मम्मी ने मस्त चुदवाया – [भाग 1]

मम्मी ने मस्त चुदवाया – [भाग 1]

मैं हु साहिल और ये मेरी रियल स्टोरी है, कि कैसे मैंने अपनी मम्मी को चोदा. ये कहानी तब की है, जब मैं १८ साल था और १२वि के एग्जाम ख़तम हुए थे. मैं अपने घर आया हुआ था. मैंने अपनी १२वि की पढाई बोर्डिंग से की थी और तब मेरा ज्यादा घर आना नहीं होता था. कभी- कभी छुट्टी में जब भी पापा ले आते थे वरना मैं नानी के यहाँ ही रहता था. मेरे घर में, बस मम्मी, पापा और मैं ही थे. स्कूल में मैंने थोडा बहुत सेक्स के बारे में जान लिया था और मुठ भी मारने लगा था. जब ये घटना घटी,तब मम्मी तक़रीबन ३५ साल की थी वो हाइट में करीब ५ फिट और पतली थी. उनका फिगर अच्छा था और गांड थोड़ी मोटी और टाइट थी. मैं इस बार जब घर आया, तो सब खुश हुए. मैंने आने के बाद जिम ज्वाइन कर लिया और रिजल्ट का इंतज़ार करने लगा. फिर ग्रेजुएशन में एडमिशन ले सकू, मैंने जिम भी ज्वाइन कर ली थी ताकि बोर ना हो सकू. फिर पापा को प्रमोशन मिला, तो हम सब बड़े खुश हुए.

पापा को एक महीने के लिए बाहर जाना था ट्रेनिंग के लिए. मैं पापा को स्टेशन पर छोड़ आया. पापा ने जाते हुए कहा, बेटे घर का और अपनी मम्मी का ध्यान रखना. कोई भी दिक्कत हो, तो मुझे बता देना. मैंने उनके पैर छुए और फिर घर आ गया. मम्मी घर पर ही थी और खाना बना रही थी. फिर हम सबने खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे. मम्मी ने कहा, आज की रात तुम मेरे साथ ही सो जाओ. मुझे भी लगा, कि मम्मी अकेले सोयेंगी..तो मैं उनके साथ ही सो जाता हु. ये ज्यादा सही रहेगा. मैं बता देता हु, कि मेरा घर २न्द फ्लोर का है और मेरा रूम १स्त फ्लोर पर है. वहां मैं अकेले ही रहता हु. मम्मी- पापा नीचे रहते है. जब मैं सोने गया, तब मम्मी सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी. वैसे तो मैंने कभी अपनी मम्मी को गन्दी नज़र से नहीं देखा था. फिर हम सो गये थे. मैं मम्मी से चिपक गया. मेरी आदत तो वैसे ही सोने की थी. लेकिन, मैं कभी किसी औरत के साथ चिपक के नहीं सोया था. इसलिए मेरा लंड खड़ा हो गया और रात में अपने आप झड़ भी गया.

अगले दिन, कुछ खास नहीं रहा और पता चला, कि सिटी में २ दिन लाइट नहीं आएगी. कुछ खराबी हुई है. घर का इन्वर्टर फुल चार्ज था, तो कोई दिक्कत नहीं थी. पर हम लोग सिर्फ फेन ही चला रहे थे. वो मई का महिना था. तो आप लोग समझ ही सकते होंगे, कि कितनी ज्यादा गर्मी होगी. मैं शाम को जिम जाके जब आया, तो मम्मी किचन में काम कर रही थी. मैं अपने रूम में गया और लैपटॉप चलाया. वैसे तो मुझे इन्टरनेट पर पोर्न मूवी देखने का शौक था, लेकिन मुझे नई मूवी सर्च करते हुए सेक्सी कहानियो की वेबसाइट दिख गयी और मैंने वहां “माँ के साथ सेक्स” की कहानिया पढ़ी. मेरा तो दिमाग ही ख़राब हो गया और मैं सोचने लगा, कि कितने गंदे लोग है.. ऐसा भी कोई कर सकता है, कि अपनी माँ को चोदे और वो वेबसाइट बंद कर दी. मैं लैपटॉप बंद करके नीचे आ गया. मम्मी का काम बस ख़तम ही होने वाला था. गर्मी ज्यादा थी और ऐसी भी बंद पड़ा था. इसलिए मम्मी पसीने में नहाई हुई थी. उन्होंने मेक्सी पहन रखी थी.

उनकी बगलों में पसीना आ गया था. गर्दन और पीठ भी पसीने से भीगी हुई थी. उनको देखकर मुझे वही सेक्सी स्टोरी ध्यान आ रही थी. पर मैं उसे भूलना चाह रहा था. फिर मम्मी ने कहा – साहिल, जा नहा ले. फिर खाना खाते है. मैं नीचे चला गया, पर मेरा दिमाग बराबर वहीँ उसी कहानी पर जा रहा था. तभी मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने मुठ मार ली. मैं नहाकर खाना खाने आ गया. फिर हम दोनों ने खाना खाया और सोने चले गये. मम्मी ने बताया, कि उन्हें पैरों दर्द हो रहा है, तो मैं उनके पैर दबाने लगा. उन्होंने कहा – बेटा, तू कितना ख्याल रखता है मेरा. अच्छा हुआ तू आ गया. वरना मैं तो यहाँ अकेले परेशान हो जाती हु. तेरे पापा ज्यादातर काम से बाहर ही रहते है. मैंने कहा – कोई नहीं मम्मी. अब तो मैं आ ही गया हु. अब मैं आपको हमेशा खुश रखूँगा. वो काफी खुश हो गयी. मैं उनके पैर सिर्फ घुटनों तक ही दबा रहा था.

फिर उन्होंने कहा, कि सो जा. पर आज मुझे इतनी जल्दी नीद नहीं आ रही थी. मेरा दिमाग ख़राब पड़ा था. मैं मम्मी से चिपक के लेट गया. मेरा लंड खड़ा हो रहा था. पर मम्मी को पता नहीं चल पा रहा था. मैंने अपना एक हाथ मम्मी के पेट पर रख दिया और लात उनकी जांघ पर.वो सीधे लेटी हुई थी. मैंने अपना हाथ उनकी नाभि पर रख दिया और थोड़ा तटोने लगा. फिर, मैं गया और मुठ्ठी मारकर सो गया. मम्मी के बिहेविअर में काफी बदलाव आ गया था.वो मेरे गाल पर किस कर देती थी और मुझसे काफी फ्रेंक हो गयी थी. मुझे भी अच्छा लगने लगा था. मैं उन्हें अब गलत नजरो से देखने लगा था. अब मैं रोज़ इन्सेक्ट स्टोरी पढता था और मुठ मारता था. मम्मी के साथ चिपक कर सोता था. जैसे कि मैंने बताया था कि लाइट तो आई नहीं और हमारा इन्वेर्टर भी ऑफ हो गया. अब रात को गर्मी की वजह से हम परेशान थे. पर मैं अभी भी मम्मी से चिपक कर ही सो रहा था.

मम्मी कहने लगी, मेरा पैर दबा दे. मैंने उसके पैर दबाये और वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी. मैं जानबूझकर उनके पैर आराम से और मज़े लेकर दबा रहा था. उन्हें भी रिलैक्स फील हो रहा था. वो भी आराम से लेटी हुई थी. मेरी मम्मी पतली थी, पर उनका बदन काफी गठीला है और उनकी चूची काफी टाइट है. गांड थोड़ी बाहर है.गरमी की वजह से मम्मी को पसीना आ रहा था. मैंने कहा – मम्मी अपना पेटीकोट उतार दो. हम ही तो है. यहाँ कौन देखने वाला है. गरमी में परेशान हो रही हो. वो मान गयी और उन्होंने अपना पेटीकोट उतार दिया. रोशनदान से बाहर से थोड़ी सी रौशनी आ रही थी और मुझे सब दिख रहा था. मम्मी की गांड बाहर निकली हुई थी और वो मुझे बस कामसूत्र की देवी लग रही थी. उनकी पेंटी काफी मॉडर्न टाइप की थी और स्ट्रिप उनकी गांड की दरार में घुसी हुई थी. और उन्होंने अपना ब्लाउज भी निकाल दिया. वाह, उनके बूब्स … क्या लग रहे थे….!!!

