कजिन ने चूत चोद कर फुला दिया

कजिन ने चूत चोद कर फुला दिया

दोस्तों आज एक मजेदार कहानी Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories फिर से ले कर आया हूँ आप लोग पढ़ते रहिये मस्ताराम.नेट और पढने के साथ साथ कमेंट करना ना भूले .. रात के १० बज चुके थे और मैं अपने रूम मैं बैठी अपनी शादी के कपड़ो को देख रही थी. मेरी उमर २१ साल की थी और १० दिन बाद मेरी शादी थी | मेरी छोटी बहन नीता भी मेरे पास बैठी मुझे छेड़ रही थी. हमदोनों का हंसी मज़ाक चल रह था की हमारे इकलौते बारे कजिन सतीश भी अन्दर आ हमदोनो के पास बैठ गए. नीता एक साड़ी मुझे दिखाती बोली, दीदी तुम इन कपड़ो मैं बहुत खूबसूरत लगोगी. जीजा जी तू इस साड़ी मैं देखकर खुश हो जायेंगे.
उसकी बात सुन सतीश बोले, वैसे प्रियंका एक बात है, नीता कह तू सही रही है. सतीश आप भी…. मैं मुह बनाते बोली. नीता मेरे पास आ मेरे गले लगती बोली, हाय दीदी सच कह रही हूँ. जीजा जी तो मेरी दीदी को देख पागल हो जायेंगे. लेकीन सतीश,जीजा जी दीदी को साड़ी तू पहनने ही नही देंगे. हाय रात भर दीदी को नंगा रखकर प्यार करेंगे. मैं उसकी बात सुन ग़ुस्सा दिखाते बोली, सतीश देखो कैसी बात कर रही है.
वैसे यह सच कह रही है. जब तेरे जैसी खूबसूरत लडकी हो तू कोई उसे कपडे क्यों पहनने देगा. जीजा तू रात भर तुझे नंगी करके चोदएंगे. जाओ सतीश आप तू बस झूठ बोलते हैं. अरे मै सच कह रहा हूँ | सच कह रहे हैं तू फिर मैं इतनी देर से बैठी हूँ और आप मुझे नंगी करके प्यार नही कर रहे हैं. मेरी बात सुन सतीश मेरे पास आये और मेरे होंतो को चूम बोले, अरे यार अभी निचे अपने रूम मैं मैं नीता की चुदायी कर रह था इसीलिये ज़रा थक गया था. अभी तू पूरी रात है तेरी चोदकर तुझे अभी ठण्डी कर दूंगा. मेरे बडे कजिन की उमर २५ साल है और मैं २१ साल की. पिछले एक साल से सतीश मुझे चोद रहे हैं. ३ महिने पहले अपनी छोटी कजिन १७ साल की नीता को भी सतीश साथ मैं ही चोदने लगे हैं. अब हम तीनो ही एक साथ रात भर चुदाई का मज़ा लेते हैं. १० दीन बाद मेरी शादी है. अब तू नीता ही हमारे प्यारे सतीश को रात भर अपनी जवानी का मज़ा देगी. सतीश जब भी चुदाई करते हैं तू नीता कहती है की सतीश दीदी को ज़्यादा चोदओ क्योंकी दीदी की तू शादी हो जायेगी मैं तू अभी कई साल तुम्हारे पास ही हूँ. फिर सतीश ने मुझे अपनी गोद मैं बिठा लिया और मेरी दोनो चूचियों को पाकर दो तीन बार मेरे होंद्तो को चूमा कपड़े मुझसे नंगी होने को कह नीता को अपने पास खिंचा और खुद उसके कपड़े उतरने लगे. जब तक मैंने अपने सब कपड़े उतारे तब तक सतीश ने नीता को भी मेरी तरह नंगा कर दिया था. नीता तेरी दीदी साली है बड़ी मजेदार. साली की चूत जो एक बार चोद ले वह इसे भूल नही सकता. आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |
सतीश आप भी कमल करते हो. आखिर कजिन किसकी है, आपकी. आप भी तू एक बार जिसे चोद दे वह आपके लंड की दीवानी हो जायेगी. और सतीश आप दीदी को साली नही कहिये, बल्कि अपने दीदी को पहले चोदा फिर मुझे इस तरह से साली तू मैं आपकी हूई. तू सच कह रही है यार चल अब तेरी दीदी को चोद दे. मैं सतीश की बात सुन बोली, ओह सतीश आप दोनो बहुत बाते करते हैं. चलिये आइयेना आपकी कजिन तरस रही है अपने कजिन के लंड के लिए. और मैं उन्दोनो के पास जा नीता से बोली, नीता तू ज़रा सतीश के लंड पर शहद लगा दे, आज मीठा करके चाटने का मन है. मेरी बात सुन वह शहद लेने गयी तू मैं सतीश की गोद मैं बैठ उनके हून्तो को चूसने लगी. तभी नीता शहद लेकर आयी और सतीश के खरे लंड पर लगाने लगी तू मैं निचे बैठ सतीश के लंड को देखने लगी. उसने ख़ूब ढ़ेर सा शहद लंड पर लगाया तू मैंने फौरन लंड को अपने मुँह मैं भर लिया और चाटने लगी. शहद के साथ लंड चाटने का तरीका मुझे मेरी सहेली समीरा ने बताया था. वह अपने कजिन का लंड इसी तरह से चुस्ती थी. उसका कहना सही था की इस तरह लंड का तस्ते बढ़ जता था. अब तू नीता भी इसी तरह सतीश का लंड चुस्ती है. सतीश भी हमदोनों बहनों की
चूत पर शहद लगा चाटकर चोदते है.

