मेरी पहली चुदाई मेरे मामा के साथ 2

मेरी पहली चुदाई मेरे मामा के साथ 2

मैंने कहा – अच्छा मामू, लेकिन ठीक से करना।
मामू ने कहा – हाँ नंदिनी, देखना कैसी सफाई करता हूँ.

पहली चुदाई मामा के साथ

उसने बगल से नारियल तेल लिया और मेरे चूत के अन्दर उड़ेल कर उंगली डाल कर मेरी चूत का मुठ मारने लगा.
मस्ती के मारे मेरी तो आँखे बंद थी. उसने पहले एक उंगली डाली. फिर दो और फिर तीन उंगली डाल कर मेरे चूत को चौड़ा कर दिया. थोड़ी ही देर में उसने मेरे चूत के छेद पर अपना लंड रखा। और अन्दर घुसाने की कोशिश करने लगा। मुझे हल्का सा दर्द हुआ तो मै कराह उठी। वो रुक गया और बोला क्या हुआ नंदिनी?

मैंने कहा – तेरा लंड बहूत बड़ा है। ये मेरी बुर में नहीं घुसेगा।
वो बोला – रुक जा नंदिनी. तू घबरा मत. बस मेरे लंड को देखती रह. आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

मेरी हिम्मत नहीं थी कि इतने मोटे लंड को अपनी बुर में घुसवा लूं लेकिन मै भी मज़े लेना चाहती थी। इसलिए मैंने कुछ नहीं कहा। अब उसने मेरे बुर के छेद पर अपना लंड रखा और धीरे धीर रुक रुक कर अपने लंड को मेरे बुर में घुसाने लगा। मुझे थोडा दर्द तो हो रहा था क्योकि ये मेरी पहली चुदाई थी लेकी चूत पूरी तरह से गिल्ली जिसकी वजह से ज्यादा दर्द नहीं हुआ।

भाई ने पूरा लंड मेरे बुर में डाल दिया। मुझे बहूत आश्चर्य हो रहा था कि इतना मोटा और बड़ा लंड मेरे छोटे से बुर में कैसे चला गया। भाई मेरी बुर में अपना लंड डाल कर थोड़ी देर रुका रहा।

फिर बोला- दर्द तो नहीं कर रहा ना?
मैंने कहा- थोडा थोडा ।
फिर उसने थोडा सा लंड को बाहर निकाला और फिर धीरे से अन्दर कर दिया। मुझे मज़ा आने लगा। वो धीरे धीरे यही प्रक्रिया कई बार करता रहा। अब मुझे दर्द नहीं कर रहा था। थोड़ी देर के बाद उसने अचानक मेरे बुर को जोर जोर से धक्के मरने लगा।

मैंने पूछा – ये क्या कर रहे हो?
वो बोले- तेरे बुर की सफाई कर रहा हूँ।
मुझे आश्चर्य हुआ- अच्छा ! तो इस को सफाई कहते है?

वो बोला – हाँ मेरी जान. ये चूत की सफाई भी है और चुदाई भी.
मैंने कहा – तो क्या तुम मुझे चोद रहे हो?
वो बोला – हाँ. कैसा लग रहा है?

मैंने कहा – अच्छा लग रहा है.
वो बोला – पहले किसी को चुदवाते हुए देखा है?
मैंने कहा – देखा तो नहीं है , लेकिन अपने स्कूल में सीनियर सेक्शन की लड़कियों के बारे में सूना है कि वो अपने दोस्तों से चुदवाती हैं. तभी से मेरा मन भी कर रहा था कि मै भी चुदवा लूं. लेकिन मुझे पता ही नही था कि कैसे चुदवाऊं?

वो बोला – अब पता चल गया ना?
मैंने कहा – हाँ मामू.
थोड़ी देर में उसने मुझे कस के अपनी बाहों में पकड़ लिया और अपनी आँखे बंद कर के कराहने लगा। मुझे अपने चूत में गरम गरम सा कुछ महसूस हो रहा था।

मैंने पूछा – क्या हुआ मामू? मेरे चूत में गरम सा क्या निकाला आपने?
वो बोला – कुछ नहीं मेरी जान . वो मेरे लंड से माल निकल गया है।
थोड़ी देर में उसने मेरे चूत से से अपना लंड निकाला और खड़ा हो गया।

मैंने अपने चूत की तरफ देखा कि इस से खून निकल रहा था. मै काफी डर गयी और मामू को बोली – मामू, ये खून जैसा क्या निकल गया मेरे चूत से?
हालांकि वो जानता था कि मेरी चूत की झिल्ली फट गयी है. लेकिन उसने झूठ का कहा – अरे कुछ नहीं. ये तो मेरा माल है. जब पहली बार कोई लड़की चुदवाती है तो उसके चूत में माल जा कर लाल हो जाता है. आ इसे साफ़ कर देता हूँ।

मै थोड़ा निश्चिंत हो गयी. फिर हम दोनों ने एक साथ स्नान किया. उस ने मुझे अच्छी तरह से पूरा नहला – धुला कर सब साफ़ कर दिया. और फिर हम दोनों अपने अपने कपडे पहन कर अपने अपने कमरे में चले गए। सुबह जब मेरा छोटा भाई स्कूल चला गया तो मै उसे चाय देने गयी. आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

उसने मुझसे कहा – कैसी हो नंदिनी?
मैंने कहा – ठीक ही हूँ.
उसने कहा – तेरी चूत में दर्द तो नही है ना?

मैने कहा – दर्द तो है लेकिन हल्का हल्का. कोई दिक्कत तो नहीं होगी ना मामू?
मामू ने कहा – अरे नहीं पगली. पहली चुदाई में तूने चूत में लंड लिया था न इसलिए ऐसा लग रहा है. और देख.. किसी को कल रात के बारे में मत बताना। नहीं तो तुझे सब गन्दी लड़की कहेंगे।

मैंने कहा – ठीक है, लेकिन एक शर्त है.
वो बोला- क्या?
मैंने कहा – एक बार फिर से मेरी बुर की सफाई करो लेकिन इस बार बाथरूम में नहीं बल्कि इसी कमरे में।
वो बोला – ठीक है आ जा।

मैंने उसके कमरे का दरवाजा लगा कर फिर से अपनी चूत चुदवाई। वो भी 2 बार । वो भी बिलकूल फ्री में।
दोपहर में मम्मी आ गयी. मम्मी के आने के बाद भी वो मेरे यहाँ अगले पांच दिन जमा रहा. इस पांच दिन में मैंने आठ बार अपनी चूत उस से साफ़ करवाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *