दोस्त की बहन को जमकर चुदाई

दोस्त की बहन को जमकर चुदाई

दोस्तों, आज जो हिन्दी सेक्स की कहानियां बताने जा रहा Chudai Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex हू वो मेरी दोस्त की बहन की चुदाई की हैं . मेरे दोस्त की बहन बबली की शादी अभी ३ महीने पहले ही हुआ है, तो लवनीश ने मुझसे आके कहा की यार रविश मुझे बबली के घर जाना हु, तू चलेगा, ऐसे मैं और मेरा दोस्त जहा जहा भी जाते है एक दूसरे के साथ होते है, तो मैंने जाने के लिए हामी भर दी, और बबली के घर यानी बबली के ससुराल पहुंच गए, बबली को मैं बहुत पसंद करता था बहुत पहले से, क्यों की उसको मैं बचपन से ही देखते आया हु, वो मेरे से बस एक साल की छोटी है, बबली काफी खूबसूरत लड़की है, उसका शरीर भरा पूरा, उसका बूब्स काफी बड़ा बड़ा और सुडौल है, कमर उसकी सुराही की तरह और गोरी लम्बी है,
दोस्त की बहन की चुदाई
दोस्त की बहन को जमकर चुदाई
उसको अगर आप चलते हुए देख लेंगे पीछे से तो चूतड़ देख के भी आपका लण्ड खड़ा हो जायेगा, आगे से पेट सटा हुआ पर चूचियों का उभर आपको घायल कर देगी, उसपर से लम्बे बाल, और पिंक होठ और गोर गोर गाल निशिली आँखे, जो भी देखता है देखते ही रह जाता है, वो वो सेक्स बम है, लगता है वो सेक्स की देवी है, गजब की सुंदरता भगवान ने दिया है, उसकी शादी बहुत ही बड़े घर में हो गयी है, काफी बड़ा ज़मींदार है, और बहुत ही सम्पति है, जब मैं बबली के ससुराल पंहुचा तो देखकर दंग रह हाउ क्या ठाठ बाठ, ओह्ह बबली तो रानी की तरह जीवन बिता रही थी, दोस्तों ये कहानी आप निऊहिंदीसेक्सस्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
मैं और लवनीश दोनों पहुंच गए खूब खातिरदारी होने लगी, बबली के पति शाम को हमलोग को खुली जीप में घुमाने ले गए, सच तो ये था की वो मुझे अपना रुतवा दिखने ले गए, फिर उन्होंने मटन और बियर लाये, और पता नहीं वो एक पुड़िआ में कुछ और लए थे पर मुझे समझ नहीं आया, वापस लौट के रसोइये ने मटन बनाया और खाने के टेबल पर हमलोग चले गए. तरह तरह के पकवान और मटन से खातिरदारी हुयी, फिर चलने लगा पिने पिलाने का दौर, घर में मैं, लवनीश, बबली और उसका हस्बैंड,

रसोइया, कुछ नौकर चाकर ही थे, क्यों की बाकी के सदस्य कही बाहर गए थे, बस ये पता था मुझे की वो लोग तीन दिन बाद आएंगे, मैं भी एक पेग लिया बियर का लनवीश और उसके जीजा जी काफी पि, फिर वो पुड़िआ निकाल के सूंघ रहे थे, लवनीश भी सुंघा पर मैंने किसी तरह से मना कर दिया, उसके थोड़े देर बाद ही लवनीश और उसका जीजा बोल तक नहीं पा रहे थे, और लवनीश जाके डगमगाते हुए सो गया और उसके जीजाजी को बबली सहारा देते हुए ले गयी अपने बैडरूम में, मैं ज्यादा नहीं पिया था तो मैं सारा माजरा देख रहा था, सुनसान रात थी, रात भी काफी हो गयी थी, दोस्तों ये कहानी आप निऊहिंदीसेक्सस्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
कही से किसी की आवाज नहीं आ रही थी, अगर कोई आवाज थी तो बस बबली के पैर की पायल की.फिर बबली मेरे पास आई और बोली आप भी सो जाइये, मैंने पूछा आप, तो बोली मैं तो पूरी ज़िंदगी अब सही से सो नहीं पाऊँगी, जिसको चाहती थी वो है आप, और शादी तो हो गयी बड़े घर में पर पति का प्यार नहीं है बस चलती फिरती और दिखती हु रानी की तरह पर हालात एक भिखरन से भी बदतर है, रोज रोज यही होता है मेरे साथ, ऐसे ही वो रोज कहते पीते है और सो जाते है, तो मैंने कहा बबली आप को मैंने