जब चाट चाटकर शहद खा गयी तू सतीश की गोद मैं उनके सीने से अपनी पीठ सता बैठ गयी. इस तरह से बैठकर हमदोनों नीता को एक साथ अपनी चूत और सतीश का लंड चाटने को कहते हैं. वह रोज़ की तरह बरी बरी से चाटने लगी. वह कभी मेरी चूत मैं अपनी जीभ चलती और कभी सतीश के लंड पर. मैं मज़े से भर सतीश के हाथो से अपनी चूचियों को दब्वती बोली, ओह सतीश ऐसा मज़ा ससुराल मैं कहॉ मिलेगा?
क्यों नही मिलेगा पगली, अपने पाती से ख़ूब चुदवाना और चट्वाना. तेरा होने वाला वाला पति बहुत खुबसूरत है और तगड़ा जवान है.
पर सतीश अब मुझे मज़ा तभी आता है जब मुझे चोदने वाले के अलावा एक और हो. जैसे यहाँ नीता है. अब मुझे अकेले एक के साथ चुदवाने मैं मज़ा नही आता. आपने मेरे साथ कभी अकेले चुदाई की ही नही.
अरे यार घबरा मत तू अकेले नही होगी. वह नीता को तेरे पास भेज दिया करुंगा.
हम दोनो बाते कर ही रहे थे की नीता ने मुझसे पूछा, दीदी, एक बात तू बताओ. आप कह रही हो की सतीश ने कभी आपको अकेले नही चोदा.

हाँ यह सच है. तू मुझसे पहले आप दोनो के साथ कौन होता था?
आज तुमको पूरी स्टोरी बताती हूँ. सबसे पहले करीब एक साल पहले जब मौसी अपने घर आयी थी २ महिने के लिए तू सतीश ने मौसी को ख़ूब चोदा था. मौसी ही ने मुझे भी पहली बार सतीश से चुद्वाया था अपने साथ कपड़े हम लोग रोज़ सतीश से चुद्वाते थे. अब सतीश निचे आ मेरी चूत को जीभ पलकर चाट रहे थे और नीता मेरी चूचियों से खेलती मेरी बात सुन रही थी.
कपड़े जब मौसी चली गयी तू सतीश ने अपनी एक गिर्ल्फ़्रिएन्द् के साथ मुज्घे कभी उसके घर कभी होटल मैं और कभी अपने घर पर चोदा.
अब सतीश ने मेरी चाटने के बाद नीता की चूत को चाटना शुरू कर दिया था. अब मैं नीता की चूचियों को दबा दबा उसे अपनी चुदाई की कहानी सुनाने लगी.
उसके बाद मेरी एक सहेली भी मेरे साथ सतीश से चुदवाने लगी.
अछा दीदी यह तू बताओ अभी जब मैं दो महिने के लिए मामा के घर गयी थी तब क्या हुवा था?
तब सतीश ने अपने दोस्त के घर पर मुझे उसकी कजिन के साथ चोदाअ. सबसे ज़्यादा मज़ा मुझे वही पर आया था.
नीता मेरी चूचियों को चूम बोली, क्यों दीदी?
