आंटी और प्राची के साथ चुदाई का अनुभव 1

आंटी और प्राची के साथ चुदाई का अनुभव 1

मैने अब तक कई भाभी और आंटी को चोदा है. पर इस बार मैं किसी न्यूली मॅरीड लड़की को चोदना चाहता था, Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories Antarvasna1.com पर मेरे आस पास कोई ऐसी लड़की नही थी.पर एक दिन जब मैं घर के बाहर मेरे पड़ोस मे एक न्यू फॅमिली को शिफ्ट होते हुए देखा पर मेरी आँखे तो कुछ और ही खोज रही थी,तो मैने कोई इतना इंटरेस्ट नही लिया पर मेरे नसीब मे कुछ और ही था.

कहानी यहाँ से स्टार्ट होती है अगली सुबह मैं उठकर जब अपने घर की बाल्कनी मे खड़ा था तो मेरी नज़र एक लड़की पर गई जो न्यू फॅमिली मे से ही एक थी वो नहा कर घर से बाल सुखाते हुए घर से बाहर निकली.मेरी आँखे फटी रह गई और मुँह खुला हुआ था,उसके गीले बालो की वजह से उसके कपड़े उसके बूब्स तक गीले हो गये थे और कपड़े उसकी बॉडी से चिपके हुए थे और इस वजह से उसके बूब्स की शेप क्लियर दिख रही थी.

उसके बूब्स की क्लीवेज क्लियर्ली दिख रही थी,उसकी कमर तो एक दम पर्फेक्ट शेप की थी और उसकी बॉडी के एक-एक पार्ट को उसने बहुत अच्छे से मेनटेन कर के रखा था उसने. वो ज़ीरो फिगर बॉडी उसे मॉडेल जैसा सेक्सी लुक देती थी.

मैं उसे घूर रहा था और मेरा लौड़ा अब पूरा तन चुका था,और मैं अपने प्राइवेट पार्ट को पॅंट मे अड्जस्ट कर ही रहा था कि उसकी नज़र मुझपे पड़ी और उसने वैसा करते देख अपनी नज़र नीची की और घर में चली गई. मुझे तो अब उसकी ही बॉडी आँखो के सामने दिख रही थी और मैं उसे चोदना चाहता था,मैने उसके बारे मे पता लगाया तो पता चला कि उसका नाम प्राची है उसकी कुछ ही हफ्तों मे शादी होने वाली है.

उसके बॅकग्राउंड के बारे मे पता किया तो पता चला कि वो काफ़ी अच्छे नेचर की है और मुझसे एज मे बड़ी भी पर उसे देख कर लगता नही था कि वो बड़ी होगी मुझसे. मुझे ये सब पता चलते ही अपने पुराने शेड्यूल मे बिज़ी हो गया कॉलेज आना जाना,टीचर्स पे लाइन मारना क्लासमेट से फ्लर्ट करना और भाभी या आंटी की चूत मारना. पर हर सुबह प्राची को मैं देखता और उसके बारे मे ही सोचता पर अब तक मैं ना उससे बात करता था ना ज़्यादा मेल जोल था.

एक दिन जब मैं कॉलेज से घर आया तो देखा प्राची मेरी मम्मी और प्राची के घर वाले और कुछ आस पास की आंटी आई थी घर मे,मम्मी ने मुझे इंट्रोड्यूस करवाया और मैने उसे हॅंड शेक किया और क्या बताऊ दोस्तो उसके टच करने से ही ऐसा लगा कि एलेक्ट्रिक शॉक लगा है मुझे.

उसके हाथ बहुत ही सॉफ्ट थे जैसे कोई स्टफa डॉल को टच किया हो मैने,और कुछ मिनट तक तो उसके हाथ वैसे ही पकड़े रहगया तभी मम्मी ने मस्ती मे बोला पसंद आ गई क्या ज्यादा कुछ सोचना मत शादी होने वाली है उसकी,मेरी मम्मी काफ़ी क्लोज़ है मुझसे तो वो ऐसे मज़ाक हमेशा करती थी.

और मैने प्राची के हाथ छोड़ दिए और बाकी आंटीस ने बोला अरे रहने दो ये सब चीज़ मे मयंक बहुत आगे है(उन सभी आंटीस मे से बहुतों को सॅटिस्फाइ कर चुका था मैं).पर इतना सब होते हुए भी अब मैं प्राची को चोदने का प्लान कर रहा था उसे बहुत बार सिड्यूस भी करना चाहा पर वो हमेशा इग्नोर कर देती मुझे.

