चुदाई का सफ़र भाग- 8

नमस्कार पाठकों Antarvasna चोदूराजा की कहानियों की श्रंखला Kamukta में आपका एकबार फिर से स्वागत करते है और उससे पहले हम अपने प्यारे पाठकों से माफ़ी भी मांगते है क्योंकि आपका मजा बीच में ही अधूरा छोडना पड़ा क्योंकि हमारे प्यारे लेखक चोदूराजा के एक बहुत ही करीबी मित्र की दुर्घटना होने के कारण उनको वहाँ जाना पड़ गया था अब आपका साथ बीच में ही ना छोड़ने के वादे के साथ ही कहानी को आगे बढ़ाते है।

अब आगे…

फिल्म खत्म होने के बाद आंटी अपने घर जाते हुए मुझसे बोली कि अखिल आओ ज़रा नीचे का दरवाजा बन्द कर दो तो मैं उठा और आंटी के साथ नीचे गया तो आंटी ने कहा कि रेणु के साथ कुछ ग़लत मत करना तो मैनें उनसे कहा कि आप यह कैसी बात कर रही हो। तो आंटी ने मुझसे कहा कि मैं सही कह रही हूँ तेरा कुछ पता नहीं तू तो मेरी भी गांड में अपना लंड चुभा रहा था।

फिर मैं चुपचाप उनके पीछे-पीछे सीढ़िया उतर रहा था नीचे पोल में अंधेरा था तो मैनें नीचे की लाइट जलाई तो आंटी ने कहा जरा दिखा तो तेरा हथियार यह मुझे बहुत चुभ रहा था मैनें उनको बहुत मना किया तो वह बोली अच्छा तुम ही बताओ मुझे निकाल के चुप-चाप, तो मैं बोला प्लीज़ आंटी मुझसे ग़लती हो गई थी अब कभी नहीं करूँगा फिर आंटी मेरे पास आई और मेरी पेन्ट के ऊपर से ही मेरे लंड को मसलने लगी मैनें उनको मना किया तो बोली ज़्यादा बोलेगा तो तेरे अंकल को बोल दूँगी।

उनकी यह बात सुनकर मेरी तो गांड ही फट गई थी वैसे तो मैं खुद भी बहुत खुश था क्योंकि आंटी जैसा माल मेरे लंड को पकड़े इससे अच्छा और क्या होगा लेकिन मैं ऐसा बर्ताव कर रहा था कि जैसे मैं तो कुछ करना ही नहीं चाहता था फिर आंटी ने मेरी पेन्ट की चेन खोलकर मेरे अंडरवीयर की एक साइड से मेरे लंड को बाहर निकाल लिया तब तो वह आधा ही खड़ा हुआ था।

फिर थोड़ी देर सहलाने के बाद मेरा लंड अपनी असली औकात में आ गया और वह आंटी को सलामी देने लगा था आंटी भी मेरे लंड को देखकर खुश हो गई और बोली कि ओए होए मेरे राजा यह तो बड़ी तगड़ी चीज है इसे छुपाकर क्यों रखता है तो मैनें उनसे कहा तो क्या मैं नंगा ही पूरे मोहल्ले में घूमता रहूँ क्या? तो वह हँसते हुए अपने घुटनों पर बैठ गई और मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर अंदर-बाहर करने लगी।

मुझे तो इसमें बड़ा ही मजा आ रहा था आंटी के मोटे-मोटे होठों के बीच में मेरा मोटा लंड था वह उसपर जीभ फेरते हुए उसको बड़े मज़े से चूस रही थी इस बीच मेरे हाथ भी खुद ही उनके बब्स को दबाने लगे तो आंटी ने मेरे लंड को अपने मुहँ से बाहर निकाला और कहा कि इतना मज़ा तो तेरे चाचा के लंड में भी नहीं आता उनका तो तुमसे बहुत ही छोटा है।