कभी इस तरह से समझा ही नहीं मैं तो आपको अपनी बहन की तरह मानता था, तो बबली बोलने लगी मैं तो कभी भी भाई नहीं बल्कि अपना पति ही माना था, मैं आपसे बहुत प्यार करती थी ये बात मेरे घर में सब को पता है,पर अब तो बहुत देर हो गई बबली, मैंने कहा, पर बबली के थरथराते होठ मेरे तरफ झुक कर और कापते हाथो से कहा की मैं जानती हु, पर क्या मैं एक बार आपको चूम सकती हु, उसकी में मैं खुश हो जाउंगी, उसकी आँखे कई सारे बात एक साथ कह रही थी, मैंने उसको मन नहीं किया और हम दोनों एकदूसरे को किश करने लगे, बबली ने मुझे बाहों में भर लिया, दोस्तों ये कहानी आप निऊहिंदीसेक्सस्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। लैंप की लाइट जल रही थी, हम दोनों एक दूसरे को सीने से चिपकाए एक जान हो गए थे, बबली की चूचियाँ मेरे सीने से दबी जा रही थी, रात बहुत ही हसीं थी, हम दोनों वही पे पड़े बेड पे लेट गए, और एक दूसरे को निहारते हुए हरेक अंगो को टटोल रहे थे, दोनों गरम हो चुके थे, मैंने उसके ब्लाउज के हुक को खोलने लगा तो बबली बोली आपने बहुत देर कर दिया रविश, आज हम दोनों एक होते तो दुनिया और कितनी हसीं होती, मैं चाहती थी की मैं हमेशा आपके साथ रहू, पर आप मुझे समझ

नहीं पाये, आपने तो बहन बहन की रट लगा दी थी, मैं करती भी क्या मैं मजबूर थी, इतना सब सुनते सुनते मैंने दोस्त की बहन की ब्लाउज के हुक को खोल दिया था और बबली की चूची को धीरे धीरे सहलाने लगा था, रात बढ़ चली थी और दोनों काम सूत्र की सीन की तरह एक दूसरे के कपडे को निकाल रहे था, बाद मैं नंगे बदन एक दूसरे के शरीर की गर्मी को महसूस कर रहे थे, फिर क्या था कब मेरा लैंड उसके चूत पे पहुँच चूका था, चूत गीली होने की वजह से फिसलन थी, और एक समय ऐसा आया की मेरा लण्ड दोस्त की बहन की चूत में समा गया, अब मैं बबली को निहार रहा था और चोद रहा था, उसकी खूबसूरत जेवर से लदा हुआ चेहरा मेरे सामने चाँद की भाति पड़ा था, और मैंने चोदे जा रहा था, बबली के मुह पे एक शकुन भरा एहसास था और काफी खुश थी, उसकी आँखे नशीली हो चुकी थी, और बार बार अंगड़ाई ले रही थी.दोस्तों ये कहानी आप निऊहिंदीसेक्सस्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मैंने बियर की बोतल लाके उसके चूत में थोड़ी थोड़ी बियर डालते गया और पीते गया, मुझे ये प्याला बहुत ही अच्छा लगा,

दोस्त की बहन की चुचिया को मैं बार बार अपने हाथ से मसल रहा था, वो भी मुझे अपने हाथो से मेरे पीठ को सहला रही थी, और हरेक झटके पे वो एक सेक्सी आअह आआह की आवाज निकाल रही थी, अचानक मेरे अंदर एक कौतुहल हुआ और मैंने सारा वीर्य बबली के चूत में ही डाल दिया, एक हलकी सी मुस्कान बबली ने दी और कहा आपका बहुत बहुत धन्यवाद, हम दोनों पूरी रात ऐसे ही थोड़े समय के अंतराल में मिलते रहे और सुबह के करीब ४:३० बजे अपने अपने बेड पे चले गए, सुबह जब ७ बजे मेरी नींद खुली तो मैंने बबली को पूजा करते हुए, दोस्तों ये कहानी आप निऊहिंदीसेक्सस्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। आरती पुरे घर में कर रही थी, उसकी हसीन मुस्कुराहट मुझे पिछले सारे वाकये बचपन से आज तक के जो भी मेरे और बबली के बीच में हुआ था याद आने लगे, कैसी लगी दोस्त की बहन के साथ सेक्स स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी दोस्त की बहन की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *