और चिकनी स्तन की पतली चमड़ी के नीचे खून की नीली नीली नसें दिखाई देती है.

स्तन के सेंटर में 1” की छोटी अरेवला है जो गुलाबी रंग की है. अरेवला के बीच छोटे किशमिश के दाने जैसी घुंडी है. अरेवला और निपल्स बहुत सेन्सिटिव है और चुदवाते वक्त कड़े हो जाते है. वैसे ही करीना के स्तन कठिन है जो चोदने के समय ज्यादा कठोर हो जाते है.

केल के खंभे जैसी सुडौल जाँघ के बीच करीना की गांड उलटे खड़े टीलों जैसी है. जब वो जांघें मिला के पाँव लंबे रखती है तब गांड की दरार का छोटा सा हिस्सा ही दिखाई देता है. जांघें चौड़ी कर के ऊपर उठाने से गांड ठीक से देखी जा सकती है. मन्स घनी है और काले घुंघराले झाट से ढकी हुई है. बारे होंठ भरपूर है.

मन्स और बारे होंठ चोदते वक्त होते हुए प्रहार झेलने को काबिल है. छोटे होंठ यूँ दिखाई नहीं देते, इतने पतले और नाज़ुक है और बारे होंठ से ढके हुए रहते है. केवल चोदते वक्त फूल के वो बाहर निकल आते है. करीना की कोलाइटिस 1” लंबी और मोटी है, छोटे से पेनिस जैसी दिखती है. कोलाइटिस का छोटा सा मट्ठा चेरी जैसा दिखता है.

करीना की कोलाइटिस बहुत सेंसीटीव है. कभी कभी करीना मूंड़ में ना हो तो में उस की कोलाइटिस को सहला के गर्म कर लेता हूँ. करीना की चुत यानि योनि छोटी और चुस्त है. चुच्चे महीने से हर रात में उसे चोदता हूँ फिर भी वो कुंवारी जैसी ही है. अभी भी लंड डालने में मुझे सावधानी रखनी पड़ती है चाहे वो कितनी भी गीली क्यों ना हो. एक बार लंड अंदर जाय उस के बाद कोई तकलीफ नहीं होती, में आराम से धक्के लगा के चोद सकता हूँ.

हमारी माँगनी तो दो साल से हुई थी लेकिन एक या दूसरे कारण से शादी मोकूफ़ होती चली थी. में मेडिकल कॉलेज में पढ़ता था और हॉस्टल में रहता था. वो अपने फॅमिली के साथ रहती थी और आर्ट्स कॉलेज में पढ़ती थी. हम दोनों अक्सर मिला करते थे लेकिन उस ने मेरे से वचन लिया था की शादी से पहले में “वो” की बात तक नहीं करूँगा.

“वो” मायने चोदना. जब मौका मिले तब हम चुम्मा- चाटी करते थे. किस करते वक्त वो शर्म से आँखें मूंद लेती थी. कभी कभी वो मुझे स्तन सहलाने देती थी, कपड़े के आर पार लेकिन मेरे हाथों पर अपना हाथ रख के पकड़ रखती थी. उस ने मुझे गांड को छूने नहीं दिया था, ना तो उस ने मेरे लंड को छुआ था. हर वक्त उस के जाने के बाद में कम से कम तीन बार हस्त-मैथुन कर लेता था.

आख़िर हमारी शादी हो गयी और सुहाग रात आ पहुंची. ये कहानी है उस रात की जब हम ने पहली चुदाई की. वो तो कच्ची कुंवारी थी. में ने 19 साल की उमर में सब से पहले मेरी भाभी मंजुला और छोटी बहन नेहा को एक साथ चोदा था. हालाँकि में ने कॉलेज में और हॉस्पिटल में दो तीन नर्सों के साथ चुदाई की थी मगर मुझे काफी अनुभव नहीं था. करीना की शर्म और योनि पटल में ने कसे थोड़ा इस की ये कहानी है.

लंड और चुत को जबान होती तो अपने आप अपनी कहानी सुनाते. लेकिन वो तो एक ही काम जानते हे – चोदना. इसी लिये आइये में ही आप को सुनाता हूँ कहानी उन दोनों के पहले मिलन की. सुहाग रात आ पहुंची.

में नर्वस था ? थोड़ा सा. मुझे पता था की सोमी (हमारी सर्वेंट और करीना की दोस्त जो चार साल से शादी शुदा है) ने करीना को सेक्स के बारे में काफी जानकारी दी थी, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव तो आज होने वाला था. प्यारी करीना को चोदने के लिए में आतुर था लेकिन मान में कई सवाल उठाते थे जैसे की, मेरा बदन उसे पसंद आएगा ?

मेरा लंड वो ले सकेगी ? उस का योनि पटल कितना कड़ा होगा, टूटने पर उसे कितना दर्द होगा ? आख़िर “देखा जाएगा” एसा सोच कर में रात की राह देखने लगा.