उनके मुहँ से यह बात सुनकर मैं अपने बड़े लंड को देखकर घमण्ड महसूस करते हुए अपने एक हाथ को उनके सिर के पीछे ले जाकर उनका सिर अपने लंड की तरफ दबाने लगा और अपना पूरा लंड ही उनके गले तक उतार दिया तो आंटी ख्ह्खह् करके खाँसने लगी और बोली कि मारेगा क्या एक तो इतना मोटा लंड और ऊपर से पूरा ही गले तक डाल दिया तो मैं भी हँसने लगा और उनको खड़ा करके उनके होठों पर किस करने लगा और आंटी सिसकारियां लेने लगी फिर मैं उनके ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बब्स को दबाकर मज़े ले रहा था।

तभी सीमा की आवाज़ आई अखिल कहा है तू और नीचे क्या कर रहा है तो आंटी ने कहा कि इस रंडी को भी अभी ही आवाज़ देनी थी साली कहीं की और फिर मुझसे बोली कि अखिल बाकी का उधार रहा देखना कितना मजा देती हूँ तुमको और एक किस देकर दरवाजा खोलकर बाहर चली गई मैं तो एकदम सन्न रह गया कि मेरे साथ आजकल क्या हो रहा है आजकल तो मेरे लिए अपने आप ही खूब चूत का जुगाड़ हो रहा है।

तभी अन्दर से गोलू भी आया और दरवाजा खोलकर बाहर चला गया और बोला बाय भैया फिर मैनें दरवाजा बंद किया और ऊपर कमरे में पहुँचा तो रेणु और नीतू दोनों बेड पर थी और अपने पैरों पर रज़ाई डाली हुई थी सोनी और सीमा खाना खा रही थी।

सीमा ने मुझसे भी खाने के लिए पूछा तो मैं भी छोटे वाले सोफे पर बैठकर खाना खाने लग गया सीमा से मैनें पूछा कि रेणु और नीतू ने खाना खा लिया क्या तो सीमा ने कहा हाँ फिर मैं खाना खत्म करने के बाद छत पर टहलने गया तो मेरी नज़र रेणु के घर पर पड़ी उनकी खिड़की में से कुछ परछाईयां हिल रही थी तो मैं समझ गया अंकल आंटी चुदाई कर रहे है।

फिर मैं वापस नीचे कि ओर आया तो देखा सीमा ने ताईजी की मैक्सी पहन रखी है और सोनी ने एक टी-शर्ट और शोर्ट पहन रखा था जिसमें वह बहुत ही कामुक लग रही थी मेरी नज़र तो उसके फैले हुए 36 साइज़ की गांड पर ही थी उसका पेट तो ना के बराबर था मैं उसे देख रहा था तो उसने मेरी तरफ गुस्से से देखा

तो रेणु और नीतू दोनों बेड पर थी तो मैं रज़ाई में पैर डालकर उन दोनों के पीछे जाकर बैठ गया और टीवी देखने लग गया फिर थोड़ी देर बाद फोन की घंटी बजी तो मैनें उठाया तो उधर से किसी लड़की की आवाज़ आई।

मैं :- हैलो कौन?

उधर से :- हैलो मैं अंजू बोल रही हूँ दिल्ली से लेकिन आप कौन बोल रहे हो।

मैं :- मैं अखिल और यह हमारा ही घर है।

उधर से :- अच्छा भाभी ने तुम्हारे बारे में मुझे बताया था।

मैं :- ओह तो आप हो सीमा की ननद फिर मैनें उनको हाय किया और कहा अभी सीमा को फोन देता हूँ आप थोड़ा रुको।

अंजू :- क्यों तुमको क्या मुझसे डर लग रहा है जो मुझसे बात नहीं कर सकते।

मैं :- नहीं ऐसा कुछ नहीं है, बस मैं तो वैसे ही कह रहा था।

फिर मैनें सीमा को बुलाया और उसको फोन दे दिया तो वह बात करने लगी सीमा हँसते हुए और शरमाते हुए बात कर रही थी तो मैं समझ गया कि ज़रूर जीजाजी के बारे में ही बात हो रही है रात के 10.30 बज चुके थे और सीमा ने कहा मैं दूसरे कमरे में जाकर बात कर रही हूँ और तुम लोग टीवी बंद करके सो जाना तो हमने हाँ में अपना सिर हिला दिया।