आख़िर उसकी शादी के दिन करीब आ गये और मैं अब उसके बारे मे सोचना छोड़ चुका था,इसी दौरान मैने एक पडोसी आंटी को सेट कर लिया था जिनकी एज रही होगी अराउंड 35-38 आंटी दिखने मे एक दम फेअर थी बॉडी और फेस पर कोई दाग नही और काफ़ी मेंटेंड रखा था उन्होने खुद को उनका फिर होगा 32 26 32 अपरोक्ष. और हाइट 5.6 थी. आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

एक दिन मैं आंटी के घर गया तो वो चावल सॉफ कर रही थी और उनकी पल्लू गिर गई थी और उन्होने साड़ी को अपने जन्घो तक उठा रखा था क्या बताऊ उसने 32 साइज़ के बूब्स और उसकी क्लीवएजस सॉफ सॉफ दिख रहे थे और उनके पैरों पर एक भी बाल नही था एक दम स्मूद जांघे तक कलर गोरा होने की वजह से और सेक्सी लग रही थी.

मैं उनके दोनो बूब को घूर रहा था उन्होने वो देखा और पल्लू उपर करते हुए पूछा क्या चाहिए और मेरे मूह से निकला “दूध” और वो शॉक्ड रह गई,मैं झुंझला कर बोला सॉरी मेरा मतलब था मम्मी आपको बुला रही है.और इतना बोल कर मैं बाहर चला गया और आंटी ने सोचा मैं चला गया और हँस के बोली पागल कहीं का.

अब आंटी घर पे आई बट मम्मी प्राची के साथ शॉपिंग पर चली गई थी और मुझे बोली थी कि आंटी को,काम बता देना और रुके रहने को बोलना मैं 1घंटे मे आ जाउन्गी.तो मैने उन्हे काम समझाया और फिर चला गया अपने रूम मे.पर मुझे लगा मौके का फ़ायदा उठाना चाहिए.

फिर आंटी के पास हॉल मे जाकर उनके सामने बैठ गया और उनके बूब्स घूर रहा था उनकी कमर देख रहा था.और उन्होने फिर ऐसा करते देख पल्लू से ढक लिया और पूछा “क्या देख रहे हो मयंक मैं चुप ही रहा ”फिर आंटी ने बोला भूल गये क्या कि क्या देख रहे थे सुबह भी वही ध्यान था तेरा अब बोलेगा क्या देख रहा था.

मैने हिम्मत की और बोला आंटी आप बहुत ब्यूटिफुल हो तो वो ब्लश करते हुए पर थोड़ा गुस्से से मुझे घूर कर बोली, मैं या मेरा कोई बॉडी पार्ट बहुत ब्यूटिफुल है ऐसी बात सुन कर मुझे आइडिया हो गया था कि आंटी मूड मे है.मैने बोला बॉडी पार्ट तो आपका ही है ना तो आप हो ही सेक्सी लुकिंग,आंटी बोली अब बस और गुस्से से घुरि मुझे अपने पास बुलाया उन्होने और बैठाया और पूछा कि कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या.

मैने मस्ती मे बोला नही,सब डॅड और अंकल ने बुक कर लिया तो मुझे कोई कहाँ से मिलेगी,ये सुन के तो वो शरमा कर बोली बदमाश सुधर जा मुझे पता है यहाँ सारी आंटीस को तूने गर्लफ्रेंड बना के छोड़ दिया है.मैं सुन के तो शॉक्ड रह गया कि साली हमयंकी लोग ये सब भी बताती है एक दूसरे को.

उन्होने बोला अब बच्चा बड़ा हो गया है कोई ढूंड कर शादी करवानी ही पड़ेगी,मैं फिर चान्स मारते हुए बोला आप ही कर लो आपको मेरी सारी रिपोर्ट पता है आपको बहुत खुश रखूँगा.और वो मुझे देखते रह गई और इतना सुन के मस्ती मे बोली दो बच्चे भी फ्री मिलेंगे संभालेगा,मैने बोला मैं आपको संभालूँगा और आप बच्चे संभालना.

और हर रात को आपको भी सॅटिस्फाइ कर दूँगा अंकल से ज़्यादा,वो ये सुन कर भड़क गई और मुझे एक झापड़ मारा बस फिर क्या था मैने उनका फेस अपनी तरफ खिचा और किस कर लिया उनकी लिपस्टिक तो क्या टेस्टी थी मज़ा ही आ गया. आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

अब मेरा लौड़ा पूरा तन गया था आंटी मुझे धक्का दे कर खड़ी हो गई और फिर एक थप्पड़ मारा,अब मैने उनकी कमर अपनी तरफ खिचा और उनकी चूत के पास लौडा था.और बोला अगर ज़्यादा उछलोगी तो यही चोद दूँगा और इतना चोदुन्गा की ठीक से खड़ी नही रह पाओगी,और एक हाथ से उसके बूब्स को पकड़ा और दूसरे हाथ से उसका सर और एक लीप लॉक किस और लौड़ा उसकी चूत से और चिपका दिया.

और अब आंटी मुझे और रेज़िस्ट नही कर रही थी वो मेरे किस्सस को और फोरप्ले को एंजाय कर रही थी.मैं अब उसके गले पर किस कर रहा था उसके बूब्स मसल रहा था और उसकी गान्ड भी मसल रहा था,वो मदहोश होने लगी नाख़ून चुभाने लगी बाल खिचने लगी मैने उसे गोद मे उठाया.

अपने बेडरूम मे बेड पर पटक दिया और उसकी साड़ी उपर कर के उसकी चूत चाटने लगा उंगली करने लगा आंटी अब अपना कंट्रोल खो रही थी और खुद की ब्रा और ब्लाउस उतार कर बूब्स मसल रही थी.

आंटी बहुत ही गरम हो चुकी थी उसे फोर्स्ड सेक्स बहुत अच्छा लगता था,शायद मैं उसके गोल गोल पर्फेक्ट शेप देख कर उन्हे चूसने लगा और चूत मे और ज़ोर की उंगली कर रहा था पर.कुछ टाइम बाद मैने आंटी को नंगा कर दिया पर वो थोड़ा शरमा रही थी पर.यार आंटी की बॉडी एक दम क्रीम जैसी सॉफ्ट और फेअर थी और किसी कॉलेज गर्ल जैसी दिखती थी.

मैने उन्हे घूरते हुए बोला अंकल तो आपको पलंग तोड़ चोदते होंगे,पर आंटी बोली दो बच्चों के बाद उन्हे काम से फ़ुर्सत ही नही है. मैने बोला मैं करूँ तो चलेगा तो वो मना करने लगी बोलती है नही नही बस इतना बहुत था और उठ कर पैंटी पहनने लगी मैने उन्हे फिर बेड पे पटका और उनपर चढ़ कर बोला मयंक से कोई बच पाया है क्या जो आप चुदवाये बिना जा रही हो.

तो अब वो मना करने लगी मैने आंटी को अपनी तरफ खिचा , और किस करने लगा और उनकी चूत पर लौड़ा रख कर धक्का दिया पर चूत बहुत ही गीली थी और सूजी हुई थी इसलिए अंदर नही जा रहा था और आंटी भी साथ नही दे रही थी.

मैने उन्हे ज़ोर से पकड़ा एक हाथ से लंड सेट किया और ज़ोर से धक्का मारा,आंटी की आँखे पूरी खुल गई और ज़ोर से सांस ली और चिल्लाई आहहाहह !!!!!! इसस्सीसीसीसस !!!!! छोड़ दो मुझे मयंक बट मैं कहाँ सुनने वाला था उन्हे पकड़ा और चोदने लगा उनकी चूत इतनी गीली थी कि आवाज़े आ रही थी पुचह पुचह पॉककचह!!!!!!! और वो सिर्फ़ मोन कर रही थी पर आंटी को जानबूज कर कभी कभी ज़ोर से धक्का मारता और वो मोन करती ओउककचह !!!!!! आअहह !!!!!

हम दोनो सिर्फ़ एक दूसरे की आँखो मे देख रहे थे और वो हर शॉट पे मेरे पूरे लॉड को लॉक कर लेती थी.आंटी के गोल गोल बॉल उपर नीचे उपर नीचे हो रहे थे वो थरथरा रही थी मोन कर रही थी ओउककच्छ ओउककच्छ !!!!! आहहाहह !!!

अब मैने पोज़िशन चेंज की और मेरे मन मे फिर एक प्लान आया और उसे वॉल से दोनो हाथ रख कर घोड़ी बना दिया और आंटी पीछे से एकदम प्राची जैसी दिखती थी मैने प्राची को इमॅजिन किया और आंटी को उसी पोज़िशन मे चोदने लगा अब मैं आंटी को स्लो स्पीडसे चोद रहा था पर मैं अपना पूरा लंड उसकी सूजी हुई बुर मे पेल रहा था और थोड़ा अलग तरह की आवाज़े निकल रही थी

इसस्स्स्सस्स !!!!!! ओह !!!!! माआआ !!!!! एम्म्म !!!!! इसस्सस्स !!!!!! और मेरी जांघे उसकी जांघे से टकरा कर थूप्प्प!!!थूप्प्प !!! तूप्प्प्प्प !!!!!! जैसी आवाज़ कर रही थी मैने आंटी की गान्ड पर एक चाँटा मारा और ज़ोर से आंटी चिल्लाई आआहह !!!!!! प्लज़्ज़्ज़्ज़ मत करो !!!!!!!!आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

अब आंटी मुझे बेड पर ले गई और स्पीड बढ़ाने को बोली और मैने स्पीड बढ़ाई आंटी शायद बहने वाली थी उसने ज़ोर से मुझे पकड़ लिया और एक आह भरी उसने और अपनी सारी गरम धार वही छोड़ दी उसने . उसका पानी इतना गरम था कि मैं उसकी गर्मी से ही बह गया उसकी चूत मे और अभी इतना ही नही उसने बोला प्लज़्ज़्ज़ उंगली करो और मैं उंगली करने लगा तो वो बैठ गई और मुझे ज़ोर से गले लगा लिया.

मैं उंगली कर रहा था कि उसने और एक मूत की धार छोड़ी और बहुत सारा पानी और हम दोनो एक दूसरे को किस करके वही पड़े रहे और उसने पूरा फ्लोर गीला कर दिया था वो सब सॉफ कर के उसने मुझे उठाया और कपड़े पहन कर हॉल मे चली गई.मुझे एक सेक्सी सी स्माइल देकर थॅंक्क्स्क्स्क्स बोली और मेरे पूछने पर बताई कि काफ़ी टाइम से उसने ना सेक्स किया था और ना ही उंगली और उसकी चूत बहुत ही सूजी हुई थी.

तभी मम्मी आ गई और मैं प्राची के साथ बैठ कर कुछ बातें करने लगा. मैं प्राची से बात कर रहा था और तभी मम्मी और आंटी एक दूसरे से बात कर रही थी, तो मैं बहाना बना के प्राची को अपने बेडरूम मे ले गया.और उसने हाँ भी बोल दिया तो हम बेडरूम मे चले गये और मैं उससे ज़्यादा,उसके बूब्स उसकी हिप्स और पूरी बॉडी को ताड़ रहा था और शायद प्राची ने भी नोटीस किया वो सब पर वो कुछ बोली नही.

मैं बातों बातों मे उससे फ्लर्ट करने लगा और वो ब्लश कर रही थी,मैं उसे ऐसा दिखाना चाहता था कि मैं उसकी तरफ अट्रॅक्ट हो कर उसे लाइक करने लगा हूँ.और वो सब बातों मे प्राची ने पूछ ही लिया “क्या तेरे मन मे मेरे लिए कुछ है???” अब जब मछली जाल मे फँसी थी तो मैने भी चान्स मारते हुए हां बोल दिया.

मैं तो सिर्फ़ उसे जी भर के चोदना चाहता था और इसलिए मैने उसे झुटि बातें भी बोल दी कि मुझे फ़र्क नही पड़ता कि वो बड़ी है मुझसे,और मैं उसे लाइक करने लगा हू,और वो तो दिखने मे मुझसे भी छोटी लगती है.और इतना कहते ही उसने मुझे पास बिठा कर मेरा फेस अपनी तरफ किया और मैं भी मौका देख कर उसे स्मूच करने लगा.

उसने मुझे पहले तो दूर करने की कोशिश की पर शायद मेरी झूठी तारीफे उसने सच मान ली थी और वो भी साथ देने लगी,मैं अब उसके उपर था उसके बूब्स मसल रहा था और उसकी चूत उपर से ही सहला रहा था.वो भी मेरे लंड को मसल रही थी और उसकी चूत को सहलाते ही वो लंबी साँसे लेती और सिसकारिया भरती.

हम दोनो सातवें आसमान मे थे और दोनो ही एक दूसरे को एंजाय कर रहे थे.पर तभी मम्मी ने प्राची को आवाज़ लगाई और वो झट से अपने कपड़े सुधारते हुए हॉल मे चली गई.और फिर मैने उसे याद कर के अपने तने हुए लंड को हिलाने लगा और मूठ मारी.

वो तभी अचानक रूम मे आई और मुझे वैसा करते देख वो मेरा लंड पकड़ के मुझे एक अच्छा सा ब्लो जॉब देकर गुड बाइ बोल कर चली गई.मेरी तो खुशी का ठिकाना नही था.

पर वो लास्ट टाइम था जब मैं उससे मिला और वो अब अपने ससुराल जा चुकी थी और 6 महीने हो गये थे और मैं फिर सब भूलकर बिज़ी अपने पुराने शेड्यूल पे था और पहले वाली आंटी को भी बहुत बार उसी के बेडरूम मे चोद चुका था अलग अलग पोज़ मे और उसे अब मेरी लत लग गई थी.

अंकल भी अब आउट ऑफ टाउन रहने लगे थे तो कभी कभी मैने उसके साथ रात को भी सेक्स किया था कभी शवर मे कभी हॉल मे.पर इतना सब हो कर भी मुझे प्राची की बहुत याद आती थी मैं उसे अब भी चोदने की सोचता था,तब कुछ दिन बाद प्राची ससुराल से वापिस आई अपने घर.वो साड़ी मे बहुत ही सेक्सी दिख रही थी उसने हल्के पिंक कलर की साड़ी पहनी थी और पतले स्ट्रीप वाली ब्लाउस और उसकी पूरी बॉडी एक्सपोज़ हो रही थी.

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