सोमी और मंजुला भाभी ने मिल कर शयनकक्ष सजाया था. फूल, फूल और फूल. चारों ओर फूल ही फूल. पलंग पर केवल गुलाब की पत्तियाँ. बगल में टेबल पर पानी, दूध, मिठाई, कॉंडम के चुच्चे पॅकेट्स और लूब्रिकॅंट की ट्यूब. बाथरूम में हमारे नाइट ड्रेस, गरम पानी, टवल्ज़ और कुच्छ दवाइयाँ.आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

स्नान कर के में पहला जा कर पलंग पर बैठा. मेरे पास चोदने के आसनों की एक अच्छी किताब थी जो में देखता था की में ने सोमी की आवाज़ सुनी. झट से में ने किताब छुपा दी और बैठ गया. सोमी करीना को लिए अंदर आई और कहने आ गयी, ”जीजू, हमारे करीना बहुत शर्मीले हे और उन्होंने एक बार भी लंड लिया नहीं है. तो ज़रा संभाल के चोदीयेगा.”

“इतनी फिक्र हो तो तू ही यहाँ रुक जा और हमें बताती रहना की की करना, कसे करना”

“ना बाबा, ना. आप जाने और वो जाने. आप दोनों को चोदते देख कर मुझे दिल हो जाय तो में क्या करूँ?” इतना कहे खिलखिला हंस कर वो भाग गयी. में ने उठ कर दरवाजा बंद किया.

में घुमा तो करीना अचानक मेरे पाव पड़ी. में ने उसे कंधों से पकड़ कर उठाया और कहा, “अरे पगली, ऐसे पाव पड़ने की जरूरत नहीं है. तू तो मेरे हृदय की रानी हो, तेरा स्थान मेरे हृदय में है, पाव में नहीं.” सुन कर वो मुझसे लिपट गयी. हलका सा आलिंगन दे के में ने कहा, “ऐसे करते हैं. ये सब कपड़े और शृंगार उतार के नाइट ड्रेस पहन लेते हैं जिस से हमें जो करना है वो आराम से कर सकें.” मेरा मतलब चोदने से था ये वो समाज गयी और तुरंत शर्मा गयी.

बाथरूम में जा कर मैंने पहले कपड़े बदले, बाद में वो गयी. जब वो बाहर निकली तब में पलंग पर बैठा था. मेरे पास बुलाने पर वो मेरे नज़दीक आई. में ने उनकी कमर पकड़ कर पास खींची और मेरी चौड़ी की हुई जाँघ के बीच खड़ी कर दी. उसके हाथ पकड़ कर में ने कहा, “अरे वाह, अच्छी डिज़ाइन बनाई है मेंहदी की. हम हर साल शादी की साल गिरह पर मेंहदी रचाने का प्रोग्राम करेंगे. और हाँ, अकेले हाथ पर है या और कोई जगा पर ?”

“पाव पर भी है.” उस ने कहा.

“उस के सिवा ?” में ने पूछा तो वो खूब शरमाई और टेढ़ा देखने लगी.

बात ये थी की सोमी ने मुझे बताया था की करीना के स्तन पर भी मेंहदी रचाई है. में ने उस की हथेली पर चुंबन किया और हाथ मेरे गले से लिपटाए. कमर से खींच कर आलिंगन दिया तो मेरा सर उसके स्तन के साथ दब गया. उस ने मेरे बालों में उंगलियाँ फिराना शुरू कर दी. कुच्छ देर के बाद उस का चहरा पकड़ कर मुँह पर चुंबन करने का प्रयत्न किया लेकिन उस ने करने नहीं दिया.

उस को ज़रा हटा कर में ने जाँघ सिकुड़ी और उस को ऊपर बिठाया. मेरा दाहिना हाथ उस की कमर पकड़े हुआ था जब की बया हाथ जाँघ सहला रहा था. कोमल कोमल और चिकनी करीना को अश्लेष में लेना मुझे बहुत अच्छा लगता था. उस के बदन की सुवास मुझे एक्साइड कर रही थी और मेरा लंड हिलने लगा था. धीरे धीरे मेरा हाथ उसकी पीठ पर रेंगने लगा.

ड्रेस के नीचे ब्रा की पट्टी को पा कर में ने पूछा, “अरे, तू ने तो ब्रा पहन रक्खी है. निकाल नहीं सकी क्या ? लाओ, में निकाल दम ?” मेरी उंगलियाँ ब्रा का हुक तक पहुंचे इस से पहले उस ने सर हिला के ना कही और खड़ी हो गयी. में ने भी खड़ा हो कर उस को मेरे बाहों पाश में जकड़ लिया.

लेकिन अफ़सोस, उसने अपने हाथ छाती के आगे क्रॉस कर रखे थे इसी लिए उस के स्तन मुझे छू ना सके. थोड़ी पर उंगली रख कर में ने उसका चहरा उठाया और होंठ से होंठ का स्पर्श किया. उस के बदन में झूरझूरी फैल गयी. आँखें बंद रखते हुए उस ने मुझे फिर से चुंबन कर ने दिया. में ने कहा, “करीना, प्यारी, आँखें खोल मेरा चहरा देखना तुझे पसंद नहीं है क्या ?”

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