अपनी शादीशुदा दीदी को घर के हर 1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुमित है और में रांची का रहने वाला हूँ, Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories Antarvasna1.com मेमें रांची सिटी में काम करता हूँ और वहीं मेरी फेमिली के साथ रहता हूँ। में 27 साल का हूँ, मेरा थोड़ा सा गोरा चेहरा है, मेरे लंड का साईज़ 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है।

मेरे घर में 3 रूम है और किचन और छोटा सा आंगन है, एक रूम में मेरे पापा मम्मी, दूसरे रूम में दीदी और उनके ही बगल वाला कमरा मेरा है। मेरी दीदी और मेरे कमरे के बीच में एक खिड़की है, जिससे दोनों कमरे में आसानी से देख सकते है। हमारी फेमिली में पाँच लोग है। पापा की उम्र 55 साल, जो हमेशा काम के सिलसिले से बाहर ही रहते है। मम्मी मीना, उम्र 48 साल, वो अभी भी बहुत सेक्सी दिखती है, उनका रंग गोरा है, उनका फिगर साईज 32-30-34 है।

दीदी रंजीता जो हमारे साथ ही रहती है, क्योंकि उनके पति ने उन्हें झगड़ा होने की वजह से निकाल दिया, वो भी बहुत सेक्सी है, उनका फिगर साईज 36-34-38 है। में और मेरी पत्नी साक्षी, वो भी बहुत सेक्सी है, उसका फिगर 34-32-36 है, हम दोनों बहुत सेक्स करते है और हमारी शादी एक साल पहले हुई थी।

अब में सीधा कहानी पर आता हूँ। में हर रोज सुबह 10 बजे काम पर जाता और शाम को 6 बजे घर आ जाता हूँ। एक दिन की बात है, में और मेरी पत्नी सेक्स कर रहे थे, तभी मुझे अहसास हुआ कि खिड़की पर कोई है, लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया और मेरी पत्नी के साथ सेक्स करने लगा। अब हम दोनों बहुत इन्जॉय कर रहे थे।

फिर आधे घंटे के बाद हम सो गये और फिर सुबह हुई, उस दिन रविवार था तो मेरे काम की छुट्टी थी। उस दिन मेरी पत्नी के मायके में किसी की मौत हो गयी थी, तो वो वहाँ 20 दिन के लिए चली गयी। फिर में उसे बस स्टॉप तक छोड़कर आया और वापस घर आने के बाद खाना खा कर मैच खेलने चला गया। फिर में वापस घर आया और चाय पी, अब में और मेरी दीदी बैठकर बात कर रहे थे, मेरी माँ कहीं बाहर गयी थी। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

अब मेरी दीदी मुझसे पूछ रही थी कि अब कैसे दिन निकलेंगे तुम्हारे? तो में कुछ समझा नहीं। फिर मैंने दीदी से पूछा, तो वो बोली कि कुछ नहीं ऐसे ही मुँह से निकल गया और फिर वो मुस्कुरा कर चली गयी। फिर रात को हमने खाना खाया और सोने चले गये, अब माँ अपने कमरे में चली गयी और में अपने कमरे में और दीदी उनके कमरे में चली गयी।

अब मुझे नींद नहीं आ रही थी तो में कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देखने लगा और मुठ मार रहा था तो मैंने खिड़की की तरफ देखा, तो दीदी मुझे देख रही थी। फिर में उन्हें पटाने के लिए पूरा नंगा हो गया और ऐसे नाटक कर रहा था कि जैसे मैंने उन्हें नहीं देखा है। फिर थोड़ी देर के बाद में सोने चला गया, लेकिन तब भी मुझे नींद नहीं आ रही थी।

फिर में दीदी के रूम में देखने लगा तो मुझे इतना नज़र नहीं आ रहा था, लेकिन मुझे कुछ कुछ दिखाई दे रहा था। अब मेरी बहन अपनी चूत में उंगली डाल रही थी और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां ले रही थी आ आ उ उ और बीच बीच में मेरा नाम ले रही थी, सुमित चोदो, चोदो मुझे, फिर वो सो गई और में भी जाकर अपने बेड पर सो गया।

फिर एक दिन मेरी फेमिली में कुछ प्रोग्राम था, तो माँ वहाँ गयी थी और में और दीदी घर पर ही थे। उस दिन शनिवार था, तो में काम से जल्दी आ गया था। अब जब में घर आया तो दीदी बहुत खुश थी, फिर दीदी ने मेरे लिए खाना बनाया और बोली कि खाना खाने के बाद हम शाम को मार्केट जायेंगे, मैंने कहा कि ठीक है।

