बरसो पुरानी प्यास

बरसो पुरानी प्यास

Antarvasna, Chudai, Hindi Sex, Indian sex, kamukta मेरा नाम नीलम है और मै एक शादीशुदा औरत हु | शादी से पहले मुझे नहीं मालूम था, कि मेरी जिन्दगी शादी के बाद इतनी बदल जाएगी | मेरे पति मेरे साथ पलंग पर सेक्स और संभोग तो करते थे, लेकिन मुझे मेरी चरमसीमा तक नहीं ले जा पाते थे | मेरी झड़ने से पहले ही, वो स्खलित हो जाते थे और मै पूरी रात बिस्तर पर करवटे बदलती रहती थी | मेरे पति दुसरी तरफ मुह करके सो जाते थी और उनको मेरी कोई परवाह नहीं होती थी | कुछ साल तो मैने ऐसे ही निकाल दिये, लेकिन उसके बाद मैने अपने पति से बात की और उन्होंने भी अपनी कमी को मानकर मुझे अपनी पसंद के आदमी के साथ सेक्स करने की इज़ाज़त दे दी थी | उस दिन के बाद, मैने कुछ सेक्स की वेबसाइट अपने बारे मे डाला और अपने कुछ सेक्स फोटो भी खीचकर डाल दिये | उस दिन के बाद, मै और मेरे पति जब भी वो वेबसाइट देखती, तो बड़े सारे लोग मुझसे दोस्ती करना चाहते थे और बड़ी मस्त-मस्त बातें लिखती थे | हम दोनों ने मिलकर ये सोचा, कि हम किसी भी लोकल आदमी की बजाय, किसी विदेशी के साथ सेक्स और संभोग करते है |हम दोनों ने एक विदेशी आदमी को चुना और उससे बातें शुरू कर दी | उस आदमी ने अपने वेबकैम हमारे लिए चालू कर दिया | वो आदमी नंगा बैठा हुआ था | उसका लंड काफी मोटा और बड़ा था, मेरे पति तो उसको देखकर उठकर चले गये और मुझे आगे बात करने के बोल गये | मुझे उस आदमी के साथ, बात करने मे बड़ा मज़ा आ रहा था और मैने उस दिन उसके साथ वेबकैम पर सेक्स किया | उसने भी मेरे सामने अपने लंड का हस्थ्म्थुन किया | उसका गाढ़ा वीर्य देखकर मेरे मुह मे पानी आ गया और मेरे चूत मे खुजली होने लगी | मैने अपनी ऊँगली से और पेन से अपनी चूत को छोड़कर अपने को शांत किया | यह कहानी देसीएमएमस्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे रहे । उस रात मैने अपनी पति के सामने अपने आप को पूरा खोलकर डाल दिया और उनसे अपना रेप करने के लिए बोला | उस रात, वो थोड़ी बहुत मुझे राहत दे पाए | मैने उनको उस विदेशी के बारे मे सब कुछ बता दिया और उसके आने के बारे मे भी बताया |अगले महीने, वो विदेशी हमारे घर आया | वो ६० साल का बुड्डा था, लेकिन बड़ा ही फिट था और लग ही नहीं रहा था, कि वो ६० साल का है | हम सबने रात का खाना साथ खाया और किसी ने से सेक्स के बारे मे कोई बात नहीं की | फिर, मैने उसको, सम को आँख मारी और सब उठकर चले गये | सम भी गेस्टरूम मे चला गया और हम दोनों अपने कमरे मे सोने चले गये | जब मेरे पति सो गये, तो मै सम के कमरे मे गयी और दरवाजा खोलकर अन्दर चली गयी | अन्दर पहुची, तो देखा कि सम नंगा पलंग पर बैठा हुआ और लैपटॉप पर ब्लूफिल्म देख रहा था और उसका लंड खड़ा हुआ था और उसने लंड को अपने हाथ से पकड़ा हुआ था और अपना मुठ मार रहा था | मैने एक लाल रंग की नेट की ड्रेस पहनी हुई थी और उसके नीचे कुछ भी नहीं पहना हुआ था | मेरे चुचे बड़े थे और कसे हुए थे और उनपर भूरे निप्पल एक दम टाईट हो गये थे और ड्रेस पर साफ़ दिख रहे थे | मेरी चूत बिलकुल साफ़ थी और उसपर एक बाल नहीं था और लाल ड्रेस मे से बड़ी