एक दुसरे की बीवियों के साथ मजे

एक दुसरे की बीवियों के साथ मजे

मेरा नाम मयंक है, मेरी उम्र २५ साल और मेरी बीवी किरन की उम्र 22 साल है Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories मेरा एक बेटा है, जिसकी उम्र १.५ साल है। बेटा होने के बाद भी, किरन मेरी पत्नी बहुत ही शानदार फिगर ३२-३०-३८ की मालकिन है। वो अपने शरीर का बहुत ध्यान रखती है। जैसे, रोज़ सुबह जल्दी उठ कर योगा करना, तला हुआ और बाहर का खाना बिल्कुल ना खाना और ना जाने कौन-कौन सी प्राकृतिक चीज़ों से अपनी चुचियों और गांड की रोज़ाना मालिश करना। हाँ, बेटा होने के बाद उसके निप्पल ज़रूर थोड़े बड़े हो गये हैं, सिवाए इसके उसके बदन, चुचियों और गांड की सुडोलता और गोलाई में कोई कमी नहीं आई है। दोस्तो, मैं आप लोगों से एक बात पूछना चाहता हूँ.. मेरी बीवी हर एक दो दिन बाद, मुझसे अपनी चूत पर पेशाब करवाती है.. उसका कहना है, इससे चूत एकदम कसी रहती है और बहुत सी “गुप्त बीमारियों” से निजात मिलता है। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | मुझे ये बिल्कुल पसंद नहीं और मुझे बहुत घिन आती है पर उसको बुरा ना लगे, इसलिए मैं ऐसा कर लेता हूँ पर मैं आप लोगों से जानना चाहता हूँ की क्या ये बात सच है। वैसे ये बात तो है की उसकी चूत, कसी हुई तो बहुत है। हमारा बेटा नार्मल डिलीवरी से हुआ है.. वावजूद इसके, कुछ ही दिनों में उसकी चूत फिर से पहले के समान कस गई थी। खैर, मेरी बीवी को उसके इस हुस्न के चलते जो उसे देखता है, देखता ही रह जाता है। शुरू में, मुझे कभी कभी मुझे बुरा भी लगता था पर अब मैं आदि हो चुका हूँ। मित्रो, मैं एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हूँ। हमारा एक छोटा सा फ्लैट है, जो तीसरे फ्लोर पर है और मेरे फ्लैट के ठीक नीचे दूसरे फ्लोर पर मेरी कंपनी में ही काम करने वाला सुमित रहता है। वो दिखने में तो सुंदर है पर उतना ही झगड़ालु प्रवर्ति का है। उसका, उसकी बीवी अपर्णा से आए दिन झगड़ा होता रहता है। वैसे, हमारे रिश्ते एक दूसरे के साथ काफ़ी अच्छे हैं। अपर्णा, हमेशा अपने पति सुमित से और पड़ोसियों से मेरे और किरन के रिश्ते को लेकर बात करती रहती है की इन दोनों की जोड़ी कितनी अच्छी है, कभी भी लड़ाई झगड़ा नहीं होता और एक दूसरे का कितना ख़याल रखते हैं। वो ये तक कहती है की मेरी तो भगवान से ये प्रार्थना है की अगले जन्म में मुझे भगवान मयंक भाई साब जैसा पति दे। अब मैं आपको, असली कहानी के बारे में बताता हूँ। ये घटना, लगभग कुछ महीनों पहले की है। मार्च का महीना था और होली आने वाली थी। अपर्णा, अक्सर हमारे बेटे को खिलाने के लिए अपने घर ले जाया करती थी और मैं उसे वापस लेने के लिए, कभी कभी उसके घर चला जाता था। इन कुछ दिनों से अपर्णा को मैंने देखा था की वो मेरी तरफ कुछ अलग नज़र से देखती है। नज़रें, काफ़ी देर तक टिकाए रखती है। जब मैं उससे, अपने बेटे को गोदी से लेता तो वो मेरे हाथ को अपने मम्मों पर टच करने का प्रयास करती थी। मैं समझ रहा हूँ, दोस्तो आप ये ही सोच रहे होंगे। ये भी दूसरी कहानियों की तरह, अपने मुँह मिंया मिट्टू बनना चालू हो गया। अब बोलेगा, मेरा लण्ड 10-12 इंच का है। मैं बहुत खूबसूरत हूँ और मेरी 20-25 गर्ल फ्रेंड रही हैं पर दोस्तो, ऐसा कुछ नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं मैं कद काठी में सामान्य हूँ, मेरा लण्ड भी लगभग 7-8 इंच से बड़ा नहीं है और 20-25 तो क्या मेरी एक भी गर्ल फ्रेंड नहीं रही। खैर, एक दिन मैंने भी सोचा की चलो देखता हूँ की इसका इरादा क्या है। मैंने जब अपने बेटे को उसकी गोदी से लेने के लिए हाथ बड़ाया तो जानबुझ कर, बेटे को अपनी तरफ नहीं लिया। अपर्णा, मेरे बेटे को छोड़ने का इंतेज़ार करती रही। मेरा हाथ कम से कम 10 सेकेंड तक उसके 32 साइज़ के चुचे से स्पर्श करता रहा। लेकिन, वो नहीं हिली और मंद की मंद मुस्कुराती रही। मेरे ही दिल की धड़कन तेज हो गई और मैंने हाथ हटा लिया। अब मैं चेहरे पर मुस्कुराहट लाते हुए बोला – भाभी जी, अब मेरे बेटे को दे भी दो.. .. घर जाना है.. .. इस पर अपर्णा मुस्कुराते हुए, शरारती अंदाज़ में बोली – ले लो ना, भाई साब.. .. आपको कौन मना कर रहा है.. .. मैं समझ गया की वो आज अलग मूड में है। मैंने फिर से हाथ बड़ाया तो उसने बेटा नहीं दिया और दो कदम पीछे हो गई और फिर से चिड़ते हुए बोली – ले लो ना, भाई साब.. .. अपना बेटा.. .. मैं फिर से आगे बढ़ा और उससे इस बार छीना झपट करने की कोशिश की। इस छीना झपट में, मैंने उसके मम्मों को खूब सहलाया। उस दिन के बाद से, आए दिन जब भी सुमित घर पर नहीं होता था तो वो मेरे बेटे को ऐसे ही मुझे देती। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | मुझे भी मज़ा आने लगा.. मैं समझ गया था की वो मुझसे चुदवाना चाहती है.. ऐसा नहीं की मैं अपनी बीवी के साथ खुश नहीं था या हमारे रिश्ते में, कोई कड़वाहट थी। किरन को भी चुदवाने का बहुत शोक था और मैं अक्सर उसे चोदा करता था। हाँ, जैसे मैंने पहले बताया था बस मुझे उसकी चूत पर पेशाब करना पसंद नहीं था और एक चीज़ ये भी थी की किरन चुदाई के वक़्त, ज़्यादातर उसी पोज़ में चुदवाती थी, जिसमें उसे मज़ा आता था। मैं अपनी पसंद के पोज़ में चोदने चाहूं या पोज़ बदलना भी चाहूं तो कहती की नहीं, अभी नहीं.. .. या ऐसे ही, करो ना.. .. उसको चुदाई की भी बहुत जल्दी रहती थी..

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