बाप बनने की चाहत में अपनी पत्नी को चुदवाया

बाप बनने की चाहत में अपनी पत्नी को चुदवाया

नमस्कार दोस्तों में समीर गुप्ता आगरा से हूँ यह मेरी मस्तराम डॉट नेट पर पहली कहानी Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories है यह एक सत्य घटना पर आधारित है जो मेरे साथ हुयी ।में आप लोगो को अपने बारे में थोड़ी जानकारी दे दूँ ।मेरी लम्बाई 5 फ़ीट 3 इंच है और मेरी उम्र 22 साल है। दिखने में गोरा हूँ और लण्ड की लम्बाई 6 इंच है ।अब में आपको कहानी की और लेकर चलता हूँ।यह बात अभी मार्च की है। मेरी फेसबुक पर एक अंकल मेरे साथ जुड़े हुए थे एक दिन उनका मेसेज आया- फिर हम लोगो की रोज बात होने लगी थी वो गुजरात से थे उनके घर में वो दो लोग ही थे अंकल और आंटी ।
अंकल ने अपनी उम्र 45और आंटी की उम्र 38 साल बताई एक दिन मेने उनसे पूछा अंकल आपके बच्चे नहीं है तो उन्होंने कहा नहीं ।फिर उन्होने खुद ही मुझे पूरी बात बताई – मैं बहुत दुखी हूँ सेक्स की परेशानी को लेकर, बहुत इलाज करवाया पर डॉक्टर कहते हैं कि मैं बाप नहीं बन सकता यह कहकर वो रोने लगे । फिर उन्होंने मुझसे कहा क्या आप मेरी मदद कर सकते है ।मेने कहा जी कहिये में आपकी क्या मदद् कर सकता हूँ ।उन्होंने कहा -क्या आप मेरी पत्नी के साथ सम्भोग करके मुझे बाप बनने का सुख दे सकते हो में आपका यह एहसान कभी नहीं भूलूंगा अगर आप चाहो तो में आपको इसके बदले में पैसे भी दे सकता हूँ।

मेने कहा अगर आपकी पत्नी को कोई परेशानी न हो तो में तैयार हूँ।मेरी बात सुन कर वो बहुत खुश हुए उन्होंने कहा मेरी पत्नी तो तैयार है फिर मेने आंटी से भी बात की।। फिर अंकल ने कहा में और मेरी पत्नी एक हफ्ते बाद देल्ही आ रहे है और आपको यह काम वही करना है मेने कहा नही में यह काम वहां नही आगरा में करूँगा वो अपने किसी काम से डेल्ही आ रहे थे ।मेने कहा आप अपनी पत्नी को आगरा में छोड़ जाना और आप अपना काम डेल्ही में कर लेना वो राजी हो गया।फिर उसने मुझसे मेरा wharsapp नंबर लिया ।फिर हमारी बात whatsapp पर होने लगी ।वही उसने मुझे अपनी पत्नी की फोटोज दिखाई और उसकी पत्नी ने भी मेरी फ़ोटो देखी उसने मुझे अपने सेक्स की 2 वीडियो बनाकर की भेजी ।ऐसे ही 1 हफ्ता गुजर गया और जैसे ही वो डेल्ही आये उन्होंने मुझे कॉल किया मेने कहा आप आगरा आ जाओ शाम को 9 बजे वो आगरा आ गए आगरा आते ही उसने मुझे कॉल किया मेने उसे एक होटल का नाम बताया वो हॉटेल मेरे एक दोस्त का था मेने कहा आप उसमे एक रूम ले लो में सुबह वहां पहुँच जाऊंगा।उसने कहा ठीक है ।सुबह 10 बजे में वहां पहुच गया और में उन अंकल आंटी से मिला अंकल ने मुझसे कहा ये तुम्हारे साथ यहाँ 6 दिन तक रहेंगी तुम अपना काम अच्छे से करना 6 दिन काफी है ।इस काम के लिए ।फिर अंकल कहने लगे अब में डेल्ही जा रहा हूँ और 6 दिन बाद वापस आऊंगा ।फिर अंकल वहां से रवाना हो गए।
फिर मेने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और आंटी के पास जाकर बैठ गया आंटी ने साडी पहनी थी, में आंटी से बात करने लगा मैंने आंटी की जांघ पर हाथ रख दिया, और में उनसे बाते करते जा रहा था और उनकी साडी के ऊपर से ही उनकी जांघ को सहलाने लगा | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
मेने आंटी से कहा आंटी में आपको सेक्स का पूरा मज़ा दूंगा और आपको मेरा पूरा साथ देना होगा।आंटी ने हां में सर हिलाया। यह कहते ही आंटी ने मुझे बाहों में भर लिया और फिर हमारे मुँह जुड़ गये कभी उनकी जीभ मेरे मुँह में जाती तो कभी मेरी जीभ उनके मुँह में!

इसके साथ ही उनके हाथ मेरी बेल्ट पर पड़े, उसने मेरी बेल्ट खोल दी और पेंट के हुक खोलने की कोशिश कर रही थी। मैंने उन्हें थोड़ा सा पीछे किया और पैंट उतार दी और साथ ही उसकी साडी भी उतार दी।
सफेद ब्रा में कसे हुए उसके स्तन एकदम गोरे मस्त लग रहे थे उनके स्तन बहुत बड़े थे , उन्हें देखते ही मुझे नशा हो गया, मैंने उसके स्तनों को ब्रा के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया और ऐसे ही लिपटे हुए हम दोनो पलंग तक पहुँचे।

पलंग पर पहले हम दोनों बैठे और फिर ऐसे ही लिपटे हुए हम लेट गये, उसका सिर मेरी बाँईं बाँह पर था और दाँये हाथ से मैं उसका स्तन चूस रहा था।
मेरे होंठ उसके चेहरे पर घूम रहे थे, कभी मैं उसके होंठ चूस रहा था तो कभी उसके गाल और कभी उसकी गर्दन पर जीभ से चाट रहा था।
मेरी इन हरकतों से वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी।
अचानक वो एक झटके से उठी और मुझे नीचे गिरा कर मुझ पर सवार हो गई, मेरी जांघों पर बैठ कर मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी।मैंने उसे हटाया और अपनी शर्ट और बनियान उतार दी।

मैंने जल्दी से उसकी ब्रा की हुकें भी खोल दीं।
अब मेरे शरीर पर अंडरवियर था और उसके शरीर पर केवल पैंटी उनके निप्पल की घुंडी एकदम कड़ी थी और उसने निचे काला गोला बना था। आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

इतने सुंदर स्तन ! उन्हें देखकर मेरे मुह में पानी आ गया।
मैं ज़्यादा देर ना करते हुए उसके बाँयें स्तन को मुँह में भर लिया और चूसने लगा और दाँयें स्तन को अपने हाथ से दबाने लगा और कभी उनके निप्पल को उंगली और अंगूठे में लेकर मसलता आंटी से अपनी उत्तेजना बर्दाश्त नहीं हो पा रही थी, वो मुझे पकड़ कर अपने ऊपर खींच रही थी, एक हाथ मेरे बालों में फेर रही थी और दूसरा हाथ मेरे अंडरवियर में घुसा कर कभी मेरे चूतड़ों को तो कभी मेरे लण्ड को मसल रही थी, मुझे अपनी तरफ पूरे ज़ोर से खींच रही थी।

मैं समझ गया कि आंटी की चूत लण्ड लेने के लिए तड़फ रही है फिर मेने उनकी पेंटी उतार दी और अपना अंडरवियर भी उतार दिया।

मेने फिर से आंटी के दोनों स्तनों को बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया और फिर धीरे धीरे मैं छाती कमर और पेट को कभी चूसता और कभी हल्के दाँतों से काट लेता।
इसी तरह से मैं उसकी जांघों तक पहुँच गया।

आंटी के मुँह से आआअह्ह ह्ह्ह्ह… सीईई ईईईई… की आवाज़ निकल रही थी।

अब मैंने अपनी जगह बदल दी और उसके पैरों की तरफ आ गया।
वो बेड पर लेटी हुई थी, उनको घुटनों से पकड़ कर मैंने बेड से नीचे की ओर खींचा तो वो भी नीचे को सरक गई।
मैं फर्श पर घुटनों के बल बैठ गया और उसकी पिंडलियों से चाटना शुरू कर दिया और बारी बारी से दोनों पिंडलियों से चाटता हुआ ऊपर जांघों की ओर बढ़ा और मैं उसकी जांघों को कभी बहुत प्यार से और कभी एकदम से जीभ को सख़्त करते हुए चाट रहा था ।वो बहुत गर्म हो चुकी थी, तड़प रही थी, कहने लगी- अब चोदिये ना मुझे

मैंने कहा- रुको अभी आओ 69 करते हैं।

वो कहने लगी- नहीं, अभी तुम मेरी चूत चोदो बस !

