मछली की तरह तडपा कर जन्नत

मछली की तरह तडपा कर जन्नत

हैल्लो दोस्तों.. में आप सभी को अपनी आज की कहानी Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories Antarvasna1.com को शुरू करने से पहले थोड़ा अपने बारे में बता देता हूँ। मेरा नाम यशपाल सिंह है और में राजस्थान का रहने वाला हूँ.. में दिखने में ठीक ठाक हूँ और मेरे लंड का साईज़ 8 इंच है।

अब आप सभी का ज्यादा टाईम खराब ना करते हुए में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों थोड़े दिन पहले मुझको एक मेल आया.. ऋचा नाम की लड़की का और उसने मुझसे मेरा फोन नंबर माँगा तो मैंने भी उसको अपना नंबर दे दिया और उस रात को करीब 12 बजे के आस पास मुझे एक अंजान नंबर से फोन आया। पहले तो एक मिस कॉल आया और फिर पांच दस मिनट के बाद फोन आया.. दोस्तों क्या बताऊँ आपको उसकी क्या कोयल सी आवाज़ थी। उसने कहा कि में ऋचा क्या आपने मुझे पहचाना तो मैंने कहा कि क्या आप भी कोई भूलने की चीज़ हो तो और मैंने उससे पूछा कि आप क्या करते हो तो उसने मुझे बताया कि वो किसी बड़ी युनीवर्सिटी में पढ़ती है और वो दो बहने है और उनमे वो बड़ी है.. उसकी बहन उससे उम्र में दो साल छोटी है और वो अपने घर वालों के साथ नहीं रहती.. वो कोटा में किसी हॉस्टल में रहती है और वहीं पर ही पढ़ाई करती है।

फिर मैंने उससे पूछा कि क्या आपको सेक्स करना या उसकी बातें करना अच्छा लगता है तो उसने बताया कि उसकी बहुत सी फ्रेंड्स अक्सर सेक्स से सम्बन्धित बातें उसको बताती रहती है और वो पढ़ने में बहुत होशियार है और आज तक उसने भी कभी सेक्स के बारे में नहीं सोचा था लेकिन फ्रेंड्स की बातों से उसको कुछ कुछ होने लगा था तो मैंने कहा कि आपको भी इसका मज़ा लेना चाहिए तो उसने कहा कि उसको यह सब करने में बहुत डर लगता है कि कहीं कुछ ग़लत हो गया तो वो सहन नहीं कर पाएगी तो मैंने उससे कहा कि यार आप बिल्कुल भी घबराओ मत और आप कोई टेंशन मत लो..आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है. मै हूँ ना आपकी टेंशन को दूर करने के लिए तो उसने कहा कि में आपसे एक बार मिलना चाहती हूँ.. मैंने कहा कि कोई बात नहीं आप बता दो कि कब मिलना है तो उसने कहा कि कल मेरे कॉलेज की छुट्टी है और मुझे अपने घर भी जाना है.. क्या आप मुझे कल मिल सकते हो।

फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं.. में कल सुबह आपके पास आ जाऊंगा। फिर दोस्तों हमारा उसके दूसरे दिन मिलने का प्रोग्राम बन गया और में जल्दी सुबह उठकर अपने घर से निकला और 10 बजे तक वहाँ पर पहुंचा और करीब 10.30 पर मुझे उसका कॉल आया कि वो भी अपने हॉस्टल से निकल रही है और वो भी मेरे पास आ रही है तो मैंने उसको कहा कि में जो गार्डन है उसके पास ही हूँ तो 11 बजे के करीब मुझे उसका कॉल आया कि वो वहाँ पर आ गई है और आप कहाँ पर हो? फिर मैंने उसको कहा कि जहाँ पर बताया था.. वहाँ पर ही हूँ तो उसने मुझे बताया कि उसने काले कलर का टॉप और नीली जींस पहनी हुई है और वो बिल्कुल मेरे सामने खड़ी इधर उधर देख रही थी। दोस्तों वो क्या चीज़ थी.. मै उसको देखता ही रह गया और वो एकदम आसमान से उतरी अप्सरा से कम नहीं थी.. गोरे रंग के ऊपर से काली कलर की टॉप जिसको देखकर मेरे होश उड़ गये और उसने मुझे देख लिया और मेरे पास आकर मुझसे पूछा कि क्या आप ही यशपाल सिंह हो? दोस्तों मेरी नज़रें उस पर से नहीं हट रही थी.. दोबारा फिर से उसने पूछा कि क्या आप ही यशपाल सिंह हो?