वहाँ सतीश ने मुझे अपने दोस्त से भी चुद्वाया था.
अरे दीदी सच?
हाँ मैं क्या तुमसे झूठ बोलूंगी.

सतीश आपने दीदी को अपने दोस्त से चुद्वाया था?
सतीश उसकी चूत से मुँह उठा बोले, हाँ नीता, इसे मज़ा भी ख़ूब आया था.
सतीश पूरी बात बताओ.
अरे यार दीदी से सुनले मुझे आज तुम्दोनो की चूत चाटने मैं मज़ा आ रह है.
सतीश की बात सुन मैं बोली, हुवा यह की सतीश का वह दोस्त बिल्कुल बेवकूफ था. कभी किसी की चोदाअ नही था इसलिये सतीश ने मुझसे कहा की नया लंड खाना हो तू बताओ. पहले तू मैंने मन किया पर सतीश ने कहा की उसकी कजिन बहुत खूबसूरत और जवान है. उस साले से एक बार चुदवा लो तू कपड़े उसकी कजिन को हमदोनों मिलकर ख़ूब चोदाएंगे. मैं तैयार हो गयी और उसके घर गयी. अभी सतीश ने उसे कुछ बताया नही था. जब हम उसके घर गए तू घर पर केवल दोनो कजिन कजिन ही थे. सतीश ने उससे कहा की मेरी कजिन तुम्हारी कजिन से मिलने आयी है. और वह जैसे ही अपनी कजिन को बुलाने गया मैं फौरन सतीश की गोद मैं बैठ गयी और सतीश ने मेरी शर्ट के बटन खोल चूचियों को नंगी कर दबनेमैने अपने स्किर्ट को ऊपर उठा अपनी चूत को सहलाना शुरू कर दिया.
इतना कह मैं सतीश से बोली, सतीश आप अब मेरी चुदाई करो लेकीन धीरे धीरे करना तेज़ धक्के मत लगना जिससे मैं इसको स्टोरी भी बताती रहूँ.
कपड़े सतीश ने बहुत ही अहिस्ता अहिस्ता लंड मेरी चूत मैं डालकर धीरे धीरे अन्दर बहार करना शुरू कर.
मैं कपड़े आगे सुनाने लगी.

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गतांग से आगे ….
सतीश के दोस्त के घर उसके ही रूम मैं हम दोनो कजिन कजिन आपस मैं मज़ा ले रहे थे. इस तरह से मेरी दोनो चूचियां नंगी सतीश के हाथ मैं थी और चूत भी नंगी थी. तभी सतीश का दोस्त अपनी कजिन को लेकर रूम मैं आया. अन्दर आते ही वह दोनो हम दोनो को इस तरह से देख दंग रह गए. हमने भी उनको देख लिया और मैं जल्दी से अपने कपड़े ठीक करने लगी. उसकी कजिन शर्माने लगी और वह भी अजीब सी नज़रों से हमे देख रह था.
तभी मैंने उसकी कजिन उर्मिला से कहा की आओ उर्मी. पर वह वही खरी रही तू मैं उसके पास गयी और उसे हाथ पाकर कर सोफे पर ले आयी और उसे सतीश की बगल बिठा खुद उसके कजिन के पास गयी और उसके हाथ को पाकर बोली, सतीश आप प्लेस बुरा नही मानिएगा. क्या करूं आजकल घर पर बहुत मेहमान हैं इसलिये मौका नही मिल रह था अपने सतीश को प्यार करने का. आप तू सतीश के दोस्त है किसी से कहियेगा नही.
वह मुझे देख रह था. मैंने अपनी शर्ट के बटन बंद नही किये थे और जानबूझकर दोनो चूची भी नंगी कर दी थी जिसे वह देख रह था. मैं उसे बदन से सैट गयी और बोली, आप मेरे सतीश के सबसे पक्के दोस्त है इसलिये मेरे कजिन के जैसे हैं. मुझे उम्मीद है आप अपनी कजिन की बात नही टालेंगे. आप किसी से कहे ना तू मैं आज आपके रूम मैं अपने सतीश से चुदवा लूं?
मैंने खुलकर उसको मस्त करने के लिए बोला तू वह बोल ही पड़ा, ठठ ठीक है.