मन कर रहा था, कि उनकी ब्रा फाड़ दू और उन्हें खा जाऊ. मैंने दोबारा मम्मी के पैर दबाने शुरू कर दिए. अब मैं उनके पैर थाई तक दबा रहा था. मैंने आज चुदाई करने की ठान ली थी. तभी लाइट आ गयी और मम्मी ने उठकर कपड़े पहन लिए. मैंने उन्हें मना किया और कहा – लाओ मम्मी, तुम्हारी कमर की मालिश कर दू. मम्मी राजी हो गयी और वो पेट के बल लेट गयी. मैं जाकर तेल ले आया और उनकी पीठ पर लगाने लगा. वो आराम से लेटी हुई थी. मैं अपना हाथ उनकी पीठ पर बड़ी कोमलता से फेर रहा था. मम्मी ह्ह्ह्हम्म्म्म आंम्म्म कर रही थी. उन्हें भी मज़ा आ रहा था. मैं मालिश करता रहा.मैं कभी- कभी उनके बूब्स भी छेड़ देता था. मैं कहा – मम्मी अपनी ब्रा खोल दो. ज्यादा आसानी हो जायेगी.उन्होंने बिना झिझक उतार दी. मैंने अपनी मालिश जारी रखी और मज़े लेता रहा. मम्मी करीब ३५ साल की थी पर उन्होंने अपने आप को मेन्टेन किया हुआ था. उनका बदन काफी टाइट था. और फेट तो जरासा भी नहीं था. फिर मैं थोड़ा नीचे आया और उनकी गांड पर अपने हाथ फेरने लगा.

फिर मैंने गांड पर तेल लगाकर मालिश करने लगा. उनकी गांड काफी टाइट और बड़ी थी. थोड़ी मसाज करने के बाद, मैंने कहा कि मम्मी अपनी पेंटी उतार दो, दिक्कत हो रही है. उन्होंने मेरी तरफ देखा और कहा – खुद ही उतार दो. मैंने तुरंत उनकी पेंटी उतार दी और देखा कि उनकी गांड का छेद काफी छोटा और लाल था. उनकी चूत भी मुझे दिखाई दे रही थी. मेरा लंड पूरा खड़ा हो चूका था. मैंने उनकी गांड पर मालिश चालू की और उनके छेद के ऊपर ऊँगली फेर रहा था. मेरे पसीने छुट रहे थे. मैं कभी- कभी अपनी ऊँगली उनकी चूत में भी दे रहा था. वो म्मम्मम्म हम्मम्मम्म म्मम्मम अम्म्मम्म की आवाज़े निकाल रही थी. अब मैंने उनसे बिना पूछे ही उन्हें पलट दिया. वाह क्या टाइट बूब्स थे उनके अहहहाह अहहः वोव्वव्व्व. मैंने कहा – मम्मी, मैं आपका दूध पीना चाहता हु. वो कुछ नहीं बोली. मैं उनके बूब्स चूसने लगा और मैंने थोड़ा सा ही चूसा था. तभी मम्मी ने मुझे हटा दिया और कहा – अब नहीं आता इसमें. मैं शांत रहा पर मेरा मुझपर से कण्ट्रोल छुट चूका था.

मैंने मम्मी के होठो पर किस किया और मम्मी ने भी थोडा किस किया. फिर मुझे उन्होंने दूर कर दिया. मैं समझ गया, कि उन्हें और जोश चढ़ गया है और मैं उनके बूब्स पर तेल लगाकर मसाज करने लगा. उनके बूब्स काफी टाइट थे. ऐसा लग रहा था, जैसे कि तो दो आधे तरबूज रखे है. मैंने करीब २० मिनट तक उनपर मसाज की. उनके मुह से ह्म्म्मम्म अहहहहः की आवाज़ आ रही थी. अब मैं नीचे आ गया दोस्तों. उनकी चूत एकदम शेव थी और ऐसा लग रहा था, कि मम्मी की चूत एकदम क्वारी है. शायद पापा ने उन्हें काफी दिनों से नहीं चोदा था. मैंने उनकी चूत पर तेल लगाया और जैसे ही मैंने उनकी चूत को थोडा फैलाया, मुझे उनकी चूत का दाना दिख गया. मैंने जैसे ही उस दाने को छुआ, वो तड़प उठी. मुझे लगा यही सही मौका है और मैंने तुरंत अपना लंड निकाला और उनकी चूत में डाल दिया. वो उछल उठी और मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए. वो अहहहहः अहहहः अवावावावा … मर गयी….

अहहहः आहाहहः अहहहहः विक्की… अहहहः. मेरा लंड ७ इंच का है. वो उस समय सही से अन्दर भी नहीं गया था पर मैं ५ मिनट में ही झड़ गया. क्योंकि, ये मेरा फर्स्ट टाइम था. पर ये तो शुरुवात थी. आगे मैं बताऊंगा, कि कैसे मैंने अपनी नानी को भी चोदा और मम्मी की गांड भी मारी… तब तक लिए बाय….
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