फिर मैंने कुछ पलों के बाद अपने होश में आकर उसकी बात का जवाब दिया कि हाँ में ही यशपाल सिंह हूँ और फिर उसने मुझसे अपना हाथ आगे बड़ाकर हाथ मिलाया.. दोस्तों उसके क्या मखमल के जैसे हाथ थे तो हम वहाँ पर कुछ टाईम बैठे और मै उसके लिए आईसक्रीम लेकर आया और हम बातें करने लगे। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या सोचा है आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है. अब चले यहाँ से तो उसने कहा कि मुझको बहुत डर लग रहा है तो मैंने उसको कहा कि डरने की कोई बात नहीं यार आप बिल्कुल भी मत डरो मै हूँ ना और हम वहाँ से निकल गये। फिर मैंने उसको अपनी गाड़ी में बैठाया तो उसने रास्ते में चलते समय अपने घर पर फोन किया और कहा कि वो आज घर नहीं आ रही.. वो अपनी किसी फ्रेंड के घर जा रही है और फोन कट कर दिया। फिर कुछ टाईम के बाद हम एक अच्छे से होटल में पहुंच गये और फिर उसने मुझसे कहा कि वो इस तरह पहली बार किसी होटल में जा रही है और घबराह भी बहुत रही थी।

फिर मैंने उसको थोड़ी हिम्मत दी और में रूम की चाबी लेकर आ गया और हम लिफ्ट से अपने रूम तक आ गये.. वहाँ पर रूम सरवेंट ने रूम का दरवाजा खोला और वो चला गया। फिर हम जैसे ही रूम के अंदर पहुंचे तो वो जाकर सोफे पर बैठ गई और मैंने उसको कहा कि आप बाथरूम में जाकर नहा लो तो वो बाथरूम में चली गई और में बाहर बैठकर उसका इंतजार कर रहा था और फिर कुछ टाईम के बाद जब वो बाथरूम से बाहर निकली तो अपने खुले हुए बाल छोटी सी पेंट और टाईट टी-शर्ट में.. तो में पागल सा हो गया और मेरा लंड एकदम रोड की तरह तना हुआ खड़ा रहा था और मुझसे कह रहा था कि मुझे आज़ाद कर दो ताकि में उसकी चूत में जा सकूँ.. उसके बाल उसकी गांड से नीचे आ रहे थे। फिर मैंने उसको पीछे से अपनी बाहों में जकड़ लिया और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को पकड़ लिया.. दोस्तों क्या बूब्स थे उसके एकदम पके हुए आम की तरह मुलायम, गोल और बड़े बड़े।