ही खुबसूरत लग रही थी | जब मैने अपने आप को सम के कमरे मे आने से पहले बड़े शीशे मे देखा, तो मेरी नियत अपने आप पर ख़राब हो गयी |सम मुझे देखकर मुस्कुराने लगा और मै सम के सामने जाकर खड़ी हो गयी और सम ने मेरी ड्रेस के अन्दर हाथ डालकर मेरी गांड पर हाथ रख लिए और मेरे नितंभ को दबाने लगा | मेरे कोमल नितंभ दबाने मे से उसे मज़ा आ रहा था और उसने अपना मुह मेरे पेट पर रख लिया | मैने अपने ड्रेस को उतार दिया और सम के सामने पूरी नंगी हो गयी | सम ने मुझे अपनी जांघो पर बैठा लिया और मेरे होठो पर अपने होठ रख दिये और उनको मस्ती मे चूसने और काटने लगा | उसका लंड मेरी चूत पर लग रहा था और वो मेरी चूत मे घुसने को बेताब था | सम के हाथ मेरी कमर मे गड़े हुए थे और मेरे चुचे उसकी छाती मे धसे हुए थे | हम दोनों के होठो से चूस-चूसकर खून निकलने लगा था और फिर सम ने मेरे चूचो पर हमला बोल दिया और उसने मेरे चूचो को हाथ से दबाना शुरू कर दिया और मेरे निप्पल को अपने दातो से काटना और होठो से चुसना शुरू कर दिया | मै मस्ती मे सिसकिया भर रही थी aaaaaahhhhhhhh…….ऊऊऊऊ…और मेरा पूरा शरीर मस्ती मे मचल रहा था और कसमसा रहा था | अब मुझ से बैठा नहीं जा रहा था, मै उठी और मैने सम के दोनों पैरो को खोल दिया और उसके लंड को अपने हाथो मे ले लिया और उसको अपने मुह मे डाल लिया और उसको मस्ती मे चूसने लगी |सम की गांड मस्ती मे हिलने लगी और उसके मुह आआआआआ………जानेमन…..हँ………सेक्सी…….निकल रहा था और सम मस्ती मे झूम रहा था | सम ने अपने पैर को बंद कर दिया और मेरे मुह से अपना लंड बाहर निकाल लिया | अब सम उठ खड़ा हुआ और मै पलंग पर लेट गयी और अपने पैरो को खोल लिया | मेरी कसी हुई चूत की लकीर सम को अपनी तरफ आमंत्रित कर रही थी और सम अपनी जीभ अपने होठो पर फेर रहा था | सम मेरे पास आया और अपना लंड अपने हाथ मे लेकर मेरी चूत की घंटी पर रगड़ने लगा और मेरी गांड मस्ती मे हिलने लगी | अभी मै सम के लंड के सपने मै खोई थी, कि इतने मे सम ने अपना लंड मेरी चूत मे घुसा दिया | उसका लंड मेरी चूत मे अन्दर जाकर टकराया और मै उछल पड़ी | सम के धक्के तेज होने लगे और मेरी गांड भी हिलनी शुरू हो चुकी थी | मुझे पता ही नहीं चला, कि मै कितनी बार झड़ चुकी थी, लेकिन सम अभी तक नहीं झड़ा था | उसने अपने लंड बाहर निकाल लिया और मुझे कुतिया बना दिया और मुझे पलंग के सहारे से खड़ा कर दिया | फिर, उसने पीछे से मेरी चूत मे अपना लंड डाल दिया और मस्ती मे चोदने लगा | यह कहानी देसीएमएमस्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे रहे । उसने मेरी गांड को अपने हाथो से कसकर पकड़ लिया और वो उसको खीचकर और तेजी से अपना लंड मेरी चूत मे डालने लगा | कुछ ही देर मे, सम ने अपना पानी मेरी चूत मे छोड़ दिया | मेरी चूत मे सम का गरम-गरम पानी भर गया और सम और मै थककर पलंग पर गिर गये | हम दोनों के शरीर पर हम दोनों का वीर्य पर फैला हुआ था और हम दोनों उसी हालत मे लेट गये | उस दिन हम दोनों एक दुसरे की बाहों मे सो गये और सम ने उस दिन मुझे ३ बार चोदा और मेरी बरसो पुरानी प्यास को बुझा दिया |

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