मैं उसके बात सुन फौरन सतीश के पास गयी और उसकी कजिन उर्मी के सामने उसे भी मस्त करने के लिए अपने कजिन की गोद मैं बैठ बोली, सतीश आपके दोस्त बहुत अछे हैं. वह किसी से नही कहेंगे आप आज मुझे यहाँ ख़ूब चोदाइये. और कपड़े उर्मी को अपनी नंगी चूची दिखाती उस्सुर्मी प्लेस बुरा नही मानना मैं तू रोज़ अपने सतीश से चुद्वाती हूँ पर आजकल गुएस्त की वजह से चुदाई नही हो प रही है. प्लेस तुम थोरी देर अपने रूम मैं इंतज़ार कर लो एक बार सतीश से चुदवा लूं कपड़े हमलोग ख़ूब बाते करेंगे.
वह उठ गयी और उसका कजिन भी बहार जाने लगा तू मैं उनके पास गयी और उर्मी के सामने ही उसके कजिन के गले मैं हाथ दालाप्नी दोनो चूचियों को उसके सिने से दबाती अपनी चूत को उसके लंड पर दबाती उसके हून्तो को चूम बोली, आप बहुत अछे हैं, आपकी वजह से एक कजिन अपने कजिन से चुदवाने जा रही है. और कपड़े उसके कान मैं बोली, आपका घर है आप चाहे तू सतीश से कहे की अगर वह यहाँ मुझे चोदाना चाहते है तू आप भी मुझे चोदाएंगे वर्ना नही. वह मेरी बात सुन चौंका कपड़े कुछ हिम्मत कर सतीश से कह ही दिया. सतीश उसकी बात सुन मुझसे जूथ मूठ कुछ बाते करने लगे तू मैं ज़ोर से कहा, ओह्ह सतीश कितने दीन से मेरी चूड़ी नही है. अगर आज भी नही चूड़ी तू मैं पागल हो जाउंगी. प्लेस कुछ करो ना.
तब सतीश अपने दोस्त से बोले, ठीक है मेरे दोस्त आओ आज हमदोनों मिलकर इसको चोदाते है बल्कि ऐसा करते हैं की एक बार मैं चोदा लूं अपनी कजिन कपड़े तुम जितना मॅन करे मेरी कजिन को चोदाना. सतीश का दोस्त खुश हो गया. उसे अब अपनी कजिन का ख़्याल भी नही था. उर्मिला हमलोगो की बाते सुन जाने लगी तू मैंने उसका हाथ पाकर कहा, उर्मी तुम तू जान ही गयी हो की मैं अपने कजिन से चुद्वाती हूँ और अब तुम्हारे कजिन से भी चुदवाउंगी. यार तुम हम लोगो की राज्दार और दोस्त हो तू क्यों ना तुम यहीं रहो. तुम बस देखना की मैं कैसे चुद्वाती हूँ अपने कजिन से. आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | वह मेरी बात सुन अपने कजिन को देखने लगी तू उसने, उर्मी अगर तुमको एतराज़ ना हो तू रूक सकती हो.
तब उर्मी वही एक चिर पर बैठ गयी और मैंने फौरन अपने सब कपड़े उत्तर दिए और सतीश भी नंगे हो गए पर सतीश का दोस्त शर्म रह था. तब मैं उसके पास गयी और उसे भी सतीश की तरह नंगा कर दिया. मैंने उसके हून्तो को २-३ बार चूमा और लंड पर हाथ लगाया. उसका लंड सतीश से ज़रा छोटा ही था. कपड़े मैं सतीश के लंड को मुँह मैं लेकर चूसने लगी. सतीश का दोस्त चुपचाप बैठा था तू सतीश उससे बोले, क्या यार लड़कियों की तरह शर्म रहे हो. आओ जब तक यह मेरा लंड चूस रही है तब तक तुम इसकी चूचियों को दबाव चूसो या मॅन करे तू इसकी चूत चाटो.
उसने एक बार अपनी कजिन की ऊर देखा जो हम लोगों को ही देख रही थी. कपड़े उसने मेरी दोनो चूचियों को पाकर और डरते डरते दबाने लगा. उसको इस तरह करते देख मैंने सतीश का लंड मुँह से बहार कीया और उसके लंड को पाकर और गप्प से मुँह मैं २ मिनट तक चूसा और देखा की वह अब बेहाल हो चूका है तू उसके लंड को बहार कर उसकी गोद मैं बैठ उसके हाथो को अपनी दोनो चूचियों पर रखा तू वह दोनो को दबाने लगा. सतीश चुपचाप मेरी हरकतों को देख मन ही मन मुस्का रहे थे. कपड़े मैं उसकी कजिन से बोली, उर्मी यहाँ तू आना ज़रा.