फिर मैंने सही मौका देखकर उसको बेड पर गिरा लिया लेकिन वो शरमाने लगी। फिर मैंने उसके होंठो के ऊपर अपने होंठ रख दिए और वो भी मुझे पागलों की तरह किस करने लगी और धीरे धीरे गरम होने लगी तो मैंने उसकी टी-शर्ट निकाल दी.. उसने नीचे गुलाबी कलर की ब्रा पहनी हुई थी। में उस समय इतने जोश में था कि मैंने उसकी ब्रा को उतारने की जगह खींचकर फाड़ दिया.. जिसकी वजह से उसके नाजुक जिस्म पर मेरे नाख़ून से लाल निशान पड़ गये और फिर में बूब्स के बाहर आते ही उन पर टूट पड़ा और बूब्स को चूसने लगा और मैंने उसके बूब्स को बहुत देर तक चूसा तो वो बिना पानी की मछली की तरह तड़प रही थी आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है. और मेरे सर को अपनी छाती से दबाकर बोल रही थी कि यशपाल सिंह कितने टाईम से में इस आग में जल रही थी.. प्लीज आज इसको बुझाकर मुझे शांत कर दो तो मैंने उससे कहा कि कोई बात नहीं.. मेरी रानी आज Antarvasna1.com में तुझको जन्नत की सेर कराऊंगा और फिर मैंने उसकी पेंट को भी उतार दिया। दोस्तों वाह क्या गुलाबी कलर की चूत थी लेकिन वो अब चूत रस से पूरी तरह गीली हो गई थी और उससे बड़ी अच्छी खुश्बू आ रही थी। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को खोला और उसकी चूत के पास अपना मुहं ले जाकर चूत चाटने लगा और फिर उसने धीरे धीरे एक एक करके मेरे पूरे कपड़े उतार दिए और मेरे लंड को देखकर बोली कि में इसको सहन नहीं कर सकती तो मैंने कहा कि इसके साथ ही तो तुझे जन्नत का मज़ा मिलेगा मेरी रानी और मैंने उसको लंड चूसने को कहा तो उसने मना कर दिया तो मैंने उसका मुहं खोला और जबरदस्ती लंड उसके मुहं में डाल दिया..

जिसके कारण उसकी आँखो से आँसू निकल आए और में उसके बालों को पकड़कर लंड को ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा और फिर कुछ देर के बाद वो मेरे लंड को मज़े लेकर चूसने लगी और हम 69 की पोजिशन में आ गये। फिर कुछ देर बाद वो एकदम अकड़ गई और उसकी चूत से पानी निकलने लगा.. जो कि बड़ा ही स्वादिष्ट था आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है. मैंने उसके दोनों पैरों को खोला और अपना लंड उसकी चूत के ऊपर सेट किया और हल्का सा धक्का मारा तो वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी कि मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. प्लीज इसे बाहर निकालो.. में मर जाउंगी प्लीज बाहर करो इसे.. फिर में उसको देखकर थोड़ा रुक गया और मेरे पास में एक चोकलेट पड़ी हुई थी.. मैंने उसको अपने लंड और उसकी चूत पर लगाया और उसके होंठो को अपने होंठो से पकड़ा और लंड को फिर से चूत पर सेट करके ज़ोर से एक धक्का मारा.. जिसके कारण वो ऊपर उछली और मेरा लंड बिना ब्रेक के उसकी चूत के सभी पर्दे फाड़ता हुआ अंदर चला गया लेकिन उसकी आँखो से आँसू लगातार निकले जा रहे थे।

फिर में कुछ टाईम उसके ऊपर चुपचाप पड़ा रहा तो वो हिलने लगी.. शायद उसका दर्द थोड़ा कम हो गया था और फिर मैंने धीरे धीरे अपनी स्पीड तेज कर दी और वो भी अपनी गांड को हिला हिलाकर मेरा साथ दे रही थी और कुछ देर के बाद एकदम से उसका शरीर अकड़ गया और उसकी चूत का पानी निकल गया तो मैंने उसको अपने ऊपर किया और उसको कहा कि तुम अब मेरे लंड पर कूदो और वो भी मेरे कहने पर मेरे लंड पर कूदने लगी और कह रही थी कि यशपाल सिंह आज से में तुम्हारी हूँ.. आज तुमने मुझको असली जिंदगी से रूबरू करवाया है और अब में भी झड़ने वाला था तो मैंने कहा कि मेरा भी वीर्य निकलने वाला है तो में अपने लंड का पानी कहाँ पर गिराऊँ तो उसने कहा कि अंदर ही डाल दो तो मैंने उसको अपने नीचे किया और ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और हम एक साथ ही झड़ गये और उसके बाद मैंने उसको उस दिन पूरी रात चोदा ।।

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