आपने दो - दो देवर के साथ सामूहिक चुदाई

आपने दो – दो देवर के साथ सामूहिक चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम प्रतिभा है और यह बात तब की है जब में मेरी शादी के बाद दूसरी बार ससुराल गई Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories Antarvasna1.com मेरा फिगर 34-30-32 है। मेरे पति बाहर जॉब करते है तो तब मेरे पति घर पर नहीं थे। मेरे दो देवर है और मुझे रूम में देखकर मेरे दोनों देवर खुश हो गये और दोनों मेरे बगल में आकर बैठ गये, वो दोनों जिम जाते है और घर का घी माखन खाकर उनकी बॉडी काफ़ी मस्त हो गई थी।

फिर कुछ देर बाद उन लोंगो ने मुझसे थोड़ी हंसी मज़ाक भी करनी शुरू कर दी थी, तभी मुझे लगा कि वो दोनों अपनी कोहनी मेरे बूब्स पर टच कर रहे थे, लेकिन में कुछ नहीं बोली। फिर शाम को मुझे पता चला कि मेरे घरवाले किसी रिश्तेदार के घर जा रहे थे और घर पर बस में अकेली थी और मेरे दोनों देवर भी आने वाले थे।

फिर रात में डिनर तक तो सब ठीक रहा। फिर दोनों बोले चलो भाभी टी.वी देखते है और फिर दोनों मेरे बगल में आकर बैठ गये और फिर से मेरे बूब्स पर अपनी कोहनी टच करने लगे, अब में भी मज़े लेने लगी थी तभी टी.वी पर एक हॉट सीन आया तो मैंने अपनी गर्दन नीचे कर ली।

तो मैंने देखा कि उन दोनों की पैंट में उनका लंड खड़ा हुआ था। मैंने फिर उनकी तरफ देखा और बोली कि में सोने जा रही हूँ और मैंने उठने के लिए उनकी जांघ पर हाथ रख दिया। मेरा हाथ उनके लंड को टच कर रहा था। फिर वो दोनों भी मेरे साथ बेडरूम में आ गये, लेकिन फिर में कुछ बोलती जिससे पहले वो दोनों मुझ पर टूट पड़े।

में कुछ समझ भी नहीं पाई कि क्या हुआ और जब पता चला तब तक में बेड पर थी। फिर वो दोनों मेरी बॉडी के एक दूसरी साईड में आ गये और एक ने मेरे मुँह को अपने मुँह से लगा कर बंद कर दिया था और एक किस कर रहा था और उनके हाथ मेरे बूब्स पर थे। मैंने उनसे बचने के लिए बहुत हिलने की कोशिश की, लेकिन हिल नहीं पाई, क्योंकि उन दोनों ने मेरे एक-एक हाथ को अपनी बॉडी के नीचे दबा रखा था और पैरो को भी अपने पैरो में फंसा रखा था।

फिर कुछ देर के बाद उन दोनों ने मेरे बूब्स को सहलना शुरू कर दिया। फिर जिसने मेरे मुँह को बंद करके रखा था, वो जैसे ही हटा तो दूसरे ने अपना मुँह लगा दिया और चूमने लगा। मेरे मुँह से बस नहीं नहीं ही निकला, अब तो पहले वाला मेरे गालों पर फिर गर्दन पर किस करने लगा और अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स मसलने लगा।आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

अब मुझे भी मज़ा आने लगा था और एक मेरे पैरो के बीच में हाथ डालकर सहलाने लगा। फिर एक ने मेरा ब्लाउज खोल दिया और ब्रा खोल कर, अहहाहम्म मेरी चूचियों को मुँह में भर लिया, अब में भी मस्ती में डूबती जा रही थी और एक मेरे मुँह को बंद करते हुए फिर मेरे होठों को चूसने में लगा था।

तभी एक हाथ मेरी कमर पर घुमाने लगा और फिर उसने मेरे पेटीकोट को भी खोल दिया। अब में सिर्फ पेंटी में थी और अब वो एक हाथ मेरी पेंटी अन्दर डालकर मेरी चूत को सहलाने लगा और दूसरे ने भी हाथ मेरी पेंटी में डाला और पेंटी के अन्दर हाथ डालकर चूत के छेद में उंगली करने लगा। में झट से उछल पड़ी, लेकिन में कुछ नहीं कर सकी, क्योंकि में उन दोनों के शरीर से दबी हुई थी।

फिर एक ने जोर जोर से चूत में उंगली अन्दर बाहर डालना शुरू कर दिया। जिससे में भी बहुत गर्म हो गई थी। फिर मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और चूत से पानी बाहर निकलने लगा और अपना हाथ बाहर निकालकर बोला भाभी भी मज़े ले रही है और फिर मुझसे बोला भाभी मज़ा आया की नहीं, तो में कुछ नहीं बोल पाई।

फिर वो बोला भाभी आप भी मज़े लो और हमें भी मज़े लेने दो और फिर मेरे मुँह को आजाद कर दिया और होठों को भी आजाद कर दिया। में चुपचाप बेड पर पड़ी थी और फिर एक ने हल्के से मेरी बूब्स को सहलाया तो में झट से उसे पकड़ कर चूमने लगी, वो दोनों खुश हो गये।

फिर एक ने अपना हाथ मेरी चूत पर रखा तो मैंने झटके से उसका हाथ हटा दिया तो वो बोला क्या हुआ? तो में स्माइल के साथ बोली तुम लोग अभी तक कपड़ो में हो और में नंगी हूँ तो दोनों हट गये और अपने-अपने कपड़े खोल दिए और फिर मैंने भी अपना पेटीकोट और साड़ी एक साथ उतार दी और फिर एक आगे आकर मेरी पेंटी उतार कर मेरी चूत चाटने लगा।आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

तब मेरा ध्यान उसके लंड पर गया। उसका लंड लगभग 8 इंच का था, ओह्ह्ह्ह मेरी चूत तो मचलने लगी और एक जो खड़ा हुआ था उसने मुझे आगे आकर अपना लंड पकड़ा दिया तो में भी उसे मुँह में लेकर चूसने लगी। फिर उसने भी मेरे बूब्स चूसना और सहलना शुरू कर दिया था l

में अपने हाथ पहले वाले के सिर पर रख कर सहलाने लगी, अहहहः आराम से चाटो बड़बड़ाने लगी और वो भी अपनी जीभ मेरी चूत में अन्दर डाल कर रखता और दूसरा ऊपर मेरे मुँह में धक्के लगाने लगा और बूब्स मसलने लगा, उस समय में तो जन्नत में थी।

फिर पहले वाला उठा और बोला ज़रा मुझे भी लंड चुसवाने दो तो दूसरा हटकर मेरी चूत पर आ गया और चाटने लगा तो में उसे रोककर बोली अब और मत तड़पाओ और चोद भी दो। मेरी चूत तड़प रही थी और उसने चूत को चाटना छोड़कर और उठकर अपना लंड मेरी चूत में डाला और धीरे-धीरे अन्दर बाहर करने लगा।

तो में बोली तुम्हारा लंड तो तुम्हारे भैया से बहुत बड़ा है और फिर उसने इतना तेज धक्का लगाया कि उसका आधा लंड अन्दर चला गया और तभी दूसरे ने मेरे मुँह में अपना लंड पूरा डाल दिया और उधर उसने मेरी चूत में एक और ज़ोर का धक्का मार कर पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया। मेरी तो सांस ही अटक गई थी।

तब पहले वाले ने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला तो में चिल्ला उठी, ओह्ह्ह्हह फाड़ दी मेरी चूत, अहह्ह्ह्हह्ह। तो वो बोला बस अब दर्द नहीं होगा, बस मज़े लो तो में बोली तो किसका इंतज़ार कर रहे हो इतना सुनते ही वो ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा।

फिर में भी उसका पूरा साथ देने लगी और बड़बडाने लगी, आह्ह्हह्ह ज़ोर से और जोर से हाँ मज़ा आ रहा है, जम कर चोदो, अहह्ह्ह्हह अब मेरे मुँह में लंड डालो। अब मुझे बहुत मजा आने लगा था कि पहले वाला चूत से हट गया, तो में बोली क्या हुआ? तो दूसरा बोला कि अब मेरी बारी है।

फिर उसने मुझे डॉगी स्टाइल में कर दिया और जो मेरी चूत से हटा था। उसने आगे आकर मेरे मुँह में लंड डाल दिया और दूसरे ने पीछे से लंड डालकर एक ज़ोर के धक्के के साथ पूरा अन्दर डाल दिया तो में बहुत जोर से चिल्ला उठी और फिर वो मेरी जमकर चुदाई करने लगा।आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर में भी उसका पूरा साथ दे रही थी और फिर 10 मिनट के बाद वो दोनों झड़ गये,फिर हम थोड़े देर लेते रहे उसके बाद मेरा एक बीएड के निचे खड़ा हो गया और मै बेड पर लेटकर सर आगे की तरफ निचे लटका हुआ था और निचे खड़े देवर ने अपना लंड मेरे मुह में डाल कर झटकने लगा और दुसरे देवर ने मेरे ऊपर आके झटके मरने लगा इस तरह हम तीनो ही झड गये.

एक मेरे मुँह में तो, एक मेरी चूत में झड़ गया और में कितनी बार झड़ी थी मुझे याद नहीं है और उस रात हमने 3 बार और चुदाई की और सुबह तक मेरी चूत फूल गई और बूब्स पर उंगलीयों के निशान पड़ गये थे ।

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