वह शर्माती सी पास आयी और नज़रे झुका मेरी चूचियों को देखने लगी जिसे उसका कजिन दबा रह था. मैंने उसका हाथ पाकर अपनी बगल बिठा लिया. अब मैं उसके कजिन की गोद मैं थी और वह अपने कजिन के बगल ही बैठी थी लेकीन…
वह उसकी ऊर देखे बिना मेरी चूचियों को दबा रह था.

मैं उसके बात सुन फौरन सतीश के पास गयी और उसकी कजिन उर्मी के सामने उसे भी मस्त करने के लिए अपने कजिन की गोद मैं बैठ बोली, सतीश आपके दोस्त बहुत अछे हैं. वह किसी से नही कहेंगे आप आज मुझे यहाँ ख़ूब चोदाइये. और कपड़े उर्मी को अपनी नंगी चूची दिखाती उस्सुर्मी प्लेस बुरा नही मानना मैं तू रोज़ अपने सतीश से चुद्वाती हूँ पर आजकल गुएस्त की वजह से चुदाई नही हो प रही है. प्लेस तुम थोरी देर अपने रूम मैं इंतज़ार कर लो एक बार सतीश से चुदवा लूं कपड़े हमलोग ख़ूब बाते करेंगे.
वह उठ गयी और उसका कजिन भी बहार जाने लगा तू मैं उनके पास गयी और उर्मी के सामने ही उसके कजिन के गले मैं हाथ दालाप्नी दोनो चूचियों को उसके सिने से दबाती अपनी चूत को उसके लंड पर दबाती उसके हून्तो को चूम बोली, आप बहुत अछे हैं, आपकी वजह से एक कजिन अपने कजिन से चुदवाने जा रही है. और कपड़े उसके कान मैं बोली, आपका घर है आप चाहे तू सतीश से कहे की अगर वह यहाँ मुझे चोदाना चाहते है तू आप भी मुझे चोदाएंगे वर्ना नही. वह मेरी बात सुन चौंका कपड़े कुछ हिम्मत कर सतीश से कह ही दिया. सतीश उसकी बात सुन मुझसे जूथ मूठ कुछ बाते करने लगे तू मैं ज़ोर से कहा, ओह्ह सतीश कितने दीन से मेरी चूड़ी नही है. अगर आज भी नही चूड़ी तू मैं पागल हो जाउंगी. प्लेस कुछ करो ना.
तब सतीश अपने दोस्त से बोले, ठीक है मेरे दोस्त आओ आज हमदोनों मिलकर इसको चोदाते है बल्कि ऐसा करते हैं की एक बार मैं चोदा लूं अपनी कजिन कपड़े तुम जितना मॅन करे मेरी कजिन को चोदाना. सतीश का दोस्त खुश हो गया. उसे अब अपनी कजिन का ख़्याल भी नही था. उर्मिला हमलोगो की बाते सुन जाने लगी तू मैंने उसका हाथ पाकर कहा, उर्मी तुम तू जान ही गयी हो की मैं अपने कजिन से चुद्वाती हूँ और अब तुम्हारे कजिन से भी चुदवाउंगी. यार तुम हम लोगो की राज्दार और दोस्त हो तू क्यों ना तुम यहीं रहो. तुम बस देखना की मैं कैसे चुद्वाती हूँ अपने कजिन से.
वह मेरी बात सुन अपने कजिन को देखने लगी तू उसने, उर्मी अगर तुमको एतराज़ ना हो तू रूक सकती हो.
तब उर्मी वही एक चिर पर बैठ गयी और मैंने फौरन अपने सब कपड़े उत्तर दिए और सतीश भी नंगे हो गए पर सतीश का दोस्त शर्म रह था. तब मैं उसके पास गयी और उसे भी सतीश की तरह नंगा कर दिया. मैंने उसके हून्तो को २-३ बार चूमा और लंड पर हाथ लगाया. उसका लंड सतीश से ज़रा छोटा ही था. कपड़े मैं सतीश के लंड को मुँह मैं लेकर चूसने लगी. सतीश का दोस्त चुपचाप बैठा था तू सतीश उससे बोले, क्या यार लड़कियों की तरह शर्म रहे हो. आओ जब तक यह मेरा लंड चूस रही है तब तक तुम इसकी चूचियों को दबाव चूसो या मॅन करे तू इसकी चूत चाटो. आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | उसने एक बार अपनी कजिन की ऊर देखा जो हम लोगों को ही देख रही थी. कपड़े उसने मेरी दोनो चूचियों को पाकर और डरते डरते दबाने लगा. उसको इस तरह करते देख मैंने सतीश का लंड मुँह से बहार कीया और उसके लंड को पाकर और गप्प से मुँह मैं २ मिनट तक चूसा और देखा की वह अब बेहाल हो चूका है तू उसके लंड को बहार कर उसकी गोद मैं बैठ उसके हाथो को अपनी दोनो चूचियों पर रखा तू वह दोनो को दबाने लगा. सतीश चुपचाप मेरी हरकतों को देख मन ही मन मुस्का रहे थे. कपड़े मैं उसकी कजिन से बोली, उर्मी यहाँ तू आना ज़रा.

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वह शर्माती सी पास आयी और नज़रे झुका मेरी चूचियों को देखने लगी जिसे उसका कजिन दबा रह था. मैंने उसका हाथ पाकर अपनी बगल बिठा लिया. अब मैं उसके कजिन की गोद मैं थी और वह अपने कजिन के बगल ही बैठी थी लेकीन वह उसकी ऊर देखे बिना मेरी चूचियों को दबा रह था.

वह शरमाया सा मेरे ऊपर से हट एक किनारे बैठ गया. सतीश उसकी कजिन को गोद मैं लिए पास आये और मुझसे बोले, क्या हुवा प्रियंका? बड़ी जल्दी चुदवा लिया तुमने?
कहॉ सतीश आपके दोस्त चोदा ही नही पाए ऊपर ही झर गए, यह देखिए. और सतीश के सामने अपनी चूत को हाथ से खोलकर दिखाया.
सतीश मेरी चूत देखते मेरे गाल सह्ल्का बोले, अरे यार तुम बेकार ही इसको कह रही हो. अभी नया है सीख जाएगा कपड़े देखना कैसे हचाहाच चोदाएगा. वाह तू ठीक है निलेश पर अब मै क्या करू मेरी चूत में तो आग लगी है |
अरे यार तू तुझे मैं चोदा देता हूँ कपड़े तेरे बाद उर्मी को चोदाएंगे. अरे उर्मिला तुम इसकी चूत से अपने कजिन के लंड का पनि साफ कर दो तू इसे ठण्डा कर दें.
सतीश की बात सुन उसने एक बार अपने कजिन की तरफ देखा तू मैं बोली, उर्मी प्लेस अब तू तुम मेरी पक्की सहेली हो गयी हो. अभी तुम्हारे सतीश तू अभी चोदाना जानते ही नही. देखना मेरे सतीश मेरी कैसे चोदाते हैं. मेरी चोदाने के बाद वह वैसे ही तुम्हारी भी चोदाएंगे.
मेरी बात सुन उसने चुपचाप मेरी चूत को एक कपड़े से साफ कर दिया. मैं अपनी चूत साफ करवा सतीश से बोली, लो सतीश आओ चोदाओ. तब सतीश ने अपने लंड को उर्मिला की ऊर करते कहा, लो उर्मिला ज़रा इसे मुँह मैं लेकर चाट कर गीला कर दो जिससे इसकी चूत मैं आसानी से चासा जाये.
ओह्ह सतीश कितनी बार तू मुझे चोदा चुके हो, आज क्या बात है जो लंड गीला करवा रहे हो?
अरे यार आज अपने दोस्त की कजिन की लेना है ना. वह आज पहली बार चुदेगी इसलिये उसके साथ म्हणत ज़्यादा करनी पडेगी इसीलिये तेरी गीला करके ले रह हूँ.
ओह्ह सतीश आप बहुत समझदार हैं. कपड़े जब उर्मिला सतीश का लंड मुँह मैं लेकर चूसने लगी तू मैं सतीश के दोस्त के पास गयी और उसके झरे लंड पर अपनी चूत लगा उसके होंतो को चूसते कहा, ओह हाय आप बहुत आचे हैं पर अभी नए हैं ना, कोई बात नही एक बार सतीश से चुदवा लूं कपड़े उसके बाद आप का खरा करके दुबारा चुदवाउंगी.
मेरी बात सुन वह खुश हो मेरी चूसियों को पाकर कसकर दबाते बोला, तुम भी बहुत अच्छी हो रानी अब चुद्वाओ चोदा लूँगा. ठीक है आज आपसे ज़रूर चुदवाउंगी पर एक बार सतीश से पहले चुदवा लूं. अगर मैं एक बार सतीश के लंड को झारुंगी नही तू वह आपकी कजिन की चूत को पहली बार मैं ही भुरता बाना देंगे इसीलिये उनकी गरमी को हल्का करमा ज़रूरी है. ठीक है चुदवा लो. आप ज़रा मेरी चूत को चातिये….

वह फौरन कुत्ते की तरह मेरी चूत चाटने लगा.
तभी सतीश अपने लंड को झटके देते मेरे पास आये तू मैंने उसको अपनी चूत से हटाया. मैंने टाँगे फैलायी तू सतीश ने उर्मिला से कहा, उर्मिला तुम ज़रा मेरा लंड प्रियंका की चूत पर लगाओ और नरेन्द्र तुम इसकी चूत को अपने हाथ से खोलो.
सतीश की बात सुन उर्मिला ने फौरन सतीश का लंड पाकर तू उसको देख नरेन्द्र ने भी मेरी चूत को खोल दिया. अब सतीश ने लंड को मेरी चूत के अन्दर करमा शुरू कर दिया और पूरा अन्दर कर बोले, उर्मिला देखो पूरा गया की नही?
उर्मिला ने हाथ लगा देखा और कहा, हाँ सतीश पूरा चला गया है अब आप चोदाइये. आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | कपड़े सतीश ने मेरी चुदाई शुरू कर दी. कुछ देर मैं ही मैं मस्त हो हांफने लगी और और बोली, उर्मिला हाय बहुत मज़ा आता है चुदवाने मैं हाय अभी तुब ही सतीश से चुद्वायेगी. देखती रहो कैसे चुद्वाया जता है. आह्ह हाय नरेन्द्र सतीश आप भी अपना लंड तैयार कर लीजिये हाय सतीश के बाद आप मुझे चोदाइयेगा.
सतीश उर्मिला की चूसियों से खेलते बोले, यार तू कैसी कजिन है, तेरा कजिन मेरी कजिन को चोदाना चाहता है और तू उसके लंड को भी नही खरा कर सकती.
मैं बोली, हाँ उर्मिला जब तक मुझे मेरा कजिन चोदाए तू अपने कजिन के लंड को मुँह मैं लेकर चूसकर खरा कर दो.
वह दोनो हिचकिचाये तू मैंने कहा, पगली आज तू मैं तेरे सतीश से चुदवा लूंगी और तू मेरे सतीश से कपड़े बाद मैं क्या करोगी. तब तक नरेन्द्र आगे बढ़ चुक्का था. उसने अपनी कजिन की दोनो चूसियों को पाकर लिया और कपड़े दबाने लगा. मैं यह देख खुश हो गयी. तभी वी दोनो आपस मैं लिपट गए और कपड़े उसने उर्मिला को मेरी बगल मैं लिटाया और अपना लंड उसके मुँह पर लगाया तू उर्मिला ने गप्प से उसे अपने मुँह मैं ले लिया. अब वह ज़ोर ज़ोर से बिना शरम अपने कजिन का ल चूस रही थी.
सतीश तू मेरी चूत को बहुत तेज़ी से चोदा रहे थे तभी मैंने सतीश को रुकने का इशारा कीया और कपड़े उर्मिला से पूछा, उर्मिला यार ज़रा अपने सतीश का लंड दिखा तू खरा हुवा या नही? उसने मुँह से बहार कर लंड को हाथ से पाकर मुझे दिखाते हुवे कहा, ओह्ह प्रियंका देख कैसा तन्ताना रह है अपनी कजिन के मुँह मैं जाकर.

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उसकी बात सुन मैं हसते हुवे बोली, वह उर्मिला तू इतनी जल्दी सीख गयी. इसी तरह खुलकर बोलने और करने मैं मज़ा आता है. चुदवाने मैं शर्माना नही चाहिऐ. तुम्हारे सतीश तू अभी भी शर्म रहे हैं पता नही वह मज़ा ले पाएंगे या नही?
यह सुन नरेन्द्र बोला, ओह्ह हाय प्रियंका अब मैं समझ गया हूँ. अब मैं तुमको चोदाकर ठण्डा कर दूंगा.
अगर ऐसी बात है तू देखते हैं. हटो सतीश निकालो अपना देखे आपके दोस्त आपकी कजिन को चोदा पते हैं या नही.
तब सतीश ने अपना लंड बहार कीया और उर्मिला के पास जा अपना लंड उसके मुँह मैं दाल दिया जिसे वह प्यार से चूसने लगी. अब नरेन्द्र मेरे पास आया तू मैंने उसके लंड को मुँह मैं ले २ मिनट तक चूसा कपड़े अपनी चूत पर लगाया तू उसने धीरे धीरे अन्दर कीया और कपड़े मेरी चुदाई शुरू कर दी.
इस बार वह ठीक से चोदा रह था. मैं चुद्वाते हुवे सतीश और उर्मिला को देख रही थी. सतीश उर्मिला से बोले, उर्मिला मेरी जान अछा लग रह है?
जी बहुत मज़ा आ रह है.
किसका लंड चूसने मैं अछा है मेरा या अपने सतीश का?
जी हाय आपका. आपका लम्बा भी है और मोटा भी. सतीश का आपसे छोटा है. आपका तू मुँह मैं ही नही आ रह है पता नही मेरी चूत मैं कैसे जाएगा.
मैं ध्यान से दोनो की बाते सुन रही थी. सतीश का दोस्त मुझे चोदाने मैं ही मगन था. तभी सतीश उर्मिला से बोले, रानी मेरा झरने वाला है. बोलो चोदा दे यार दुबारा खरा करके चुद्वोगी.
एक बार झार कर दिखाओ कैसे झरता है कपड़े दुबारा चुदवाउंगी.
ठीक है अछा यह बताओ लंड का पनि पियोगी बहुत मस्त होता है. मेरी कजिन तू साली एक बार पीती ज़रूर है.
हाय मुझे भी पी ले. आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | तब सतीश ने दो तीन तेज़ धक्के उसके मुँह पर मरे और कपड़े झरने लगा. उर्मिला लंड के पनि को मुँह मैं लेटी रही और कपड़े जब सतीश ने लंड उसके मुँह से बहार निकला तू वह बहुत खुश नज़र आ रही थी. सतीश मेरी बगल मैं मुझसे सैट कर बैठे और उर्मिला को अपनी गोद मैं भिथा मेरी चुदती चूत को देख कपड़े अपने दोस्त से बोले, हाँ अब तू सही चोदा रह है. चोदा साली को जितना चोदा सके. और कपड़े सतीश उर्मिला से बात करने लगे. उन्दोनो की बात मुझे साफ सुनायी दे रही थी. सतीश ने उर्मिला को दोनो चूचियों को सहलाते हुवे धीरे से उससे पूछा, यार तुम्हे मज़ा आया ना.
हाँ रजा बहुत मज़ा आया. बहुत दिनों से चुदवाने को सोच रही थी पर दर लगता था, आज तू घर मैं ही आर्जो पूरी हो गयी.
सतीश ने उसे अपने मुँह पर बिठाया और उसकी चूत चाटने लगे. इधर नरेन्द्र ने स्पीड तेज़ कर दी थी और मैं समझ गयी की अब वह झरने वाला है. मैं निचे से अपनी गांड उछल उछल हाय हाय करती उससे बोली, हाय रजा और तेज़ चोदाओ हाय रजा मेरे यार लंड मेरे मुँह मैं झरना, हाय तुम्हारे लंड का पानी पियोंगी हाय.
कपड़े ५-६ धक्के और मारकर उसने अपना लंड मेरी चूत से निकल मेरे मुँह मैं डाला और फल से झरने लगा. नया माल था देर तक झर कपड़े लंड बहार निकल बगल मैं लेट हांफने लगा. मैं भी थोरी देर सुस्तायी कपड़े अपने सतीश को देखा तू वह उर्मिला की चूत से मुँह हटा उसे ऊँगली से चोदा रहे थे. मैं हाथ बढ़कर सतीश का लंड टटोला तू वह कपड़े खरा था. मैं समझ गयी की अब उर्मी चुदेगी…

कहानी जारी रहेगी …अगले भाग तक आप लोग पढ़ते रहिये मस्ताराम.नेट और एन्जॉय सैटरडे |

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