अपनी शादीशुदा दीदी को घर के हर 2

अपनी शादीशुदा दीदी को घर के हर 2

फिर में नाटक करने लगा कि में बाथरूम में गिर गया और मेरे पैर में चोट लग गयी, तो दीदी ने कहा कि में मालिश कर देती हूँ Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex Hindi Sex Kahani Hindi Sex Stories Antarvasna1.com फिर दीदी तेल कि बोतल लेकर आई और अब वो मेरे घुटने तक पैर की मालिश कर रही थी और में सिर्फ टावल में ही था। दीदी के हाथ बहुत मुलायम थे, जब वो मालिश कर रही थी तो मेरा लंड खड़ा हो गया, अब दीदी उसे देख रही थी।

फिर मैंने कहा कि दीदी थोड़ी सिर की मालिश भी कर दो, तो वो मेरे सिर की मालिश करने लगी। अब वो मेरे ऊपर बैठकर मालिश करने लगी थी, उसे मैंने ही कहा था। अब वो ऐसे बैठी थी कि मेरा लंड उनको टच हो रहा था, अब दीदी के बूब्स भी हिल रहे थे।

फिर में उठा तो दीदी ने कहा कि आजा खाना खा ले, तो मैंने कहा कि तुम चलो में कपड़े चेंज करके आता हूँ। फिर जैसे ही दीदी जाने लगी तो मेरा टावल खुलकर नीचे गिर गया और मेरी दीदी बाहर चली गयी।

फिर में बाहर आया और अब में दीदी से शरमा रहा था। फिर मेरी पत्नी का फोन आया तो में उससे बात करने लगा, अब दीदी मुझे गुस्से से देख रही थी। फिर फोन रखने के बाद दीदी ने कहा कि कब आ रही है? तो मैंने कहा कि 4 दिन बाद। फिर मैंने उनसे पूछा कि दीदी क्या हुआ कुछ टेंशन में हो? तो उन्होंने कहा कि चलो आज गार्डन जाते है, तो में खुश हो गया।

अब हम बाइक पर जा रहे थे, अब दीदी मेरे पीछे से चिपक कर बैठी थी, अब उनके बूब्स मुझे टच हो रहे थे। फिर हम पार्क पहुँचे तो वहाँ सब लवर्स ही थे, कुछ लोग किस कर रहे तो कुछ लोग घूम रहे थे। फिर मैंने दीदी से कहा कि चलो दीदी, कहीं और चलते है। फिर उन्होंने कहा कि नहीं, यहीं सही है।

अब में और दीदी वहाँ बैठकर दूसरो को देखकर मुस्कुरा रहे थे। फिर दीदी ने कहा कि कितना अच्छा गार्डन है, तो मैंने कहा कि हाँ। अब रात हो गयी थी तो अब पार्क बंद होने वाला था। फ़िर हम वहाँ से निकले। गार्डन से मेरा घर 10 किलोमीटर था और 2 किलोमीटर जाने के बाद वहाँ थोड़ा जंगल था तो दीदी ने कहा कि रुक, तो मैंने कहा कि क्यों?

तो दीदी ने कहा कि मुझे पेशाब करना है। फिर मैंने कहा कि आप करके आओ, तो उन्होंने कहा कि नहीं बहुत अंधेरा है, तो मैंने कहा कि यहीं कर लो, तो दीदी ने कहा कि ओके और वो वही पेशाब करने लगी। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर हम घर आए, अब दीदी खाना बना रही थी। फिर दीदी ने आवाज़ लगाई तो मैंने कहा कि क्या हुआ दीदी? तो दीदी ने कहा कि में टेबल से गिर गयी हूँ, तो में दीदी को उठाकर कमरे में लेकर गया। फिर दीदी ने कहा कि मेरी कमर पर थोड़ी मसाज कर दे, तो मैंने कहा कि ठीक है।

अब वो उल्टी सो गयी थी, उस समय उन्होंने नाइटी पहनी थी। फिर मैंने उन्हें कहा कि आप अपनी नाइटी उतार दो, तो उन्होंने अपनी नाइटी उतार दी, उन्होंने अंदर पीले कलर की पारदर्शी वाली ब्रा और पेंटी पहनी थी। अब मुझे उनकी गांड पूरी दिख रही थी और अब में उनकी मसाज कर रहा था।

फिर दीदी ने कहा कि थोड़ी कमर के ऊपर भी मसाज कर दे, तो मैंने कहा कि ये ब्रा का हुक बीच में आयेगा। फिर उन्होंने कहा कि खोल दो तो मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और अब में उनकी पूरी पीठ पर मालिश करने लगा था।

फिर दीदी ने कहा कि थोड़ी कमर के हल्का सा नीचे से भी कर दे। फिर में मालिश करने लगा। अब मेरा लंड पूरा टाईट हो गया था और अब में उनकी गांड पर अपने हाथ से टच कर रहा था। फिर दीदी ने कहा कि तुम मालिश बहुत अच्छी करते हो, ज़रा आगे भी कर दो तो दीदी सीधी लेट गयी।

अब मुझे उनके बूब्स साफ-साफ़ दिख रहे थे और उनके बूब्स बहुत गोरे और मोटे थे। अब मुझे उनकी चूत भी नज़र आ रही थी। फिर मैंने कहा कि दीदी तुम बहुत सेक्सी दिखती हो, तो दीदी ने कहा कि अच्छा और दीदी ने कहा कि थैंक्स। फिर दीदी ने कहा कि मेरे शरीर में से तुम्हें सबसे अच्छा क्या लगता है? तो मैंने कहा कि सब कुछ अच्छा लगता है, तुम्हारी आँखे, बाल और वो, तो दीदी ने कहा और वो क्या? तो मैंने कहा कि तुम्हारा फिगर, तो दीदी शरमा गयी।

फिर दीदी ने कहा कि तुम तो बहुत इन्जॉय करते हो, तो मैंने कहा कि कैसे? फिर दीदी ने कहा कि तुम तो हर रोज सेक्स करते हो, तो में शरमा गया और खड़ा हो गया। अब दीदी तो मेरे लंड को ही देख रही थी और वो झट से मेरा लंड पकड़कर बोलने लगी कि तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है। अब में भी यही चाहता था।

फिर में दीदी को किस करने लगा और अपने दोनों हाथों से दीदी के बूब्स दबा रहा था। अब दीदी भी मेरा साथ दे रही थी, फिर मैंने दीदी के बूब्स को चूसा तो अब दीदी कह रही थी कि चूसो चूसो और ज़ोर से चूसो मेरे भाई, आज तुम मेरी सेक्स की आग मिटा दो। अब में दीदी के बूब्स को बहुत बुरी तरह चूस रहा था।

फिर मैंने दीदी की पेंटी उतारी तो देखा कि दीदी की चूत के बाल बहुत बड़े थे। फिर में दीदी को बाथरूम में लेकर गया और उनकी चूत के बाल को साफ़ किया और नहाने लगे। फिर मैंने उनको पोछा और मेरे कमरे में लाकर बेड पर पटक दिया और उनको चाटने लगा। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

अब दीदी उनके हाथ से मेरा मुँह दबा रही थी और मोनिंग कर रही थी आआआहहहाहा ऑम्ग, बहुत अच्छे से चूसो, खा जाओ इस चूत को, इस चूत ने बहुत आग लगाई है और फिर दीदी मेरे मुँह में ही झड़ गयी, दीदी की चूत का टेस्ट बहुत अच्छा था।

फिर दीदी ने मेरा लंड देखा और सीधा चूसना चालू किया। अब में उनके मुँह को पकड़कर अंदर बाहर कर रहा था। फिर 10 मिनट के बाद में उनके मुँह में ही झड़ गया। फिर दीदी ने कहा कि सुमित अब रहा नहीं जा रहा है, अब तुम अपना लंड मेरी चूत में डाल दो, वरना में मर जाउंगी।

फिर मैंने उनको बेड पर लेटाया और उनकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और अपने लंड को उनकी चूत के बाहर रखकर दीदी को तड़पा रहा था। अब दीदी बहुत गुस्सा हो गयी और मुझे गाली देने लगी मादरचोद, बहनचोद डालना। तो मैंने कहा कि रूको, तो दीदी ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़कर अंदर डाल दिया, उनकी चूत बहुत टाइट थी, लेकिन वो वर्जिन नहीं थी।

अब में बहुत ज़ोर-ज़ोर से दीदी को झटके मार था, अब दीदी को बहुत दर्द हो रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद वो भी अपनी गांड उठा-उठाकर चुदवा रही थी और कह रही थी कि थैंक्स सुमित तूने आज मुझे असली सुख दिया है और इन्जॉय करते-करते चिल्ला रही थी यसयअसस्स्स्स्सस्स आहहा और ज़ोर से आआहहह्ह्ह अहहा यस ऐसे ही चोदो।

अब एक घंटे तक चोदने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने दीदी से कहा कि मेरा पानी निकलने वाला है, तो दीदी ने कहा कि अंदर ही छोड़ दो, तो मैंने कहा कि क्यों? तो दीदी बोली कि में तुम्हारे लंड से माँ बनना चाहती हूँ। फिर मैंने उसकी चूत के अंदर ही झाड़ दिया और तब तक वो 4 बार झड़ चुकी थी।

उस रात हमने अलग-अलग पोज़िशन में और अलग-अलग जगह किचन, बाथरूम, छत, सब जगह 4 बार सेक्स किया। अब रात के 3 बज गये थे तो हम सो गये। फिर सुबह हुई तो दरवाज़े की घंटी बज रही थी, दीदी अभी तक पूरी नंगी होकर सो रही थी और में भी पूरा नंगा होकर उनसे चिपक कर सो रहा था।

फिर मैंने उन्हें उठाया और कहा कि चादर ओढ़ लो में बाहर देखकर आता हूँ। फिर में बाहर गया तो दरवाज़े पर मेरी माँ थी। अब में डर गया था कि अब क्या होगा? अच्छा हुआ मैंने पेंट पहन ली थी। फिर मम्मी ने कहा कि काम पर नहीं गये, तो मैंने कहा कि आज छुट्टी है। आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर मैंने मम्मी से कहा कि तुम फ्रेश हो जाओ तब तक मैंने दीदी को उठा दिया और हम दोनों तैयार हो गये। फिर दीदी ने मुझे फ्रेंच किस किया और कहा कि थैंक्स। फिर ये सिलसिला अगले दिन 3 दिन तक चला। फिर मेरी पत्नी आ गयी तो मेरी दीदी नाराज़ हो गयी।

फिर एक महीना बीत जाने के बाद दीदी ने मम्मी से कहा कि चलो कहीं घूमने चलते है, तो मम्मी ने कहा कि तुम लोग जाओ, तो मैंने कहा कि ठीक है और मेरी पत्नी ने कहा कि में नहीं जाउंगी, क्योंकि वो प्रेग्नेंट हो गयी थी और ये सब हमारा ही प्लान था। फिर दीदी और में कहीं घूमने नहीं गये और हमने एक होटल में जाकर भरपूर सेक्स किया । के पाठको आपको मेरी कहानी कैसी लगी हमें जरुर बताये।

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