फिर में और दीदी मेरी बाइक पर बैठकर मार्केट गये, वहाँ पर दीदी ने कुछ कपड़े लिए और सब्जी ली। फिर जब हम वापस घर आ रहे थे तो बीच में एक थियेटर था, तो दीदी ने कहा कि चलो हम मूवी देखते है। मैंने कहा कि ठीक है और में और दीदी रोमांटिक मूवी देखने गये, क्योंकि उस दिन थियेटर में वही मूवी लगी थी, वो मूवी शुरुआत में तो नॉर्मल ही थी, लेकिन फिर बाद में उस मूवी में कुछ सेक्सी सीन आने लगे।

फिर मैंने दीदी की तरफ देखा तो वो बहुत ध्यान से देख रही थी। उसके बाद हम जब बाहर निकले तो दीदी ने कहा कि उन्हें अंडरगारमेंट्स लेनी है तो वो दुकान पर गयी और मुझे बोली कि तुम भी चलो। अब में शरमा रहा था और मैंने कहा कि तुम लेकर आओ, लेकिन उन्होंने बहुत ज़िद की तो में उनके साथ चला गया।

फिर दीदी ने पारदर्शी 2 ब्रा और 2 पेंटी, काले और पीले कलर में ली। फिर दीदी ने मुझसे पूछा कि कैसी है? तो मैंने शरमाते हुए कहा कि अच्छी है। फिर हम घर पहुँचे, अब दीदी ने रात का खाना बनाया और फिर हमने खाया। अब खाना खाने के बाद में मम्मी के कमरे गया, क्योंकि वहाँ पर टी.वी लगा हुआ था और अब में टी.वी देख रहा था। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर थोड़ी देर के बाद मेरी बहन आई और मेरे बगल में बैठ गयी। अब मेरे मन में अभी तक कुछ भी ग़लत ख्याल नहीं था, अब हम इंग्लिश मूवी देख रहे थे। मेरी दीदी ने एक नाइटी पहनी थी और मुझसे कहा कि क्या मूवी देख रहे हो? चलो कुछ बातें करते है। फिर मैंने टी.वी बंद की और में और दीदी उनके कमरे में चले गये और अब हम पहले तो नॉर्मल बातें कर रहे थे।

फिर दीदी ने पूछा कि सुमित में ब्रा और पेंटी ट्राई करती हूँ, तुम देखकर बताओ। अब मे हैरान हो गया और अब में अंदर ही अंदर खुश था कि चलो आज दीदी के बूब्स देखेंगे। फिर दीदी उठी और अलमारी में से ब्रा और पेंटी का सेट निकाला और बाथरूम में जा कर चेंज करके आई।

पहले तो उन्होंने काले कलर की ब्रा और पेंटी पहनी, उसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी। अब मुझे उनका पूरा बूब्स आसानी से दिख रहा था और उनकी चूत भी साफ़-साफ़ दिख रही थी, उनकी चूत पर बहुत बाल थे और उनके बूब्स के निप्पल बड़े-बड़े थे। फिर दीदी ने कहा कि कैसी है? तो मैंने कहा कि सेक्सी, तो फिर दीदी हंसी और कहा कि में दूसरी ट्राई करती हूँ।

उसके बाद दीदी ने कहा कि अब मुझे नींद आ रही है तो वो सोने चली गयी। उस रात मैंने 3 बार मुठ मारी और फिर सो गया। फिर सुबह में काम पर नहीं गया और मैंने 2-3 दिन की छुट्टी ले ली कि मुझे थोड़ा बुखार है। फिर हमने खाना खाया और फिर दीदी अपना काम करने लगी। अब दीदी बाथरूम में बैठकर अपने कपड़े धो रही थी।

दीदी ने रात वाली ही नाइटी पहनी थी और अब उनकी नाइटी पूरी भीग गयी थी और फिर जब वो अपने कपड़े लेने बाहर आई तो उनकी नाइटी भीगी होने की वजह से मुझे उनके बूब्स का साईज़ साफ़-साफ़ दिख रहा था, शायद उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी। अब में उनके बूब्स को ही देख रहा था, जो शायद उन्हें पता चल गया था।

फिर दीदी नहाने चली गयी, फिर उसके बाद में नहाने गया तो मैंने बाथरूम में देखा कि उनकी ब्रा और पेंटी वही पड़ी थी, लगता है वो सुखाना भूल गयी थी। अब में उनकी ब्रा और पेंटी से मुठ मार रहा था और फिर में उनकी ब्रा की कटोरी में झड़ गया। फिर में बाहर निकला तो देखा कि दीदी ने साड़ी पहनी थी और लो-कट ब्लाउज पहना था। अब उनमें से उनके आधे बूब्स साफ-साफ़ दिख रहे थे, क्योंकि अंदर ब्रा पारदर्शी वाली थी। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर दीदी ने कहा कि बहुत देर लगा दी, तो मैंने कहा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही। अब दोपहर में दीदी और में बैठ थे तो दीदी ने कहा कि गर्मी बहुत है, तो मैंने भी कहा कि हाँ बहुत गर्मी है।

दीदी – सुमित तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं।

में – मैंने कहा नहीं में अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता हूँ, फिर मैंने उनसे पूछा कि ये सवाल क्यों?

दीदी – कुछ नहीं बस ऐसे पूछ रही हूँ।

में – फिर मैंने उनसे पूछा कि उस दिन आपने कहा था कि अब दिन कैसे निकलेंगे? तो में कुछ समझा नहीं, क्या आप फिर से बताओगी?

दीदी – मतलब में पूछना चाहती हूँ कि तुम्हारी पत्नी तो मायके गयी है, तो अब कैसा लग रहा है?

में – बहुत बोरिंग।

दीदी – क्यों?

में – ऐसे ही।

अब शाम को में दोस्तों के साथ घूमकर रात को 8 बजे घर पहुँचा, तो तब तक दीदी ने खाना बना लिया था। फिर हमने खाना खाया और सोने चले गये, फिर दीदी ने कहा कि क्या में तुम्हारे कमरे में सो सकती हूँ? तो मैंने पूछा कि क्यों? तो उन्होंने कहा कि अकेली बोर होती हूँ, तो मैंने कहा कि ठीक है, जब गर्मी के दिन थे तो में हाफ पेंट पहनकर ही सोता था।

फिर मेरी दीदी ने कहा कि चलो आज हम छत पर सोते है। छत पर पर ज़्यादा उजाला था, क्योंकि चाँदनी रात थी। अब मैंने जानबूझ कर अंडरवेयर नहीं पहना और सिर्फ़ हाफ पेंट ही पहनी, वो भी ढीली, जिसे आसानी से उतार सके। फिर मेरी दीदी ने अपनी साड़ी उतार दी और अब वो सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में आ गयी।

अब वो बहुत सेक्सी दिख रही थी, अब रात के 11 बज गये थे। अब मेरी दीदी सो गयी थी, लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी। फिर मैंने देखा कि दीदी की चूचीयां बहुत अच्छे से दिख रही थी। अब में आउट ऑफ कंट्रोल हो गया था और अपनी पेंट को उतारकर चादर ऊपर रखकर एक हाथ से मुठ मार रहा था और एक हाथ से उनका बूब्स हल्का सा दबा रहा था कि अचानक से दीदी हिली और में वहाँ से अपना हाथ हटाकर सोने का नाटक करने लगा।

फिर दीदी ने मेरी चादर थोड़ी खींची और वो मेरे ही चादर में आ गयी, अब मुझे डर लगने लगा था कि अब दीदी देख लेगी तो गुस्सा हो जायेगी, लेकिन दीदी सो गयी और में भी अपनी पेंट पहनकर सो गया। फिर करीब रात के 2 बजे होंगे, मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि मेरी दीदी वहाँ नहीं थी, तो में नीचे गया और मेरे कमरे में देखा तो कमरे की लाईट चालू थी। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर जब में अंदर जाने लगा तो में देखकर हैरान हो गया, अब दीदी मेरा कंप्यूटर चालू करके मुठ मार रही थी और में भी खड़े होकर मुठ मारने लगा। फिर मैंने सोचा कि अब कल दीदी को ज़रूर चोदूंगा और पहले वो ही चालू करेगी। फिर जब सुबह हुई तो मैंने देखा कि 11 बज गये थे। अब दीदी उठ चुकी थी और नहाकर नाश्ता बना रही थी।

उस दिन उन्होंने पीले कलर की सलवार कमीज़ पहनी थी और मुझे उनकी गली साफ दिख रही थी। फिर में उठा और फिर बाथरूम में नहाने गया, अब में जानबूझ कर कपड़े ले जाना भूल गया। फिर मैंने दीदी से टावल माँगा तो उन्होंने मुझे टावल ला कर दिया।

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