मेरी एक सेक्सी औरत से मुलाकात

मेरी एक सेक्सी औरत से मुलाकात

हैलो दोस्तो मे समीर फिर से अपनी एक नई स्टोरी के साथ हाजिर हू Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories फ़र्स्ट स्टोरी तो आप ने रीड के होगी ही मेरी और प्रीति की स्टोरी अब मै आप सब को अपनी दुसरी स्टोरी बताता हू एक दिन ऐसे ही मुझे किसी लड़की का नंबर पता चला उसके पास मैंने मैसेज किया व्हाट्स अप्प पर और ऐसे ही हमारी बात स्टार्ट हो गयी और बातों बातों मे पता चला के वो शादीशुदा है पर वो गरीब है और उस का पति उस पर ज्यादा शक करता है एसलिए एक दिन उसके पति को पता चल गया की हम बात करते है तो उसने मुझे ब्लॉक कर दिया उस दिन के बाद काफी दिन हमारी बात नही हुई फिर एक दिन कोई और नंबर से व्हाट्स अप्प्स पर मैसेज आया और पूछने पर पता चला की वो उसके साथ कोई उसकी दोस्त रहती है उसका नंबर है फिर मैंने उससे बात स्टार्ट की उसके फ्रेंड के फोन से कुछ दिन हम ऐसे है बात करते रहे उसने बताया की वो शादीशुदा है और उसकी शादी करीब 6-7 महीने पहले हुयी है और उस का हसबेंड उसको खुश नही रख पाता है एसलिए वो मुझसे बात करने लगी और फिर जहा वो काम करती थी एक दिन उसने मुझे वहा मिलने के लिए बोला और मै चला गया उसके पास रात को 7-8 बजे के करीब फिर वो मुझे लेने आ गयी जहा उसने बोला था उसके आने के बाद हम वहा चले गए जहा वो कम करती थी और उसको जब मैंने देखा तो वो कफी सुंदर थी देखने मे ज्यादा लुंबाई नही थी उसके बस 5.1″ थी पर फिगर मस्त था उस का 34-28-34 का और फिर मे वहा जा के रूम मे रुक गया फिर वो थोड़ी देर मे पानी ले कर आई और फिर थोड़ी देर हमारी बाते हुई और उसने मुझे किस किया मैंने भी उसके बूब्स दबाये और थोड़ी देर मजे लिए पर उसको खाना बनाना था एसलिए वो बोली थोड़ा वेट करो मै खाना बना के आती हू और चली गयी तब तक मै फोन मे टाइम पास करता रहा और फिर वो मेरे लिए खाना ले कर आई और हमने साथ मे खाना खाया और तब तक 11 से ज्यादा टाइम हो गया था फिर वो मेरे पास आई और मुझसे चिपक गयी और मैंने भी उसको किस करना स्टार्ट कर दिया और उसके चुचे मसलने में जो मजा आ रहा था, मैं बता नहीं सकता। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | फिर मैंने उसके लिप्स पर चुम्बन करते हुए कभी वो मेरे होंठों को काट लेती थी और फिर प्यार से उस पर अपनी जीभ फेरने लगती। मतलब दर्द देकर प्यार करना उसको अच्छे से आता था। फिर होंठों को चूसने के बाद मैंने एक एक करके उसके सारे कपड़े निकाल दिए और गौर से उसको दखने लगा।
क्या लग रही थी वो.. 34 ″ के चुच्चे.. पतली कमर और 34 ″ के ही भारी चूतड़, मस्त उभरी हुई गांड और प्यारी सी गुलाबी होंठों वाली चूत…
जिसको देखकर लगता था कि आज तक इसकी अच्छे से चुदाई नही हुई, इसलिए मुझसे चुदवाने को तैयार हो गई।
ओर उसके बाद एक उरोज को मैं मुंह में लेकर चूसने लगा और एक को हाथ से दबाने लगा।
उसका एक हाथ मेरे लण्ड को पैंट के ऊपर से ही दबा रहा था।
मैं कभी प्यार से एक स्तन को चूसता कभी दूसरे को काटता। उसके मुख से सिसकारियाँ निकलने लगी थी और एक हाथ से अपनी चूत को सहलाने लगी थी वो!
मेरे चूसने और काटने से उसके चूचे एकदम लाल हो गए थे और जहां मैंने काटा था वहाँ नीले निशान बन गए थे।
उसके पेट पर चूमता चाटता हुआ मैं नीचे आया तो देखा कि उसकी चूत से चिपचिपा सा पानी निकल रहा था, मतलब वो झड़ रही थी। पानी देखते ही मेरे मुँह से लार टपकने लगी तो मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया और 69 की पोजीशन में आ गया। अब वो गपागप मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं जीभ से उसकी चूत को चोद रहा था, वो अपनी गांड उठा कर मेरी जीभ को अपनी चूत में अंदर तक ले रही थी। जैसे ही मैं उसके चूत के दाने को छेड़ता, वो मेरे लण्ड को जोर से दबा देती। बहुत देर तक उसके रसीले होंठों के अंदर रहकर मजे लेने के बाद मेरे लण्ड का लावा फ़ूट पड़ा और मैंने सारा वीर्य उसके मुंह में छोड़ दिया, उसने चाट कर मेरा लण्ड साफ़ कर दिया। फिर थोड़ी देर ऐसे ही रहे और एक दूसरे को मसलते चूमते रहे फिर थोड़ी देर मे मेरा लोड़ा फेर से लंबा हो गया और मैं उसकी चूत को उसकी चड्डी के ऊपर से ही रगड़ने लगा उसकी चूत फिर से पानी छोड़ने लगी .. ओर मेरा हाथ गीला हो गया । वो जोर-जोर से सांस लेने लगी । वो इतनी गर्म हो गई की .. कि उसका पूरा बदन ऊपर-नीचे हो गया | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | वो इतनी उत्तेजित हो गई की.. अपनी चूतड़ों को ऊपर-नीचे कर रही थी। वो मेरा पैंट खोलने लगी और मेरे लौड़े को पकड़ कर मसलने लगी। मैं तो जैसे ज़न्नत की सैर कर रहा था। मेरा लंड लोहे की रॉड की तरह कड़क था। वो मेरे लौड़े को मसले जा रही थी और मैं उसकी फ़ुद्दी को.. हम दोनों इतने गर्म हो गए थे कि अब सब्र करना भारी पड़ रहा था। उसने पैंटी नीचे सरका दी. और मेरे लौड़े का टोपा अपनी चूत पर सैट कर दिया।
अब वो बोली- अब पेल दे.. बर्दाश्त नहीं हो रहा अब मैं भी तैयार था . सो लेटे-लेटे ही मैंने अपने लंड को उसकी चूत में ठोकने को तैयार कर लिया था। मैंने देर ने करते हुए एक धक्का मारा। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | उसकी चीख़ निकल गई मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में घुस चुका था। वो साधिसुधा थी पर लग रहा था की वो चुददी नही हो कबि और फिर वो छटपटाने लगी और कुछ कह रही थी.. पर मेरे होंठ से उसके होंठ लगा रखे थे एसलिए कुछ कह नही पाई ओर उसके मुँह से सिर्फ ‘गूं गूं’ की आवाज़ निकल रही थी। मैंने एक और झटका मारा और मेरा लंड उसकी चूत में थोड़ा और अन्दर घुस गया। उसकी चूत इतनी तंग थी कि मेरा लण्ड आसानी से नहीं घुस पा रहा था। एक और धक्के में मेरा लण्ड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर दाखिल हो गया। पर थोड़ी देर बाद वो अपनी कमर को उचकाने लगी.. और मेरे लण्ड को अन्दर लेने लगी। मैं भी उसको चोदने लगा, मैं भी अपने लण्ड को उसकी चूत में आगे-पीछे करने लगा। उसको मज़ा आने लगा, कुछ ही देर में वो एकड़ने लगी.. और उसने मेरी कमर को इतनी जोर से पकड़ रखा था.. लग रहा था कि मेरी तो जैसे जान निकल जाएगी।
वो मेरी कमर पकड़ कर जोर से अपने ऊपर दबाने लगी.. और इसी चूत चुदाई में वो झड़ गई। मैंने भी 8 -10 धक्कों के बाद अपना वीर्य उसकी चूत में छोड़ दिया। हम दोनों थक चुके थे।
मैं थोड़ी देर उसके ऊपर ही पड़ा रहा.. और वो दर्द के मारे कराह रही थी, लगता था की उसकी कफी दिनों बाद चुदाई हुई थी कुछ देर बाद में उठा और अपने कपड़े पहने.. उसको चुम्मी की और फिर हमने ऐसे है रात भर चुदाई के सुबह तक मैने उसको 5 बार चोदा दोस्तो आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी.. जरूर बताना।

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