सोनी तब तक किचन का काम खत्म करके आई और पूछा कि सीमा कहाँ है तो मैनें दूसरे कमरे में है ऐसा इशारा किया तो वह भी दूसरे कमरे में चली गई तो मैनें रेणु से कहा कि हम सब क्या यहीं सोएगे तो रेणु ने कहा हाँ और मुझसे यह भी कहा कि तुमको क्या शरम आ रही है तो हम सब हँसने लग गए।

फिर रेणु ने उठकर दरवाजा बन्द कर दिया जब वह दरवाजा बन्द करने के लिए उठी तो मैनें देखा कि उसने एक बिना बाहँ की टी-शर्ट और कैपरी पहनी हुई थी मैं भी रज़ाई में लेट गया रज़ाई और बेड काफ़ी बड़ा था हमारे बीच में काफ़ी जगह थी फिर मैं सोचने लगा कि आज तो बिना चुदाई के ही सोना पड़ेगा।

फिर मैनें जैसे ही अपनी आँख बंद की तो रेणु ने कहा कि कपड़े तो बदल ले ऐसे ही सोएगा क्या तो फिर मैं उठा और विशाल के कमरे में गया और अलमारी खोलकर एक नेकर और टी-शर्ट पहन ली और अपनी अंडरवीयर को खोल दिया ताकि चूत ना भी मिले तो कम से कम मूठ तो मार ही लूँगा।

फिर वापस कमरे में आकर अंदर से कुण्डी लगाकर रजाई में घुस गया फिर मैनें अपनी आँख बंद की और सोने की कोशिश करने लगा रेणु और नीतू तो बिल्कुल पास लेटी थी और मैं उनसे थोड़ा दूर था।

फिर थोड़ी देर बाद मुझे नींद आ गई रात को 2 बजे के आस-पास मेरी आँख खुली मुझे जोर की पैशाब लगी थी मैनें उठकर देखा तो कमरे में जीरो वॉट का बल्ब जल रहा था रेणु और नीतू ने अपनी जगह बदल ली थी नीतू रेणु की जगह पर थी और रेणु बिल्कुल मेरे पास थी उसका एक हाथ मेरी छाती पर था जब मैं पैशाब करने गया तो दूसरे कमरे से बात करने की आवाज़ आ रही थी सीमा किसी से फोन पर कह रही थी कि एक रात में इतना कैसे चोद पाओगे सोना नहीं होगा।

मैं समझ गया ज़रूर जीजाजी सीमा से फोन सेक्स कर रहे है मैनें कमरे में झाँककर देखा तो सोनी सीमा से चिपककर सीमा की बातें सुन रही थी मैनें देखा और सोचा कि शायद दोनों रज़ाई में नंगी ही थी।

सोनी का हाथ सीमा के बब्स पर चल रहा था फोन पर बातें सुनकर सीमा उत्तेजित हो रही थी और उसका दूसरा हाथ शायद सोनी के पेट पर या पेट के नीचे था मैं उस कमरे के अंदर चला गया।

सीमा ने रिसीवर पर हाथ लगाया और मुझसे पूछा कि तू अभी तक सोया नहीं क्या? तो मैनें कहा सो तो गया था पर पैशाब करने जा रहा था तो तुम्हारी आवाज़ सुनकर इधर आ गया सोनी ने रज़ाई को ऊपर तक खींच लिया जिससे उसके कंधे भी रज़ाई से छुप गए थे सीमा ने भी सूसू का बहाना बनाकर बाय कहा और फोन पर किस देकर फोन रख दिया।

फिर मेरी तरफ देखा और कहा बाहर ठंड बहुत है रज़ाई में आजा सोनी ने मना किया तो मैं बाथरूम की तरफ चला गया तो सीमा ने कहा कि सूसू करके आजा मैनें कहा मुझे बहुत नींद आ रही है फिर मैं सूसू करके आया तो मैनें देखा कि वह दोनों ही रज़ाई में घुलमिल हो रही थी और लम्बी-लम्बी सिसकारियाँ भी मार रही थी।

तो दोस्तों पढ़ते रहिए… क्योंकि यह कहानी अभी जारी है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *