मकान मालकिन भाभी की चुदाई 1

मकान मालकिन भाभी की चुदाई 1

हेल्लो दोस्तो.. आज आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories जो 6 महिने पहले की है
बात है उन दिनो की जब मै मास्टर डिग्री कि पढाई यूनिवर्सिटी से कर रहा था’, इस्लीये मै एक रूम किराए पे लेकर रहता था मेरी उम्र 25 साल है। मै जहाँ रहता था वहा मेरा रूम तिसरा तल्ला यानी सब से उपर था’ फ़िर दूसरा तल्ला यानी बिच मे मकान मालिक और पहला तल्ला यानी नीचे एक फ़ैमिली रहती थी
उस समय गर्मी का मौसम था तो रात को कभी कभी ज्यादा गर्मी रहने पर नीचे की किराये दार उपर छत पे आ जाया करती थी घुमने. गर्मी से राहत पाने के लिए। दोस्तो मै बता दूँ कि उस फ़ैमिली मे 4 लोग थे.. एक औरत जिन्हे भाभी कहता था ‘ दुसरा उनका पति जो पुलिस विभाग मे थे इस्लीये वो अधिकतर बाहर रहते थे, 2 या 3 महिने मे आते थे घर,और उनकि दो बेटीयाँ भी थी जो दोनो ही एक दममस्त थी, एक 18 साल कि थी जो अभि अभि 12thपास की थी ओर एक दम सेक्सी लगती थी, हमेसा छोटे कपडे पहनति थी और एक उनकि बड़ी बेटी(प्रेरना) जिन कि शादी 2 साल पहले हो गयी लेकिन उसका पति किसी गलत काम मे जेल मे बंद थे 4 महिनो से तो वो अक्सर यहाँ रहती थी,
प्रेरना बड़ी हि सेक्सी थी, उसका शरीर गदराया हुआ था, हल्कि मोटी लेकिन एकदम लंड से पानी निकाल देने वाला शरीर था उसका ये बता दूँ की उषा भाभी तो अपनी दोनो बेटियो से भी बहोत मस्त दिखती थी, उनकि उम्र 35साल थी मगर 20 साल की छोकरी से कम नहीं दिखती थी |
भाभी के क्या गाड़ थे..क्या चुचि थी .. क्या जांघ थे..और क्या बताउ दोस्तो,,, उसे देखते हि मुँह से पानी आने लगता था, वो लोग जब भी आति छत पे रात को घुमने के लिए तब हम से बाते करती थी उषा भाभी , और उनकि दोनो बेटीयाँ भी, इस तरह चलते रहा , हम एक दुसरे को अच्छी तरह जान पहचान हो गयी , वो लोग मुझे अपना मानने लगे थे.. कभी कभी कुछ खास मौके पे मुझे खाने पे बुलाती घर मे.. फ़िर भाभी वहि सोने को भी कहता मगर शर्म से नहि सोता था
दोस्तो उसकी बड़ी बेटी को भी अकेले मे भाभी हि कहता था और सबके सामने प्रेरना जी, और उनकि छोटी बेटी को छोटी कहता था क्योंकि उसे सब छोटी बुलाते थे घर मे
बस इस तरह से 4 महिने बित गये, हम पहले से बहुत करिबि हो गये, वो हमसे कुछ भी नहि छुपाती, जो भी बात हो एकदम खुलकर बताती अपना मानकर जिस्से मै उषा भाभी के एकदम करिब हो गया
उषा भाभी को जब भी कोई काम पड़ता मुझे बुलाति ओर मै जरुर कर देता था, इस तरह से मुझे सायद अब प्यार भी करने लगी थी, मेरे साथ ज्यादा समय बिताना, हर एक बात बताना, बाते करते समय कभि थोड़ी छेड़्खानी भी हो जाति थी.. आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मैने उनसे पूछा भाभी आपके पति महिने दो महिने मे आते है कैसे रह लेते हो आप उनके बिना. कभि आपका मन नहि करता प्यार करने का?? भाभी बोलि कि मन तो बहुत करता है मगर क्या करे जी बर्दास्त करने के सिवाय कोई उपाये भी तो नहि मैने कहा ओके भाभी
एक दिन रात को घर मे बिजली नहि थी तो भाभी रात के 11 बजे उपर छत पर आयी और टहलने लगी फ़िर हमसे बाते करने लगी, उनकी दोनो बेटीयाँ सोयी गयी थी, उस रात हम 1 बजे तक बाते करते रहे फ़िर भाभी को निंद आने लगि कहने लगि कि अब मै चलति हूँ सोने,, मैने कहा ओक भाभी, जब वो जा रहि थी तो उनके गाड़ देख रहा था गौर से..बड़े बड़े गाड़ थे उनके वो हमेसा चमक वाली और पारदरर्सी साड़ी पहनती थी जिससे उनका जिस्म थोड़ा थोड़ा दिखायी देता था? और वो ब्लाउ सभी बहुत छोटी पहनती थी जिससे उनकी पिठ, बाँह, और बूब्स दिखायी देते थे
फ़िर एक दिन उनकि दोनो और छोटी को उनकि किसि सहेलि कि शादी मे जाना था, ओर 4 दिन बाद हि वापस लौटने को कह रहि थी |
शुबह भाभी मुझे 6 बजे जगायी ओर बोलि कि प्रेरना और छोटी को रेलवे स्टेशन छोड़ दिजिये ,, मैने कहा ठीक है भाभी मै छोड़्कर आता हूँ , जब हम घर बाहर निकलने लगे तो प्रेरना ने कहा- मम्मी का पुरा ख्याल रखियेगा,
मैने कहा हाजी एकदम पुरा हि ख्याल रखुंगा, आप चिंता मत करो, फ़िर उन दोनो को बाइक पे बिठाकर छोड़ आया
वापस आया तो भाभी ने कहा आज अपका खाना यहीं बन रहा है, क्योंकि अकेले हूँ तो अच्छा नहीं लगता अकेले खाना… इसलिये आज आप यहीं खाना खा लेना ,,, मैने कहा ओके
फ़िर भाभी बोली कि फ़्रेश होना हो तो यहि हो जाना..उपर जाने कि जरुरत नहि.. मैने कहा मेरे कपड़े ले आउ भाभी !?? उन्होने कहा हा ले आइये,.. आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मै कपड़े लेकर आताहूँ , बाथरूम मे चला जाता हूँ नहाने के लिए ,मै वहा भाभी के पैंटी और ब्रा टंग़ि हुइ देखता हूँ , एकदम छोटी सि पैंटी पहनति है भाभी .. मै नहाने लगता हूँ | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
मै अपना तौलिया भुल जाता हु लाने तब भाभी से कहता हु देने को , वो आति है तौलिया लेकर, मै हाथ निकालकर माँगता हूँ , वो देती है, मै उनका हाथ पकड़ लेता हूँ ,
वो छुड़ाने लगति है, मगर मै नहीं छोड़्ता, वो जिद करनी लगति है और खाना जल जाने का बहाना करती है तब छोड़ देता हूँ उन्हे, फ़िर मै तौलिया लपेटकर बाहर आ जाता हूँ भाभी मुझे देखकर मुस्कुराने लगति है, मैने पूछ क्यु मुस्कुरा रहे है भाभी ??? बोलि ऐसे हि..ओक
खाना बन चुका था , भाभी बोलि आप बैठिये , टीवी देखिये, सेक्सी चेन्नल लगा दि भाभी और बोलि मै फ़्रेश होकर आति हूँ फ़िर साथ मे खाना खायेंगे, मैने कहा ओके भाभी ,
भाभी चलि नहाने बाथरूम मे…भाभि अपनि पैटी ओर ब्रा भुल जाति है लेने को, फ़िर मुझे अवाज़ लगाते है प्लीज़ वहा मेरे कपड़े हैं दिजिये , मै देने जाता हु फ़िर उनका हाथ पकड़ लेता हूँ और बाहर खिचने लगता हु..लेकिन छुड़ाने लगति हैं ओर मै छोड़ देता हूँ |
फ़िर भाभी बाहर आति है तौलीय मे, वो रूम मे जाकर कपड़ पहनने लगति है, फ़िर बाहर आति है, जब उन्हे देखता हु तो मेरे मुँह गलति से निकल जाति है ‘सेक्सी भाभी ‘ ओर वो सुनकर मुस्कुराने लगति है ओर कहति धत पागल
वो और फ़िर हम खाना खाने लगते हैं खाना खाने के बाद भाभी कहती है मै थोड़ी देर सोती हूँ नींद आने लगी , मैने कहा ओके भाभी , वो कहती है आप क्या करोगे अभी चलो कुछ देर आपभी सो जाओ, मैने हा कर दिया ओर हम सोने चल दिये रूम मे भाभी बेड पी लेट जाती है और मै भी, हम बात करने लगते है..बात करते करते थोड़ी छेड़्खानी शुरु हो जाती है हम दोनो मे, इस तरह मै उन्हे अपने ऊपर अपने बाहो मे भर लेता हूँ और जोर से दबा लेता हूँ अपने मे.
भाभी मुस्कुराने लगती है और छोड़्ने को कहती है लेकिन मैने कहा आज तो नहि छोड़ुंगा आपको , भाभी कहती है क्यों — मेरा रेप करोगे??
मैने कहा नहीं भाभी .. आपको बहुत प्यार
भाभी – तो प्यार करो न किसने मना किया , इससे उनका इशारा ओर मेरी हिम्मत और बढ़ गयी , फ़िर मैने उनके होठो पे एक चुम्मि लि.. भाभी को भी बहुत अच्छा लगा | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
अब वो भी मेरा साथ देने लगी किस्स करने मे.. हम दोनो अब गर्म होने लगे.. फ़िर उन्हे बेड पे पटक दिया, वो पिली रंग कि पारदर्सी साड़ी पहनी हुइ थी, मैने झट से उनके बाहो से साड़ी हटा दीया और किस्स करने लगा वो भी मुझे किस्स करने लगी और कहने लगी ये गलत है.. कहानी जारी है …..

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