दोनों बहनों को ब्लू फिल्म दिखा

दोनों बहनों को ब्लू फिल्म दिखा

हाए दोस्तों मेरा नाम अनुज है मेरा लंड इतना मोटा और लम्बा Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories है की आप सोच भी नही सकते मेरा लंड ८ इंच लम्बा और ६ इंच मोटा है। मेरे परिवार में कुल पांच लोग हैं मैं, मेरी दो बहनें और मम्मी पापा। मम्मी पापा दोनों ही स्कूल में टीचर हैं और हम तीनों ही भाई बहन कालेज में हैं। मैं सबसे छोटा हूं, रज्जो ग्रेजुएशन के लास्ट इयर में है, निधि १२थ में है और मैं ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर में हूं। संयोग से हम तीनों ही साईंस के स्टूडेंट हैं और आगे पीछे होने से हम एक दूसरे की किताबों से काम चला लेते हैं। एक बात तो आप भी मानते हो, कि कालेज टाईम में लंड सबसे ज्यादा उफान पर होता है और मौका पाकर कहीं भी किसी भी वक्त किसी नेता की तरह खड़ा हो जाता है। जब मैं कालेज जाता और सेक्सी सेक्सी लड़कियों को जींस और टाप में टहलते हुए देखता, खास तौर से स्कूल गोईंग गर्ल्स की छोटी छोटी स्कर्ट्स तो मेरा लंड पैंट के अंदर अचानक से खड़ा होकर डांस करने लगता। मैं किसी तरह पाकेट के अंदर हाथ घुसा कर के अपना लंड सीधा करके कालेज में जाता। इस तरह से मेरी उत्तेजना अचानक से उफान पर थी और मुझे चूत की अदद जरुरत थी। अभी मैंने हाल ही में हस्तमैथुन ईजाद किया था। कहानी में मोड़ तब आया जब मेरी बड़ी बहन रज्जो ने लैपटाप ले लिया। लैपटाप उसे प्रोजेक्ट बनाने के लिए जरुरी था और फिर उससे हम तीनों भाई बहनों का काम चल जाता आराम से। इसलिए जब उसने लैपटाप लिया तो मेरे दिमाग में सबसे पहला प्रयोग आया वो ये था कि उससे ब्लू फिल्म देखने में मजा आएगा। अगले दिन हम तीनों ने फिल्म देखने की ठानी। दीदी ने मुझे पचास रुपये देकर फिल्में लाने को कहा। हमने एक डीवीडी ब्लू फिल्म की भी ले ली। विदेशी ब्लू फिल्मों की डीवीडी और उसका रैपर निकाल के फेंक दिया जिसपर अश्लील चित्र बने हुए थे। एक फिलम देखने के बाद छोटी बहन सोने लगी। रज्जो दी और हम देख रहे थे। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | फिर रज्जो ने पूछा कि उस फिल्म में कौन सी फिल्में हैं तो मैने कहा कि उसको तो दुकानदार ने फ्री में दिया है इन दो सीडी के साथ में। दी भी खुश हुई और उसने जैसे ही डीवीडी को लैपटाप में डाला आटो प्ले स्टार्ट हो गया। धकाधक चूत और लंड की लड़ाई करते दो लड़कियों को चोदते हुए एक मोटा मुस्टंडा दिखा। आह!! मेरी गांड मारो, सो स्वीट लंड आह चोद दो मुझे आह्ह्ह्ह! कितना बड़ा लंड है तुम्हारा! ऐसी ऐसी आवाजें आते और गंदी गंदी चुदाई की तस्वीरें चलते ही मेरा लंड सन्ना गया और दिमाग झनझना के रह गया। दी ने मेरा कान पकड़ लिया और बोली क्यूं बे, क्या कह रहे थे, ये कौन सी मूवी है, तुम जान बूझकर लाए हो ना इसे। मैंने कहा नहीं और फिर दीदी ने उसे जल्दी जल्दी भगा के देखना शूरु कर दिया। उसने पिक्चर निकाली नहीं और बोली, ‘लो अब लाए हो तो देख ही लो’। राजा भैया अब बड़ा हो गया है ना! उसके ये ताने मेरे लंड पर असर कर रहे थे जो कि अब माहौल को गरम देख कर बड़ा हो रहा था। इससे पहले कि मेरा लन्ड निक्कर को फाड़ कर बाहर आ जाता, मैने कहा ‘दी मैं सूंसू कर के आता हूं’। रज्जो दी बोली जा जल्दी आना मुझे डर लगता है अकेले में। ये निधि भी तो सो गयी। और मैंने बाथरुम में जाकर लंड को सरका मारना शुरु किया। धकाधक, थूक लगाके एकसट बासट्। अचानक से पीछे से दीदी ने आकर मेरा लंड पकड़ लिया, ‘ये तू सूसू कर रहा है? इसे बरबाद ना कर। इधर आ, ऐसा करेगा तो तेरी नस मोटी हो जाएगी और मर जाएगा बेमौत अकेला भाई है तू मेरा।’ हद्द है दीदी मेरा लंड किसी कुत्ते के पूंछ की तरह पकड़ कर खींचते हुए बेडरुम में ले आई जहां पिक्चर चल रही थी और उसने निधि को जगाया। दोनों ने मुझसे कहा कि तुम्हें आज दंड मिलेगा। और उन्होंने अपने कपड़े खोल दिये। बहनों की गदराई जवानी देख मेरे लंड में भूचाल सा आ रहा था। और निधि ने कहा ” तू ना वैसा ही कर जैसा कि फिल्म में वो लड़का दो लड़कियों के साथ कर रहा है।” मैंने कहा ‘जी’। और फिर वो दोनों बेड पर अपने पैर पसार झांटदार चूत को खोल सो गयीं। मैने फिल्म के हीरो की तरह से रज्जो दी की चूत में उंगली करनी शुरु की और निधि की चूत चाटता रहा। अब दोनों ने मुझे गालियां देनी शुरु कर दी थीं – कैसा बहनचोद भाई है रे तू? अपनी बहन की बुर चाटते तुझे शरम नहीं आई” और ऐसा कहने के साथ ही रज्जो ने उठ कर बैठते हुए मेरा सिर निधि के टांगों के बीच उसके चूत पर धकेलते हुए दबा दिया। अब मेरी नाक उसके पानी से भरी रसदार चूत के अंदर थी। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | मैं उसकी चूत का चूल्लू भर पानी में डूब मरने वाला था कि उसने मेरा लंड पकड़ कर चमड़ी को उधेड़ना शुरु किया। मेरी लंड की चमड़ी चिपकी रहती थी, आज पहली बार वो उसे उतार रही थी मोहड़े से। मुझे दर्द के साथ बेहद मजा आ रहा था। मैने कहा दी रुक जा ना बहुत गुदगुदी हो रही है तो नीचे से अपनी चूत चटवाती हुई निधि बोली “बेहनचोद, तुझे चूत चाटने में मजा आ रहा है कि नहीं, अब चूत के पानी को नारियल पानी की तरह पीके दिखा। मैने सुड़क सुड़क निधि की झड़ती चूत का पानी पी डाला। बहन की चूत का रस पीकर मछली करी का मजा आया लंड हथौड़ा हो गया मेरा मछली के करी की तरह सुगंधित चूत रस का मजा लेकर मेरा लंड और भी कठोर हो गया था बिल्कुल हथौड़े की तरह चोदने को तैयार। अब मैने रज्जो दी को घोड़ी बना दिया। उसके पैरों के बीच लिटा कर निधि को उसकी चूत नीचे से चाटने को बोला और खुद पीछे से घोड़े की तरह उसकी गांड में लंड डालने के लिए अपना ढेर सारा थूक उसकी छेद पर मल दिया। वो फुंफकार रही थी, चोद अपनी बहन की गांड को साले! ये गांड नहीं एकदम दुनाली बंदूक की नली है, इसे चोदने के लिए देखती हूं तेरे लंड में कितना दम मौजूद है। मैं पागल हो रहा था और उसके उपर चढ के पीछे से उस्की गर्दन पकड़ ली कि ये भागे नहीं। गांड में निशाना लगा के एक झटका और लंड अंदर! कचाक! वो हकलाने लगी, प्लीज बाहर निकालो, अंदर मत पेलो फट जाएगी, उईईइ मां!!!!!!!! बचाओ, निधि कम्प्लीमेंटरी तौर पर उसकी चूत चाट रही थी। दोनों ही छेदों में स्पर्श से वो निहाल हुई जा रही थी और बावली की तरह बड़बड़ा रही थी। अब मैने उसकी गर्दन को जोर से पकड़ते हुए गांड को मारना शुरु कर दिया था, ओह फक योर ऐस्स सिस!! इट्स सो टाइट एंड वर्जिन और पहली बार पांच मिनट में ही मैं झड़ गया उसकी गांड के अंदर। अपने वीर्य से सना लंड और उसकी गांड से ताजा ताजा बहते वीर्य से मिले हुए लंड को मैने निधि के मुह में डाल कर चोदना शुरु किया। जैसे जैसे वो लौड़े के उपर के आइसक्रीम को चाटती गयी, कंवारा लंड फिर से तन गया। इस बार मैने दोनों बहनों को लाइन में घोड़ी बनाया और फिर निधि को कुतिया स्टाइल में चोदते हुए रज्जो बहन के चूत में उंगली करता रहा। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | वो कमर हिला हिला कर छ्टपटाती रही। जब निधि झड़ी तो रज्जो ने उसके नीचे आकर उसका कामरस पीना शुरु किया और मैने रज्जो की चूत की खबर लेनी शुरु की। धकाधक चोदते हुए मैंने रज्जो के चूंचों की मसाज जारी रखी, वो कविता की चूत चूसती रही। मैने रज्जो को आध घंटे चोदा और फिर जब वो झड़ी तो इस बार कविता ने उसकी चूत चूसी। आखिर में मैने कविता की गांड मारकर अपना गरमा गरम वीर्य उसकी गांड के हौदे में छोड़ दिया। लबालब भरी गांड से लंड खीचते ही मलाई की मोटी धार को रज्जो दी ने चाटना शुरु कर दिया था। इसके बाद मेरे मूसल लंड का घरेलू प्रयोग बेतरतीब ढंग से चल रहा है। वैसे मै और भी कहानियां लिखुगा पर थोडा टाइम तो लगेगा न तब तक आप लोग मेरी कहानी कैसी लगी निचे कमेंट करते रहिये | फिर मिलुगा … धन्यवाद |

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