पर मैंने माना नहीं, वो मेरे लण्ड को चूसने लगी और मैं उसकी चूत को चाटने लगा। क्या मादक खुशबू थी उसकी चूत की ! नशा सा होने लगा मुझे उसकी चूत की खुसबू से ! आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

बाल भी नहीं थे उसकी चूत पर ! शायद मेरे लिए ही साफ़ किये थे हम दोनों एक दूसरे की चूत और लण्ड चुसाई करते रहे। 5 मिनट के बाद ही आंटी के पैर थरथराने लगे, उसने मुझे जोर से अपनी चूत पर दबा दिया और अपना पानी निकाल दिया। मेने आंटी का पानी उनकी पैंटी से साफ़ कर दिया।

अब वो शांत हो गई थी अब हम दोनों थोड़ी देर एक दूसरे की बाहो में ऐसे ही लेते रहे ,में फिर से आंटी के स्तन को हाथ से दबाने लगा में एक हाथ से आंटी के स्तन को दबा रहा था और एक हाथ से आंटी की चूत में उंगली अंदर भाहर कर रहा था और आंटी भी अपने हाथ से मेरे लण्ड को सहला रही थी । अब मैं फिर से आंटी की चूत को चाटने लगा आंटी फिर से गरम होने लगी में उनकी चूत को चाट रहा था और उनके स्तन भी दबा रहा था थोड़ी देर बाद आंटी मेरे लण्ड को मुह में लेकर चूसने लगी उनकी चुसाई से मेरा लण्ड फिर से तैयार हो गया अब मेने आंटी को सीधा लिटाया और उनकी चूत पर अपना लण्ड सेट किया और एक जोर का झटका दिया एक ही झटके में उनकी चूत मेरे पूरे लण्ड को निगल गयी आंटी थोड़ी कसमसाई पर लण्ड अन्दर पूरा उनकी चूत में फच की आवाज के साथ घुस गया।अब में धीरे धीरे दक्के लगाने लगा पर मेरा मुँह उसकी छातियों में घुस गया और मैंने उसके बाँये स्तन को मुँह में भर लिया, कभी तो उसे पूरे ज़ोर से चूसता और कभी उसके निप्पल को अपनी ज़ुबान से छेड़ता, कभी उसके निप्पल को होंठ और दाँत से हल्का हल्का काटता।वो आहे भर रही थी आआह्ह आआह्ह्ह आआअह्हह्हह आअह्ह्ह

मैंने एक हाथ उनके चूतड़ के नीचे डाला और दूसरे से उसके सिर के बालों को सहलाने लगा
अब उसने नीचे से ज़ोर लगाना शुरू कर दिया, मैंने भी अपनी धक्के मारने की गति को थोड़ा सा बढ़ाया पर मैं बीच की गति से लेकिन गहरे धक्के लगा रहा था, साथ ही मैं उसके मुँह में अपनी जीभ घुमा रहा था और साथ ही अपने बाँये हाथ से उसके दाहिने निप्पल को मसल रहा था। आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
मैं जैसे ही उसके निप्पल को मसलता तो वो आह्ह्ह करती

इधर मेरे धक्कों की गति बढ़नी शुरू हो गई थी पर फिर भी स्पीड बहुत तेज़ नहीं थी, उनकी आँखें बंद थीं और वो नीचे से पूरा ज़ोर लगा रही थी।फिर वो तुरंत मेरे ऊपर आ गई, ऊपर आकर उसने अपने आपको सेट किया और फिर मेरे उसकी चिकनाई से सने हुए लिंग को पकड़ कर सेट किया और उसके ऊपर बैठती चली गई, मेरा लिंग भी उसकी योनि में सटाक से घुस गया
जैसे ही मेरा लिंग उसके अंदर गया उसके मुँह से बहुत ही सेक्सी आवाज़ निकली आआआ आआअह्ह्ह ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ्फ्फ आआअह्ह्ह्ह

अब वो मेरे ऊपर हिल रही थी तो उनके स्तन हिलते हुए बहुत मनमोहक लग रहे थे। मेने लपक कर उनके स्तन अपने मुँह मे ले लिए और उनको चूसने लगा।

जितने ज़ोर से मैं उनका स्तन चूस रहा था, उतनी उनकी उत्तेजना अधिक बढ़ रही थी, और उनकी ऊपर नीचे होने की गति तेज हो गयी। आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
अब मेंने उनका दाँया स्तन मुँह में भर लिया और बाँये स्तन को मैंने मुठ्ठी में भर कर दबाना शुरू कर दिया, मैं कभी तो उसके स्तन को पूरा मुठ्ठी में भर कर दबा रहा था ।
अब वो मेरे ऊपर से उतर कर बेड पर गाण्ड को मेरी तरफ करके कुतिया की तरह हो गई। मैं समझ गया.. मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया और धक्के लगाने लगा। वो ‘उईईए.. आईईई.. हईईईई..’ करने लगी और अपनी चूत मेरे लंड पर जोर-जोर से मारने लगी।मेने आंटी की कमर को पकड़ा और उनकी चूत में लण्ड को जोर जोर से पेलने लगा आंटी नशे में बड़बड़ाने लगी आआह्ह्ह्ह आःह्ह्ह ह्म्म्म ऐसे ही बहुत मज़ा आ रहा है चोदों हां उफ्फ्फ्फ्फ़ थोड़ी देर बाद

अब हम दोनों बिस्तर से नीचे आ गए। मैंने उसकी एक टांग को बिस्तर पर टिका दिया और एक नीचे ही रहने दी। फिर मैंने उसके पीछे खड़े होकर उसकी चूत में लंड पेल दिया और उन्हें चोदने लगा अब आंटी के लड़खड़ाने लगे वो काँपने लगी फिर मेने उन्हें बिस्तर पर लिटाया और में उनके ऊपर चढ़ गया और उनकी चूत को चोदने लगा आंटी ने अपनी दोनों टाँगे मेरी कमर से लपेट ली थी और अपने दोनों हाथ से मेरी पीठ को सहला रही थी आंटी पागल हुए जा रही थी वो अब मेरी पीठ पर नाखून गड़ा रही थी और नीचे से अपने चूतड़ उछाल रही थी उन्होंने मुझे अपनी बाहो में बहुत तेज जकड लिया और मेरे मुँह पर इधर उधर किस करने लगी में समझ गया की आंटी झड़ने वाली है तभी आंटी का शशीर अकड़ने लगा और आंटी का पानी निकल गया आंटी ने मुझे ढीला छोड़ दिया अब में भी जड़ने वाला था सो मेने आंटी के कंधो को कस कर पकड़ा और अपनी पूरी ताकत से उनकी चूत को चोदने लगा जब लण्ड उनकी चूत में अंदर जाता तो मेरे टट्टे उनकी चूत पर जाकर लगते उसकी आवाज आती पट पट पट और उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया था उसकी भी आवाज आती फच फच फच 5 या 6 झटके देने के बाद मेने अपना पूरा माल आंटी की चूत में गिरा दिया और 5 मिनट तक उनके ऊपर पड़ा हांफता रहा अब में उनके ऊपर से उतर कर उनकी बगल में लेट गया।आंटी समझदार थी उन्होंने अपनी दोनों टाँगे ऊपर कर ली और लेती रही (ऐसा करने से वीर्य बच्चेदानी में पूरा चला जाता है और वीर्य भाहर नही निकलता इससे गर्भ ठहरने में सहायता मिलती है।) आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

दोस्तों ये मेरी पहली कहानी है अगर मुझे आप लोगो का प्यार मिलेगा तो में आगे भी आपको अपने जीवन की सत्य घटना बताता रहूँगा।
मुझे आपके प्यार का इंतजार रहेगा।मुझे मेल करके बताइये आप लोगो को मेरी ये कहानी पसंद आई या नही ।

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